Genesis · chapter 3 · verse 16
Genesis 3:16 in Hindi
फिर स्त्री से उस ने कहा, मै तेरी पीड़ा और तेरे गर्भवती होने के दु:ख को बहुत बढ़ाऊंगा; तू पीड़ित होकर बालक उत्पन्न करेगी; और तेरी लालसा तेरे पति की ओर होगी, और वह तुझ पर प्रभुता करेगा।
Phir stree se us ne kahaa, mai teree peedaa aur tere garbhavatee hone ke du:kh ko bahut badhaaoongaa; too peedit hokar baalak utpann karegee; aur teree laalasaa tere pati kee or hogee, aur vah tujh par prabhutaa karegaa.
Genesis 3:16 in English
- King James Version (KJV)
- Unto the woman he said, I will greatly multiply thy sorrow and thy conception; in sorrow thou shalt bring forth children; and thy desire [shall be] to thy husband, and he shall rule over thee.
- World English Bible (WEB)
- To the woman he said, “I will greatly multiply your pain in childbirth. You will bear children in pain. Your desire will be for your husband, and he will rule over you.”
- American Standard Version (ASV)
- Unto the woman he said, I will greatly multiply thy pain and thy conception; in pain thou shalt bring forth children; and thy desire shall be to thy husband, and he shall rule over thee.
- Bible in Basic English (BBE)
- To the woman he said, Great will be your pain in childbirth; in sorrow will your children come to birth; still your desire will be for your husband, but he will be your master.
- Darby Translation (DBY)
- To the woman he said, I will greatly increase thy travail and thy pregnancy; with pain thou shalt bear children; and to thy husband shall be thy desire, and he shall rule over thee.
- Webster's Bible (WBS)
- To the woman he said, I will greatly multiply thy sorrow and thy conception; in sorrow thou shalt bring forth children: and thy desire [shall be] to thy husband, and he shall rule over thee.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Unto the woman He said, 'Multiplying I multiply thy sorrow and thy conception, in sorrow dost thou bear children, and toward thy husband [is] thy desire, and he doth rule over thee.'
Read in context
- 14तब यहोवा परमेश्वर ने सर्प से कहा, तू ने जो यह किया है इसलिये तू सब घरेलू पशुओं, और सब बनैले पशुओं से अधिक शापित है; तू पेट के बल चला करेगा, और जीवन भर मिट्टी चाटता रहेगा:
- 15और मै तेरे और इस स्त्री के बीच में, और तेरे वंश और इसके वंश के बीच में बैर उत्पन्न करूंगा, वह तेरे सिर को कुचल डालेगा, और तू उसकी एड़ी को डसेगा।
- 16फिर स्त्री से उस ने कहा, मै तेरी पीड़ा और तेरे गर्भवती होने के दु:ख को बहुत बढ़ाऊंगा; तू पीड़ित होकर बालक उत्पन्न करेगी; और तेरी लालसा तेरे पति की ओर होगी, और वह तुझ पर प्रभुता करेगा।
- 17और आदम से उस ने कहा, तू ने जो अपनी पत्नी की बात सुनी, और जिस वृक्ष के फल के विषय मै ने तुझे आज्ञा दी थी कि तू उसे न खाना उसको तू ने खाया है, इसलिये भूमि तेरे कारण शापित है: तू उसकी उपज जीवन भर दु:ख के साथ खाया करेगा:
- 18और वह तेरे लिये कांटे और ऊंटकटारे उगाएगी, और तू खेत की उपज खाएगा;
Cross references
- Titus 2:5 तीतुस 2:5और संयमी, पतिव्रता, घर का कारबार करनेवाली, भली और अपने अपने पति के आधीन रहनेवाली हों, ताकि परमेश्वर के वचन की निन्दा न होने पाए।
- Colossians 3:18 कुलुस्सियों 3:18हे पत्नियो, जेसा प्रभु में उचित है, वैसा ही अपने अपने पति के आधीन रहो।
- 1 Corinthians 11:3 1 कुरिन्थियों 11:3सो मैं चाहता हूं, कि तुम यह जान लो, कि हर एक पुरूष का सिर मसीह है: और स्त्री का सिर पुरूष है: और मसीह का सिर परमेश्वर है।
- Ephesians 5:22–24 इफिसियों 5:22–24हे पत्नियों, अपने अपने पति के ऐसे अधीन रहो, जैसे प्रभु के। क्योंकि पति पत्नी का सिर है जैसे कि मसीह कलीसिया का सिर है; और आप ही देह का उद्धारकर्ता है। पर जैसे कलीसिया मसही के आधीन है, वैसे ही पत्नियां भी हर बात में अपने अपने पति के आधीन रहें।
- 1 Corinthians 14:34 1 कुरिन्थियों 14:34स्त्रियां कलीसिया की सभा में चुप रहें, क्योंकि उन्हें बातें करने की आज्ञा नहीं, परन्तु आधीन रहने की आज्ञा है: जैसा व्यवस्था में लिखा भी है।
- 1 Timothy 2:15 1 तीमुथियुस 2:15तौभी बच्चे जनने के द्वारा उद्धार पाएंगी, यदि वे संयम सहित विश्वास, प्रेम, और पवित्राता में स्थिर रहें।।
- 1 Timothy 2:11–12 1 तीमुथियुस 2:11–12और स्त्री को चुपचाप पूरी आधीनता में सीखना चाहिए। और मैं कहता हूं, कि स्त्री न उपदेश करे, और न पुरूष पर आज्ञा चलाए, परन्तु चुपचाप रहे।
- John 16:21 यूहन्ना 16:21जब स्त्री जनने लगती है तो उस को शोक होता है, क्योंकि उस की दु:ख की घड़ी आ पहुंची, परन्तु जब वह बालक जन्म चुकी तो इस आनन्द से कि जगत में एक मनुष्य उत्पन्न हुआ, उस संकट को फिर स्मरण नहीं करती।
- 1 Corinthians 7:4 1 कुरिन्थियों 7:4पत्नी को अपनी देह पर अधिकार नहीं पर उसके पति का अधिकार है; वैसे ही पति को भी अपनी देह पर अधिकार नहीं, परन्तु पत्नी को।
- Genesis 4:7 उत्पत्ति 4:7यदि तू भला करे, तो क्या तेरी भेंट ग्रहण न की जाएगी? और यदि तू भला न करे, तो पाप द्वार पर छिपा रहता है, और उसकी लालसा तेरी और होगी, और तू उस पर प्रभुता करेगा।
- 1 Peter 3:1–6 1 पतरस 3:1–6हे पत्नियों, तुम भी अपने पति के आधीन रहो। इसलिये कि यदि इन में से कोई ऐसे हो जो वचन को न मानते हों, तौभी तुम्हारे भय सहित पवित्रा चालचलन को देखकर बिना वचन के अपनी अपनी पत्नी के चालचलन के द्वारा खिंच जाएं। और तुम्हारा सिंगार, दिखावटी न हो, अर्थात् बाल गूंथने, और सोने के गहने, या भांति भांति के कपड़े पहिनना। बरन तुम्हारा छिपा हुआ और गुप्त मनुष्यत्व, नम्रता और मन की दीनता की अविनाशी सजावट से सुसज्जित रहे, क्योंकि परमेश्वर की दृष्टि में इसका मूल्य बड़ा है। और पूर्वकाल में पवित्रा स्त्रियां भी, जो परमेश्वर पर आशा रखती थीं, अपने आप को इसी रीति से संवारती और अपने अपने पति के आधीन रहती थीं। जैसे सारा इब्राहीम की आज्ञा में रहती और उसे स्वामी कहती थी: सो तुम भी यदि भलाई करो, और किसी प्रकार के भय से भयभीत न हो तो उस की बेंटियां ठहरोगी।।
- Jeremiah 6:24 यिर्मयाह 6:24इसका समाचार सुनते ही हमारे हाथ ढीले पड़ गए हैं; हम संकट में पड़े हैं; जच्चा की सी पीड़ा हम को उठी है।
Original words (Hebrew)
- woman · H802אִשָּׁה ʼishshâh
- said · H559אָמַר ʼâmar
- greatly · H7235רָבָה râbâh
- multiply · H7235רָבָה râbâh
- sorrow · H6093עִצָּבוֹן ʻitstsâbôwn
- conception · H2032הֵרוֹן hêrôwn
- sorrow · H6089עֶצֶב ʻetseb
- forth · H3205יָלַד yâlad
- children · H1121בֵּן bên
- desire · H8669תְּשׁוּקָה tᵉshûwqâh
- husband · H376אִישׁ ʼîysh
- rule · H4910מָשַׁל mâshal