Genesis · chapter 30 · verse 27
Genesis 30:27 in Hindi
लाबान ने उस से कहा, यदि तेरी दृष्टि में मैं ने अनुग्रह पाया है, तो रह जा: क्योंकि मैं ने अनुभव से जान लिया है, कि यहोवा ने तेरे कारण से मुझे आशीष दी है।
Laabaan ne us se kahaa, yadi teree drushti mem maim ne anugrah paayaa hai, to rah jaa: kyonki maim ne anubhav se jaan liyaa hai, ki yahovaa ne tere kaaran se mujhe aasheesh dee hai.
Genesis 30:27 in English
- King James Version (KJV)
- And Laban said unto him, I pray thee, if I have found favour in thine eyes, [tarry: for] I have learned by experience that the LORD hath blessed me for thy sake.
- World English Bible (WEB)
- Laban said to him, “If now I have found favor in your eyes, stay here, for I have divined that the LORD has blessed me for your sake.”
- American Standard Version (ASV)
- And Laban said unto him, If now I have found favor in thine eyes, [tarry]: [for] I have divined that Jehovah hath blessed me for thy sake.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Laban said, If you will let me say so, do not go away; for I have seen by the signs that the Lord has been good to me because of you.
- Darby Translation (DBY)
- And Laban said to him, I pray thee, if I have found favour in thine eyes — I have discovered that Jehovah has blessed me for thy sake.
- Webster's Bible (WBS)
- And Laban said to him, I pray thee, if I have found favor in thine eyes, [tarry: for] I have learned by experience, that the LORD hath blessed me for thy sake.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Laban saith unto him, 'If, I pray thee, I have found grace in thine eyes — I have observed diligently that Jehovah doth bless me for thy sake.'
Read in context
- 25जब राहेल से यूसुफ उत्पन्न हुआ, तब याकूब ने लाबान से कहा, मुझे विदा कर, कि मैं अपने देश और स्थान को जाऊं।
- 26मेरी स्त्रियां और मेरे लड़के- बाले, जिनके लिये मैं ने तेरी सेवा की है, उन्हें मुझे दे, कि मैं चला जाऊं; तू तो जानता है कि मैं ने तेरी कैसी सेवा की है।
- 27लाबान ने उस से कहा, यदि तेरी दृष्टि में मैं ने अनुग्रह पाया है, तो रह जा: क्योंकि मैं ने अनुभव से जान लिया है, कि यहोवा ने तेरे कारण से मुझे आशीष दी है।
- 28फिर उस ने कहा, तू ठीक बता कि मैं तुझ को क्या दूं, और मैं उसे दूंगा।
- 29उस ने उस से कहा तू जानता है कि मैं ने तेरी कैसी सेवा की, और तेरे पशु मेरे पास किस प्रकार से रहे।
Cross references
- Genesis 26:24 उत्पत्ति 26:24और उसी दिन यहोवा ने रात को उसे दर्शन देकर कहा, मैं तेरे पिता इब्राहीम का परमेश्वर हूं; मत डर, क्योंकि मैं तेरे साथ हूं, और अपने दास इब्राहीम के कारण तुझे आशीष दूंगा, और तेरा वंश बढ़ाऊंगा
- Acts 7:10 प्रेरितों के काम 7:10और उसे उसके सब क्लेशों से छुड़ाकर मिसर के राजा फिरौन के आगे अनुग्रह और बुद्धि दी, और उस ने उसे मिसर पर और अपने सारे घर पर हाकिम ठहराया।
- Ruth 2:13 रूत 2:13उस ने कहा, हे मेरे प्रभु, तेरे अनुग्रह की दृष्टि मुझ पर बनी रहे, क्योंकि यद्यपि मैं तेरी दासियों में से किसी के भी बराबर नहीं हूं, तौभी तू ने अपनी दासी के मन में पैठनेवाली बातें कहकर मुझे शान्ति दी है।
- Isaiah 61:9 यशायाह 61:9उनका वंश अन्यजातियों में और उनकी सन्तान देश देश के लोगों के बीच प्रसिद्ध होगी; जितने उनको देखेंगे, पहिचान लेंगे कि यह वह वंश है जिसको परमेश्वर ने आशीष दी है।।
- Genesis 39:21–23 उत्पत्ति 39:21–23पर यहोवा यूसुफ के संग संग रहा, और उस पर करूणा की, और बन्दीगृह के दरोगा के अनुग्रह की दृष्टि उस पर हुई। सो बन्दीगृह के दरोगा ने उन सब बन्धुओं को, जो कारागार में थे, यूसुफ के हाथ में सौप दिया; और जो जो काम वे वहां करते थे, वह उसी की आज्ञा से होता था। बन्दीगृह के दरोगा के वश में जो कुछ था; क्योंकि उस में से उसको कोई भी वस्तु देखनी न पड़ती थी; इसलिये कि यहोवा यूसुफ के साथ था; और जो कुछ वह करता था, यहोवा उसको उस में सफलता देता था।
- Exodus 3:21 निर्गमन 3:21तब मैं मिस्त्रियों से अपनी इस प्रजा पर अनुग्रह करवाऊंगा; और जब तुम निकलोगे तब छूछे हाथ न निकलोगे।
- Genesis 39:2–5 उत्पत्ति 39:2–5और यूसुफ अपने मिद्दी स्वामी के घर में रहता था, और यहोवा उसके संग था; सो वह भाग्यवान् पुरूष हो गया। और यूसुफ के स्वामी ने देखा, कि यहोवा उसके संग रहता है, और जो काम वह करता है उसको यहोवा उसके हाथ से सुफल कर देता है। तब उसकी अनुग्रह की दृष्टि उस पर हुई, और वह उसकी सेवा टहल करने के लिये नियुक्त किया गया: फिर उस ने उसको अपने घर का अधिकारी बनाके अपना सब कुछ उसके हाथ में सौप दिया। और जब से उस ने उसको अपने घर का और अपनी सारी सम्पत्ति का अधिकारी बनाया, तब से यहोवा यूसुफ के कारण उस मिद्दी के घर पर आशीष देने लगा; और क्या घर में, क्या मैदान में, उसका जो कुछ था, सब पर यहोवा की आशीष होने लगी।
- Genesis 12:3 उत्पत्ति 12:3और जो तुझे आशीर्वाद दें, उन्हें मैं आशीष दूंगा; और जो तुझे कोसे, उसे मैं शाप दूंगा; और भूमण्डल के सारे कुल तेरे द्वारा आशीष पाएंगे।
- Genesis 47:25 उत्पत्ति 47:25उन्हों ने कहा, तू ने हमको बचा लिया है: हमारे प्रभु के अनुग्रह की दृष्टि हम पर बनी रहे, और हम फिरौन के दास होकर रहेंगे।
- Genesis 30:30 उत्पत्ति 30:30मेरे अपने से पहिले वे कितने थे, और अब कितने हो गए हैं; और यहोवा ने मेरे आने पर तुझे तो आशीष दी है: पर मैं अपने घर का काम कब करने पाऊंगा?
- Genesis 18:3 उत्पत्ति 18:3हे प्रभु, यदि मुझ पर तेरी अनुग्रह की दृष्टि है तो मैं बिनती करता हूं, कि अपने दास के पास से चले न जाना।
- 1 Kings 11:19 1 राजा 11:19और हदद पर फ़िरौन की बड़े अनुग्रह की दृष्टि हुई, और उस ने उसको अपनी साली अर्थात् तहपनेस रानी की बहिन ब्याह दी।