Genesis · chapter 30 · verse 25
Genesis 30:25 in Hindi
जब राहेल से यूसुफ उत्पन्न हुआ, तब याकूब ने लाबान से कहा, मुझे विदा कर, कि मैं अपने देश और स्थान को जाऊं।
Jab raahel se yoosuph utpann huaa, tab yaakoob ne laabaan se kahaa, mujhe vidaa kar, ki maim apane desh aur sthaan ko jaaoon.
Genesis 30:25 in English
- King James Version (KJV)
- And it came to pass, when Rachel had born Joseph, that Jacob said unto Laban, Send me away, that I may go unto mine own place, and to my country.
- World English Bible (WEB)
- When Rachel had borne Joseph, Jacob said to Laban, “Send me away, that I may go to my own place, and to my country.
- American Standard Version (ASV)
- And it came to pass, when Rachel had borne Joseph, that Jacob said unto Laban, Send me away, that I may go unto mine own place, and to my country.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now after the birth of Joseph, Jacob said to Laban, Let me go away to my place and my country.
- Darby Translation (DBY)
- And it came to pass when Rachel had borne Joseph, that Jacob said to Laban, Send me away, that I may go to my place and to my country.
- Webster's Bible (WBS)
- And it came to pass, when Rachel had borne Joseph, that Jacob said to Laban, Send me away, that I may go to my own place, and to my country.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And it cometh to pass, when Rachel hath borne Joseph, that Jacob saith unto Laban, 'Send me away, and I go unto my place, and to my land;
Read in context
- 23सो वह गर्भवती हुई और उसके एक पुत्रा उत्पन्न हुआ; सो उस ने कहा, परमेश्वर ने मेरी नामधराई को दूर कर दिया है।
- 24सो उस ने यह कहकर उसका नाम यूसुफ रखा, कि परमेश्वर मुझे एक पुत्रा और भी देगा।
- 25जब राहेल से यूसुफ उत्पन्न हुआ, तब याकूब ने लाबान से कहा, मुझे विदा कर, कि मैं अपने देश और स्थान को जाऊं।
- 26मेरी स्त्रियां और मेरे लड़के- बाले, जिनके लिये मैं ने तेरी सेवा की है, उन्हें मुझे दे, कि मैं चला जाऊं; तू तो जानता है कि मैं ने तेरी कैसी सेवा की है।
- 27लाबान ने उस से कहा, यदि तेरी दृष्टि में मैं ने अनुग्रह पाया है, तो रह जा: क्योंकि मैं ने अनुभव से जान लिया है, कि यहोवा ने तेरे कारण से मुझे आशीष दी है।
Cross references
- Genesis 24:54 उत्पत्ति 24:54तब उस ने अपने संगी जनों समेत भोजन किया, और रात वहीं बिताई: और तड़के उठकर कहा, मुझ को अपने स्वामी के पास जाने के लिये विदा करो।
- Genesis 24:56 उत्पत्ति 24:56उस ने उन से कहा, यहोवा ने जो मेरी यात्रा को सुफल किया है; सो तुम मुझे मत रोको अब मुझे विदा कर दो, कि मैं अपने स्वामी के पास जाऊं।
- Genesis 28:13 उत्पत्ति 28:13और यहोवा उसके ऊपर खड़ा होकर कहता है, कि मैं यहोवा, तेरे दादा इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का भी परमेश्वर हूं: जिस भूमि पर तू पड़ा है, उसे मैं तुझ को और तेरे वंश को दूंगा।
- Genesis 31:13 उत्पत्ति 31:13मैं उस बेतेल का ईश्वर हूं, जहां तू ने एक खम्भे पर तेल डाल दिया, और मेरी मन्नत मानी थी: अब चल, इस देश से निकलकर अपनी जन्मभूमि को लौट जा।
- Genesis 31:55 उत्पत्ति 31:55बिहान को लाबान तड़के उठा, और अपने बेटे बेटियों को चूमकर और आशीर्वाद देकर चल दिया, और अपने स्थान को लौट गया।
- Genesis 26:3 उत्पत्ति 26:3तू इसी देश में रह, और मैं तेरे संग रहूंगा, और तुझे आशीष दूंगा; और ये सब देश मैं तुझ को, और तेरे वंश को दूंगा; और जो शपथ मैं ने तेरे पिता इब्राहीम से खाई थी, उसे मैं पूरी करूंगा।
- Genesis 18:33 उत्पत्ति 18:33जब यहोवा इब्राहीम से बातें कर चुका, तब चला गया: और इब्राहीम अपने घर को लौट गया।।
- Acts 7:4–5 प्रेरितों के काम 7:4–5तब वह कसदियों के देश से निकलकर हारान में जा बसा; और उसके पिता की मृत्यु के बाद परमेश्वर ने उस को वहां से इस देश में लाकर बसाया जिस में अब तुम बसते हो। और उस को कुछ मीरास वरन पैर रखने भर की भी उस में जगह न दी, परन्तु प्रतिज्ञा की कि मैं यह देश, तेरे और तेरे बाद तेरे वंश के हाथ कर दूंगा; यद्यपि उस समय उसके कोई पुत्र भी न था।
- Genesis 24:6–7 उत्पत्ति 24:6–7इब्राहीम ने उस से कहा, चौकस रह, मेरे पुत्रा को वहां कभी न ले जाना। स्वर्ग का परमेश्वर यहोवा, जिस ने मुझे मेरे पिता के घर से और मेरी जन्मभूमि से ले आकर मुझ से शपथ खाकर कहा, कि मैं यह देश तेरे वंश को दूंगा; वही अपना दूत तेरे आगे आगे भेजेगा, कि तू मेरे पुत्रा के लिये वहां से एक स्त्री ले आए।
- Genesis 28:15 उत्पत्ति 28:15और सुन, मैं तेरे संग रहूंगा, और जहां कहीं तू जाए वहां तेरी रक्षा करूंगा, और तुझे इस देश में लौटा ले आऊंगा: मैं अपने कहे हुए को जब तक पूरा न कर लूं तब तक तुझ को न छोडूंगा।
- Genesis 27:44–45 उत्पत्ति 27:44–45और थोड़े दिन तक, अर्थात् जब तक तेरे भाई का क्रोध न उतरे तब तक उसी के पास रहना। फिर जब तेरे भाई का क्रोध ने उतरे, और जो काम तू ने उस से किया है उसको वह भूल जाए; तब मैं तुझे वहां से बुलवा भेजूंगी: ऐसा क्यों हो कि एक ही दिन में मुझे तुम दोनों से रहित होना पड़े?
- Hebrews 11:15–16 इब्रानियों 11:15–16और जिस देश से वे निकल आए थे, यदि उस की सुधि करते तो उन्हें लौट जाने का अवसर था। पर वे एक उत्तम अर्थात् स्वर्गीय देश के अभिलाषी हैं, इसी लिये परमेश्वर उन का परमेश्वर कहलाने में उन से नहीं लजाता, सो उस ने उन के लिये एक नगर तैयार किया है।।