Genesis · chapter 43 · verse 30
Genesis 43:30 in Hindi
तब अपने भाई के स्नेह से मन भर आने के कारण और यह सोचकर, कि मैं कहां जाकर रोऊं, यूसुफ फुर्ती से अपनी कोठरी में गया, और वहां रो पड़ा।
Tab apane bhaaee ke sneh se man bhar aane ke kaaran aur yah sochakar, ki maim kahaam jaakar rooom, yoosuph phurtee se apanee kotharee mem gayaa, aur vahaam ro padaa.
Genesis 43:30 in English
- King James Version (KJV)
- And Joseph made haste; for his bowels did yearn upon his brother: and he sought [where] to weep; and he entered into [his] chamber, and wept there.
- World English Bible (WEB)
- Joseph hurried, for his heart yearned over his brother; and he sought a place to weep. He entered into his room, and wept there.
- American Standard Version (ASV)
- And Joseph made haste; for his heart yearned over his brother: and he sought where to weep; and he entered into his chamber, and wept there.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then Joseph's heart went out to his brother, and he went quickly into his room, for he was overcome with weeping.
- Darby Translation (DBY)
- And Joseph made haste, for his bowels burned for his brother; and he sought [a place] to weep, and he went into the chamber, and wept there.
- Webster's Bible (WBS)
- And Joseph made haste; for his bowels yearned towards his brother: and he sought [where] to weep; and he entered into [his] chamber, and wept there.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Joseph hasteth, for his bowels have been moved for his brother, and he seeketh to weep, and entereth the inner chamber, and weepeth there;
Read in context
- 28उन्हों ने कहा, हां तेरा दास हमारा पिता कुशल से है और अब तक जीवित है; तब उन्हों ने सिर झुकाकर फिर दण्डवत् किया।
- 29तब उस ने आंखे उठाकर और अपने सगे भाई बिन्यामीन को देखकर पूछा, क्या तुम्हारा वह छोटा भाई, जिसकी चर्चा तुम ने मुझ से की थी, यही है? फिर उस ने कहा, हे मेरे पुत्रा, परमेश्वर तुझ पर अनुग्रह करे।
- 30तब अपने भाई के स्नेह से मन भर आने के कारण और यह सोचकर, कि मैं कहां जाकर रोऊं, यूसुफ फुर्ती से अपनी कोठरी में गया, और वहां रो पड़ा।
- 31फिर अपना मुंह धोकर निकल आया, और अपने को शांत कर कहा, भोजन परोसो।
- 32तब उन्हों ने उसके लिये तो अलग, और भाइयों के लिये भी अलग, और जो मिद्दी उसके संग खाते थे, उनके लिये भी अलग, भोजन परोसा; इसलिये कि मिद्दी इब्रियों के साथ भोजन नहीं कर सकते, वरन मिद्दी ऐसा करना घृणा समझते थे।
Cross references
- Genesis 42:24 उत्पत्ति 42:24और इन पतली बालों ने उन सात अच्छी अच्छी बालों को निगल लिया। इसे मैं ने ज्योतिषियों को बताया, पर इस का समझनेहारा कोई नहीं मिला।
- Jeremiah 31:20 यिर्मयाह 31:20क्या एप्रैम मेरा प्रिय पुत्र नहीं है? क्या वह मेरा दुलारा लड़का नहीं है? जब जब मैं उसके विरुद्ध बातें करता हूं, तब तब मुझे उसका स्मरण हो आता है। इसलिये मेरा मन उसके कारण भर आता है; और मैं निश्चय उस पर दया करूंगा, यहोवा की यही वाणी है।
- Genesis 45:14–15 उत्पत्ति 45:14–15और वह अपने भाई बिन्यामीन के गले से लिपटकर रोया; और बिन्यामीन भी उसके गले से लिपटकर रोया। तब वह अपने सब भाइयों को चूमकर उन से मिलकर रोया: और इसके पश्चात् उसके भाई उस से बातें करने लगे।।
- Philippians 1:8 फिलिप्पियों 1:8इस में परमेश्वर मेरा गवाह है, कि मैं मसीह यीशु की सी प्रीति करके तुम सब की लालसा करता हूं।
- John 11:33–38 यूहन्ना 11:33–38जब यीशु न उस को और उन यहूदियों को जो उसके साथ आए थे रोते हुए देखा, तो आत्मा में बहुत ही उदास हुआ, और घबरा कर कहा, तुम ने उसे कहां रखा है? उन्हों ने उस से कहा, हे प्रभु, चलकर देख ले। यीशु के आंसू बहने लगे। तब यहूदी कहने लगे, देखो, वह उस से कैसी प्रीति रखता था। परन्तु उन में से कितनों ने कहा, क्या यह जिस ने अन्धे की आंखें खोली, यह भी न कर सका कि यह मनुष्य न मरता? यीशु मन में फिर बहुत ही उदास होकर कब्र पर आया, वह एक गुफा थी, और एक पत्थर उस पर धरा था।
- Hosea 11:8 होशे 11:8हे एप्रैम, मैं तुझे क्योंकि छोड़ दूं? हे इस्राएल, मैं क्योंकर तुझे शत्रु के वश में कर दूं? मैं क्योंकर तुझे अदमा की नाई छोड़ दूं, और सबोयीम के समान कर दूं? मेरा हृदय तो उलट पुलट हो गया, मेरा मन स्नेह के मारे पिघल गया है।
- Genesis 45:2 उत्पत्ति 45:2तब वह चिल्ला चिल्लाकर रोने लगा: और मिस्त्रियों ने सुना, और फिरौन के घर के लोगों को भी इसका समाचार मिला।
- Philippians 2:1 फिलिप्पियों 2:1सो यदि मसीह में कुछ शान्ति और प्रेम से ढाढ़स और आत्मा की सहभागिता, और कुछ करूणा और दया है।
- 1 Kings 3:26 1 राजा 3:26तब जीवित बालक की माता का मन अपने बेटे के स्नेह से भर आया, और उस ने राजा से कहा, हे मेरे प्रभु! जीवित बालक उसी को दे; परन्तु उसको किसी भांति न मार। दूसरी स्त्री ने कहा, वह न तो मेरा हो और न तेरा, वह दो टुकड़े किया जाए।
- Colossians 3:12 कुलुस्सियों 3:12इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्रा और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो।
- 2 Timothy 1:4 2 तीमुथियुस 1:4और तेरे आंसुओं की सुधि कर करके रात दिन तुझ से भेंट करने की लालसा रखता हूं कि आनन्द से भर जाऊं।
- 1 John 3:17 1 यूहन्ना 3:17पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देखकर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है?