Genesis · chapter 49 · verse 24
Genesis 49:24 in Hindi
पर उसका धनुष दृढ़ रहा, और उसकी बांह और हाथ याकूब के उसी शक्तिमान ईश्वर के हाथों के द्वारा फुर्तीले हुए, जिसके पास से वह चरवाहा आएगा, जो इस्राएल का पत्थर भी ठहरेगा।।
Par usakaa dhanush drudh rahaa, aur usakee baanh aur haath yaakoob ke usee shaktimaan eeshvar ke haathom ke dvaaraa phurteele hue, jisake paas se vah charavaahaa aaegaa, jo israael kaa patthar bhee thaharegaa..
Genesis 49:24 in English
- King James Version (KJV)
- But his bow abode in strength, and the arms of his hands were made strong by the hands of the mighty [God] of Jacob; (from thence [is] the shepherd, the stone of Israel:)
- World English Bible (WEB)
- But his bow remained strong. The arms of his hands were made strong, by the hands of the Mighty One of Jacob, (from there is the shepherd, the stone of Israel),
- American Standard Version (ASV)
- But his bow abode in strength, And the arms of his hands were made strong, By the hands of the Mighty One of Jacob (From thence is the shepherd, the stone of Israel),
- Bible in Basic English (BBE)
- But their bows were broken by a strong one, and the cords of their arms were cut by the Strength of Jacob, by the name of the Stone of Israel:
- Darby Translation (DBY)
- But his bow abideth firm, And the arms of his hands are supple By the hands of the Mighty One of Jacob. From thence is the shepherd, the stone of Israel:
- Webster's Bible (WBS)
- But his bow abode in strength, and the arms of his hands were made strong by the hands of the mighty [God] of Jacob: from thence [is] the shepherd the stone of Israel:
- Young's Literal Translation (YLT)
- And his bow abideth in strength, And strengthened are the arms of his hands By the hands of the Mighty One of Jacob, Whence is a shepherd, a son of Israel.
Read in context
- 22यूसुफ बलवन्त लता की एक शाखा है, वह सोते के पास लगी हुई फलवन्त लता की एक शाखा है; उसकी डालियां भीत पर से चढ़कर फैल जाती हैं।।
- 23धनुर्धारियों ने उसको खेदित किया, और उस पर तीर मारे, और उसके पीछे पड़े हैं।।
- 24पर उसका धनुष दृढ़ रहा, और उसकी बांह और हाथ याकूब के उसी शक्तिमान ईश्वर के हाथों के द्वारा फुर्तीले हुए, जिसके पास से वह चरवाहा आएगा, जो इस्राएल का पत्थर भी ठहरेगा।।
- 25यह तेरे पिता के उस ईश्वर का काम है, जो तेरी सहायता करेगा, उस सर्वशक्तिमान को जो तुझे ऊपर से आकाश में की आशीषें, और नीचे से गहिरे जल में की आशीषें, और स्तनों, और गर्भ की आशीषें देगा।।
- 26तेरे पिता के आशीर्वाद मेरे पितरों के आशीर्वाद से अधिक बढ़ गए हैं और सनातन पहाड़ियों की मन- चाही वस्तुओं की नाई बने रहेंगे: वे यूसुफ के सिर पर, जो अपने भाइयों में से न्यारा हुआ, उसी के सिर के मुकुट पर फूले फलेंगे।।
Cross references
- Psalm 132:2 भजन संहिता 132:2उस ने यहोवा से शपथ खाई, और याकूब के सर्वशक्तिमान की मन्नत मानी है,
- Isaiah 28:16 यशायाह 28:16इसलिये प्रभु यहोवा यों कहता है, देखो, मैं ने सिरयोन में नेव का पत्थर रखा है, एक परखा हुआ पत्थर, कोने का अनमोल और अति दृढ़ नेव के योग्य पत्थर: और जो कोई विश्वास रखे वह उतावली न करेगा।
- Psalm 132:5 भजन संहिता 132:5जब तक मैं यहोवा के लिये एक स्थान, अर्थात् याकूब के सर्वशक्तिमान के लिये निवास स्थान न पाऊं।।
- Psalm 80:1 भजन संहिता 80:1हे इस्त्राएल के चरवाहे, तू जो यूसुफ की अगुवाई भेड़ों की सी करता है, कान लगा! तू जो करूबों पर विराजमान है, अपना तेज दिखा!
- Job 29:20 अय्यूब 29:20मेरी महिमा ज्यों की त्यों बनी रहेगी, और मेरा धनुष मेरे हाथ में सदा नया होता जाएगा।
- Psalm 18:30 भजन संहिता 18:30ईश्वर का मार्ग सच्चाई; यहोवा का वचन ताया हुआ है; वह अपने सब शरणागतों की ढाल है।।
- 2 Timothy 4:17 2 तीमुथियुस 4:17परन्तु प्रभु मेरा सहायक रहा, और मुझे सामर्थ दी: ताकि मेरे द्वारा पूरा पूरा प्रचार हो, और सब अन्यजाति सुन ले; और मैं तो सिंह के मुंह से छुड़ाया गया।
- Genesis 35:10–11 उत्पत्ति 35:10–11और परमेश्वर ने उस से कहा, अब तक तो तेरा नाम याकूब रहा है; पर आगे को तेरा नाम याकूब न रहेगा, तू इस्राएल कहलाएगा: फिर परमेश्वर ने उस से कहा, मैं सर्वशक्तिमान ईश्वर हूं: तू फूले- फले और बढ़े; और तुझ से एक जाति वरन जातियों की एक मण्डली भी उत्पन्न होगी, और तेरे वंश में राजा उत्पन्न होंगे।
- Psalm 118:22 भजन संहिता 118:22राजमिस्त्रियों ने जिस पत्थर को निकम्मा ठहराया था वही कोने का सिरा हो गया है।
- Genesis 47:12 उत्पत्ति 47:12और यूसुफ अपने पिता का, और अपने भाइयों का, और पिता के सारे घराने का, एक एक के बालबच्चों के घराने की गिनती के अनुसार, भोजन दिला दिलाकर उनका पालन पोषण करने लगा।।
- Romans 14:4 रोमियों 14:4तू कौन है जो दूसरे के सेवक पर दोष लगाता है? उसक स्थिर रहता या गिर जाना उसके स्वामी ही से सम्बन्ध रखता है, बरन वह स्थिर ही कर दिया जाएगा; क्योंकि प्रभु उसे स्थिर रख सकता है।
- Psalm 44:7 भजन संहिता 44:7परन्तु तू ही ने हम को द्रोहियों से बचाया है, और हमारे बैरियों को निराश और लज्जित किया है।
Original words (Hebrew)
- bow · H7198קֶשֶׁת qesheth
- abode · H3427יָשַׁב yâshab
- strength · H386אֵיתָן ʼêythân
- arms · H2220זְרוֹעַ zᵉrôwaʻ
- hands · H3027יָד yâd
- strong · H6339פָּזַז pâzaz
- hands · H3027יָד yâd
- mighty · H46אָבִיר ʼâbîyr
- Jacob · H3290יַעֲקֹב Yaʻăqôb
- shepherd · H7462רָעָה râʻâh
- stone · H68אֶבֶן ʼeben
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl