Genesis · chapter 47 · verse 12
Genesis 47:12 in Hindi
और यूसुफ अपने पिता का, और अपने भाइयों का, और पिता के सारे घराने का, एक एक के बालबच्चों के घराने की गिनती के अनुसार, भोजन दिला दिलाकर उनका पालन पोषण करने लगा।।
Aur yoosuph apane pitaa kaa, aur apane bhaaiyom kaa, aur pitaa ke saare gharaane kaa, ek ek ke baalabachchom ke gharaane kee ginatee ke anusaar, bhojan dilaa dilaakar unakaa paalan poshan karane lagaa..
Genesis 47:12 in English
- King James Version (KJV)
- And Joseph nourished his father, and his brethren, and all his father’s household, with bread, according to [their] families.
- World English Bible (WEB)
- Joseph provided his father, his brothers, and all of his father’s household with bread, according to the sizes of their families.
- American Standard Version (ASV)
- And Joseph nourished his father, and his brethren, and all his father’s household, with bread, according to their families.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Joseph took care of his father and his brothers and all his father's people, giving them food for the needs of their families.
- Darby Translation (DBY)
- And Joseph maintained his father, and his brethren, and all his father's household, with bread, according to the number of the little ones.
- Webster's Bible (WBS)
- And Joseph nourished his father, and his brethren, and all his father's household, with bread according to [their] families.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Joseph nourisheth his father, and his brethren, and all the house of his father [with] bread, according to the mouth of the infants.
Read in context
- 10और याकूब फिरौन को आशीर्वाद देकर उसके सम्मुख से चला गया।
- 11तब यूसुफ ने अपने पिता और भाइयों को बसा दिया, और फिरौन की आज्ञा के अनुसार मि देश के अच्छे से अच्छे भाग में, अर्थात् रामसेस नाम देश में, भूमि देकर उनको सौंप दिया।
- 12और यूसुफ अपने पिता का, और अपने भाइयों का, और पिता के सारे घराने का, एक एक के बालबच्चों के घराने की गिनती के अनुसार, भोजन दिला दिलाकर उनका पालन पोषण करने लगा।।
- 13और उस सारे देश में खाने को कुछ न रहा; क्योंकि अकाल बहुत भारी था, और अकाल के कारण मि और कनान दोनों देश नाश हो गए।
- 14और जितना रूपया मि और कनान देश में था, सब को यूसुफ ने उस अन्न की सन्ती जो उनके निवासी मोल लेते थे इकट्ठा करके फिरौन के भवन में पहुंचा दिया।
Cross references
- Genesis 45:11 उत्पत्ति 45:11और अकाल के जो पांच वर्ष और होंगे, उन में मै वहीं तेरा पालन पोषण करूंगा; ऐसा न हो कि तू, और तेरा घराना, वरन जितने तेरे हैं, सो भूखों मरें।
- Exodus 20:12 निर्गमन 20:12तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना, जिस से जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उस में तू बहुत दिन तक रहने पाए।।
- 1 Thessalonians 2:7 1 थिस्सलुनीकियों 2:7परन्तु जिस तरह माता अपने बालकों का पालन- पोषण करती है, वैसे ही हम ने भी तुम्हारे बीच में रहकर कोमलता दिखाई है।
- Matthew 15:4–6 मत्ती 15:4–6क्योंकि परमेश्वर ने कहा था, कि अपने पिता और अपनी माता का आदर करना: और जो कोई पिता या माता को बुरा कहे, वह मार डाला जाए। पर तुम कहते हो, कि यदि कोई अपने पिता या माता से कहे, कि जो कुछ तुझे मुझ से लाभ पहुंच सकता था, वह परमेश्वर को भेंट चढ़ाई जा चुकी। तो वह अपने पिता का आदर न करे, सो तुम ने अपनी रीतों के कारण परमेश्वर का वचन टाल दिया।
- Genesis 47:24 उत्पत्ति 47:24और जो कुछ उपजे उसका पंचमांश फिरौन को देना, बाकी चार अंश तुम्हारे रहेंगे, कि तुम उसे अपने खेतों मंे बोओ, और अपने अपने बालबच्चों और घर के और लोगों समेत खाया करो।
- Ruth 4:15 रूत 4:15और यह तेरे जी में जी ले आनेवाला और तेरा बुढ़ापे में पालनेवाला हो, क्योंकि तेरी बहू जो तुझ से प्रेम रखती और सात बेटों से भी तेरे लिये श्रेष्ठ है उसी का यह बेटा है।
- Genesis 47:1 उत्पत्ति 47:1तब यूसुफ ने फिरौन के पास जाकर यह समाचार दिया, कि मेरा पिता और मेरे भाई, और उनकी भेड़- बकरियां, गाय- बैल और जो कुछ उनका है, सब कनान देश से आ गया है; और अभी तो वे गोशेन देश में हैं।
- 1 Timothy 5:4 1 तीमुथियुस 5:4और यदि किसी विधवा के लड़केबाले या नातीपोते हों, तो वे पहिले अपने ही घराने के साथ भक्ति का बर्ताव करना, और अपने माता- पिता आदि को उन का हक देना सीखें, क्योंकि यह परमेश्वर को भाता है।
- Mark 7:10–13 मरकुस 7:10–13क्योंकि मूसा ने कहा है कि अपने पिता और अपनी माता का आदर कर; ओर जो कोई पिता वा माता को बुरा कहे, वह अवश्य मार डाला जाए। परन्तु तुम कहते हो कि यदि कोई अपने पिता वा माता से कहे, कि जो कुछ तुझे मुझ से लाभ पहुंच सकता था, वह कुरबान अर्थात् संकल्प हो चुका। तो तुम उस को उसके पिता वा उस की माता की कुछ सेवा करने नहीं देते। इस प्रकार तुम अपनी रीतियों से, जिन्हें तुम ने ठहराया है, परमेश्वर का वचन टाल देते हो; और ऐसे ऐसे बहुत से काम करते हो।
- Genesis 47:21 उत्पत्ति 47:21और एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक सारे मि देश में जो प्रजा रहती थी, उसको उस ने नगरों में लाकर बसा दिया।
- 1 Timothy 4:8 1 तीमुथियुस 4:8क्योंकि देह ही साधना से कम लाभ होता है, पर भक्ति सब बातों के लिये लाभदायक है, क्योंकि इस समय के और आनेवाले जीवन की भी प्रतिज्ञा इसी के लिये है।
- 1 Timothy 5:8 1 तीमुथियुस 5:8पर यदि कोई अपनों की और निज करके अपने घराने की चिन्ता न करे, तो वह विश्वास से मुकर गया है, और अविश्वासी से भी बुरा बन गया है।