Romans · chapter 14 · verse 4
Romans 14:4 in Hindi
तू कौन है जो दूसरे के सेवक पर दोष लगाता है? उसक स्थिर रहता या गिर जाना उसके स्वामी ही से सम्बन्ध रखता है, बरन वह स्थिर ही कर दिया जाएगा; क्योंकि प्रभु उसे स्थिर रख सकता है।
Too kaun hai jo doosare ke sevak par dosh lagaataa hai? Usak sthir rahataa yaa gir jaanaa usake svaamee hee se sambandh rakhataa hai, baran vah sthir hee kar diyaa jaaegaa; kyonki prabhu use sthir rakh sakataa hai.
Romans 14:4 in English
- King James Version (KJV)
- Who art thou that judgest another man’s servant? to his own master he standeth or falleth. Yea, he shall be holden up: for God is able to make him stand.
- World English Bible (WEB)
- Who are you who judge another’s servant? To his own lord he stands or falls. Yes, he will be made to stand, for God has power to make him stand.
- American Standard Version (ASV)
- Who art thou that judgest the servant of another? to his own lord he standeth or falleth. Yea, he shall be made to stand; for the Lord hath power to make him stand.
- Bible in Basic English (BBE)
- Who are you to make yourself a judge of another man's servant? it is to his master that he is responsible for good or bad. Yes, his place will be safe, because the Lord is able to keep him from falling.
- Darby Translation (DBY)
- Who art thou that judgest the servant of another? to his own master he stands or falls. And he shall be made to stand; for the Lord is able to make him stand.
- Webster's Bible (WBS)
- Who art thou that judgest another man's servant? to his own master he standeth or falleth: and he shall be held up: for God is able to make him stand.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Thou — who art thou that art judging another's domestic? to his own master he doth stand or fall; and he shall be made to stand, for God is able to make him stand.
Read in context
- 2क्योंकि एक को विश्वास है, कि सब कुछ खाना उचित है, परन्तु जो विश्वास में निर्बल है, वह साग पात ही खाता है।
- 3और खानेवाला न- खानेवाले को तुच्छ न जाने, और न- खानेवाला खानेवाले पर दोष न लगाए; क्योंकि परमेश्वर ने उसे ग्रहण किया है।
- 4तू कौन है जो दूसरे के सेवक पर दोष लगाता है? उसक स्थिर रहता या गिर जाना उसके स्वामी ही से सम्बन्ध रखता है, बरन वह स्थिर ही कर दिया जाएगा; क्योंकि प्रभु उसे स्थिर रख सकता है।
- 5कोई तो एक दिन को दूसरे से बढ़कर जानता है, और कोई सब दिन एक सा जानता है: हर एक अपने ही मन में निश्चय कर ले।
- 6जो किसी दिन को मानता है, वह प्रभु के लिये मानता है: जो खाता है, वह प्रभु के लिये खाता है, क्योंकि परमेश्वर का धन्यवाद करता है, और जा नहीं खाता, वह प्रभु के लिये नहीं खाता और परमेश्वर का धन्यवाद करता है।
Cross references
- James 4:11–12 याकूब 4:11–12हे भाइयों, एक दूसरे की बदनामी न करो, जो अपने भाई की बदनामी करता है, या भाई पर दोष लगाता है, वह व्यवस्था की बदनामी करता है, और व्यवस्था पर दोष लगाता है, तो तू व्यवस्था पर चलनेवाला नहीं, पर उस पर हाकिम ठहरा। व्यवस्था देनेवाला और हाकिम तो एक ही है, जिसे बचाने और नाश करने की सामर्थ है; तू कौन है, जो अपने पड़ोसी पर दोष लगाता है?
- Romans 9:20 रोमियों 9:20हे मनुष्य, भला तू कौन है, जो परमेश्वर का साम्हना करता है? क्या गढ़ी हुई वस्तु गढ़नेवाले से कह सकती है कि तू ने मुझे ऐसा क्यों बनाया है?
- Romans 8:31–39 रोमियों 8:31–39सो हम इन बातों के विषय में क्या कहें? यदि परमेश्वर हमारी ओर है, तो हमारा विरोधी कौन हो सकता है? जिस ने अपने निज पुत्रा को भी न रख छोड़ा, परन्तु उसे हम सब के लिये दे दिया: वह उसके साथ हमें और सब कुछ क्योंकर न देगा? परमेश्वर के चुने हुओं पर दोष कौन लगाएगा? परमेश्वर वह है जो उनको धर्मी ठहरानेवाला है। फिर कौन है जो दण्ड की आज्ञा देगा? मसीह वह है जो मर गया बरन मुर्दों में से जी भी उठा, और परमेश्वर की दहिती ओर है, और हमारे लिये निवेदन भी करता है। कौन हम को मसीह के प्रेम से अलग करेगा? क्या क्लेश, या संकट, या उपद्रव, या अकाल, या नंगाई, या जोखिम, या तलवार? जैसा लिखा है, कि तेरे लिये हम दिन भर घात किए जाते हैं; हम वध होनेवाली भेंडों की नाई गिने गए हैं। परन्तु इन सब बातों में हम उसके द्वारा जिस ने हम से प्रेम किया है, जयवन्त से भी बढ़कर हैं। क्योंकि मैं निश्चय जानता हूं, कि न मृत्यु, न जीवन, न स्वर्गदूत, न प्रधानताएं, न वर्तमान, न भविष्य, न सामर्थ, न ऊंचाई, न गहिराई और न कोई और सृष्टि, हमें परमेश्वर के प्रेम से, जो हमारे प्रभु मसीह यीशु में है, अलग कर सकेगी।।
- Jude 1:24 यहूदा 1:24अब जो तुम्हें ठोकर खाने से बचा सकता है, और अपनी महिमा की भरपूरी के साम्हने मगन और निर्दोष करके खड़ा कर सकता है।
- 1 Corinthians 4:4–5 1 कुरिन्थियों 4:4–5क्योंकि मेरा मन मुझे किसी बात में दोषी नहीं ठहराता, परन्तु इस से मैं निर्दोष नहीं ठहरता, क्योंकि मेरा परखने वाला प्रभु है। सो जब तक प्रभु न आए, समय से पहिले किसी बात का न्याय न करो: वही तो अन्धकार की छिपी बातें ज्योति में दिखाएगा, और मनों की मतियों को प्रगट करेगा, तब परमेश्वर की ओर से हर एक की प्रशंसा होगी।।
- John 10:28–30 यूहन्ना 10:28–30और मैं उन्हें अनन्त जीवन देता हूं, और वे कभी नाश नहीं होंगी, और कोई उन्हें मेरे हाथ से छीन न लेगा। मेरा पिता, जिस ने उन्हें मुझ को दिया है, सब से बड़ा है, और कोई उन्हें पिता के हाथ से छीन नहीं सकता। मैं और पिता एक हैं।
- Psalm 37:24 भजन संहिता 37:24चाहे वह गिरे तौभी पड़ा न रह जाएगा, क्योंकि यहोवा उसका हाथ थांभे रहता है।।
- Hebrews 7:25 इब्रानियों 7:25इसी लिये जो उसके द्वारा परमेश्वर के पास आते हैं, वह उन का पूरा पूरा उद्धार कर सकता है, क्योंकि वह उन के लिये बिनती करने को सर्वदा जीवित है।।
- Romans 14:3 रोमियों 14:3और खानेवाला न- खानेवाले को तुच्छ न जाने, और न- खानेवाला खानेवाले पर दोष न लगाए; क्योंकि परमेश्वर ने उसे ग्रहण किया है।
- Isaiah 40:29 यशायाह 40:29वह थके हुए को बल देता है और शक्तिहीन को बहुत सामर्थ देता है।
- Deuteronomy 33:27–29 व्यवस्थाविवरण 33:27–29अनादि परमेश्वर तेरा गृहधाम है, और नीचे सनातन भुजाएं हैं। वह शत्रुओं को तेरे साम्हने से निकाल देता, और कहता है, उनको सत्यानाश कर दे।। और इस्राएल निडर बसा रहता है, अन्न और नये दाखमधु के देश में याकूब का सोता अकेला ही रहता है; और उसके ऊपर के आकाश से ओस पड़ा करती है।। हे इस्राएल, तू क्या ही धन्य है! हे यहोवा से उद्धार पाई हुई प्रजा, तेरे तुल्य कौन है? वह तो तेरी सहायता के लिये ढाल, और तेरे प्रताप के लिये तलवार है; तेरे शत्रु तुझे सराहेंगे, और तू उनके ऊंचे स्थानों को रौंदेगा।।
- Psalm 17:5 भजन संहिता 17:5मेरे पांव तेरे पथों में स्थिर रहे, फिसले नहीं।।
Original words (Greek)
- Who · G5101τίς tís
- art · G1488εἶ eî
- thou · G4771σύ sý
- judgest · G2919κρίνω krínō
- man’s · G245ἀλλότριος allótrios
- servant · G3610οἰκέτης oikétēs
- own · G2398ἴδιος ídios
- master · G2962κύριος kýrios
- standeth · G4739στήκω stḗkō
- or · G2228ἤ ḗ
- falleth · G4098πίπτω píptō
- Yea · G1161δέ dé
- up · G2476ἵστημι hístēmi
- for · G1063γάρ gár
- God · G2316θεός theós
- is · G2076ἐστί estí
- able · G1415δυνατός dynatós
- make · G2476ἵστημι hístēmi
- him · G846αὐτός autós
- stand · G2476ἵστημι hístēmi