Genesis · chapter 7 · verse 12
Genesis 7:12 in Hindi
और वर्षा चालीस दिन और चालीस रात निरन्तर पृथ्वी पर होती रही।
Aur varshaa chaalees din aur chaalees raat nirantar pruthvee par hotee rahee.
Genesis 7:12 in English
- King James Version (KJV)
- And the rain was upon the earth forty days and forty nights.
- World English Bible (WEB)
- It rained on the earth forty days and forty nights.
- American Standard Version (ASV)
- And the rain was upon the earth forty days and forty nights.
- Bible in Basic English (BBE)
- And rain came down on the earth for forty days and forty nights.
- Darby Translation (DBY)
- And the pour of rain was on the earth forty days and forty nights.
- Webster's Bible (WBS)
- And the rain was upon the earth forty days and forty nights.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and the shower is on the earth forty days and forty nights.
Read in context
- 10सात दिन के उपरान्त प्रलय का जल पृथ्वी पर आने लगा।
- 11जब नूह की अवस्था के छ: सौवें वर्ष के दूसरे महीने का सत्तरहवां दिन आया; उसी दिन बड़े गहिरे समुद्र के सब सोते फूट निकले और आकाश के झरोखे खुल गए।
- 12और वर्षा चालीस दिन और चालीस रात निरन्तर पृथ्वी पर होती रही।
- 13ठीक उसी दिन नूह अपने पुत्रा शेम, हाम, और येपेत, और अपनी पत्नी, और तीनों बहुओं समेत,
- 14और उनके संग एक एक जाति के सब बनैले पशु, और एक एक जाति के सब घरेलू पशु, और एक एक जाति के सब पृथ्वी पर रेंगनेवाले, और एक एक जाति के सब उड़नेवाले पक्षी, जहाज में गए।
Cross references
- Genesis 7:4 उत्पत्ति 7:4क्योंकि अब सात दिन और बीतने पर मैं पृथ्वी पर चालीस दिन और चालीस रात तक जल बरसाता रहूंगा; जितनी वस्तुएं मैं ने बनाईं है सब को भूमि के ऊपर से मिटा दूंगा।
- Genesis 7:17 उत्पत्ति 7:17और पृथ्वी पर चालीस दिन तक प्रलय होता रहा; और पानी बहुत बढ़ता ही गया जिस से जहाज ऊपर को उठने लगा, और वह पृथ्वी पर से ऊंचा उठ गया।
- Matthew 4:2 मत्ती 4:2वह चालीस दिन, और चालीस रात, निराहार रहा, अन्त में उसे भूख लगी।
- Deuteronomy 9:18 व्यवस्थाविवरण 9:18तब तुम्हारे उस महापाप के कारण जिसे करके तुम ने यहोवा की दृष्टि में बुराई की, और उसे रीस दिलाई थी, मैं यहोवा के साम्हने मुंह के बल गिर पड़ा, और पहिले की नाई, अर्थात् चालीस दिन और चालीस रात तक, न तो रोटी खाई और न पानी पिया।
- Deuteronomy 9:9 व्यवस्थाविवरण 9:9जब मैं उस वाचा के पत्थर की पटियाओं को जो यहोवा ने तुम से बान्धी थी लेने के लिये पर्वत के ऊपर चढ़ गया, तब चालीस दिन और चालीस रात पर्वत ही के ऊपर रहा; और मैं ने न तो रोटी खाई न पानी पिया।
- Exodus 24:18 निर्गमन 24:18तब मूसा बादल के बीच में प्रवेश करके पर्वत पर चढ़ गया। और मूसा पर्वत पर चालीस दिन और चालीस रात रहा।।
- Deuteronomy 10:10 व्यवस्थाविवरण 10:10मैं तो पहिले की नाई उस पर्वत पर चालीस दिन और चालीस रात ठहरा रहा, और उस बार भी यहोवा ने मेरी सुनी, और तुझे नाश करने की मनसा छोड़ दी।
- 1 Kings 19:8 1 राजा 19:8तब उस ने उठकर खाया पिया; और उसी भोजन से बल पाकर चालीस दिन रात चलते चलते परमेश्वर के पर्वत होरेब को पहुंचा।