Isaiah · chapter 15 · verse 5
Isaiah 15:5 in Hindi
मेरा मन मोआब के लिये दोहाई देता है; उसके रईस सोअर और एग्लतशलीशिरया तक भागे जाते हैं। देखो, लूहीत की चढ़ाई पर वे रोते हुए चढ़ रहे हैं; सुनो, होरीनैम के मार्ग में वे नाश होने की चिल्लाहट मचा रहे हैं।
Meraa man moaab ke liye dohaaee detaa hai; usake raees soar aur eglatashaleeshirayaa tak bhaage jaate hain. Dekho, looheet kee chadhaaee par ve rote hue chadh rahe haim; suno, horeenaim ke maarg mem ve naash hone kee chillaahat machaa rahe hain.
Isaiah 15:5 in English
- King James Version (KJV)
- My heart shall cry out for Moab; his fugitives [shall flee] unto Zoar, an heifer of three years old: for by the mounting up of Luhith with weeping shall they go it up; for in the way of Horonaim they shall raise up a cry of destruction.
- World English Bible (WEB)
- My heart cries out for Moab! Her nobles flee to Zoar, to Eglath Shelishiyah; for they go up by the ascent of Luhith with weeping; for on the way to Horonaim, they raise up a cry of destruction.
- American Standard Version (ASV)
- My heart crieth out for Moab; her nobles [flee] unto Zoar, to Eglath-shelishi-yah: for by the ascent of Luhith with weeping they go up; for in the way of Horonaim they raise up a cry of destruction.
- Bible in Basic English (BBE)
- My heart is crying out for Moab; her people go in flight to Zoar, and to Eglath-shelishiyah: for they go up with weeping by the slope of Luhith; on the way to Horonaim they send up a cry of destruction.
- Darby Translation (DBY)
- My heart crieth out for Moab; their fugitives [have fled] unto Zoar, unto Eglath-Sheli-shijah: for by the ascent of Luhith, with weeping they go up by it; for in the way of Horonaim they raise up a cry of destruction.
- Webster's Bible (WBS)
- My heart shall cry out for Moab; his fugitives [shall flee] to Zoar, a heifer of three years old: for they shall go up the ascent of Luhith with weeping; for in the way of Horonaim they shall raise a cry of destruction.
- Young's Literal Translation (YLT)
- My heart [is] toward Moab, Cry do her fugitives unto Zoar, a heifer of the third [year], For — the ascent of Luhith — With weeping he goeth up in it, For, in the way of Horonaim, A cry of destruction they wake up.
Read in context
- 3सड़कों में लोग टाट पहिने हैं; छतों पर और चौकों में सब कोई आंसू बहाते हुए हाय हाय करते हैं।
- 4हेशबोन और एलाले चिल्ला रहे हैं, उनका शब्द यहस तक सुनाई पड़ता है; इस कारण मोआब के हथियारबन्द चिल्ला रहे हैं; उसका जी अति उदास है।
- 5मेरा मन मोआब के लिये दोहाई देता है; उसके रईस सोअर और एग्लतशलीशिरया तक भागे जाते हैं। देखो, लूहीत की चढ़ाई पर वे रोते हुए चढ़ रहे हैं; सुनो, होरीनैम के मार्ग में वे नाश होने की चिल्लाहट मचा रहे हैं।
- 6निम्रीम का जल सूख गया; घास कुम्हला गई और हरियाली मुर्झा गई, और नमी कुछ भी नहीं रही।
- 7इसलिये जो धन उन्हों ने बचा रखा, और जो कुद उन्हों ने इकट्ठा किया है, उस सब को वे उस नाले के पार लिये जा रहे हैं जिस में मजनूवृक्ष हैं।
Cross references
- Jeremiah 48:5 यिर्मयाह 48:5क्योंकि लूहीत की चढ़ाई में लोग लगातार रोते हुए चढ़ेंगे; और होरोनैम की उतार में नाश की चिल्लाहट का संकट हुआ है।
- Jeremiah 4:20 यिर्मयाह 4:20नाश पर नाश का समाचार आ रहा है, सारा देश लूट लिया गया है। मेरे डेरे अचानक ओर मेरे तम्बू एकाएक लूटे गए हैं।
- Luke 19:41–44 लूका 19:41–44जब वह निकट आया तो नगर को देखकर उस पर रोया। और कहा, क्या ही भला होता, कि तू; हां, तू ही, इसी दिन में कुशल की बातें जानता, परन्तु अब वे तेरी आंखों से छिप गई हैं। क्योंकि वे दिन तुझ पर आएंगे कि तेरे बैरी मोर्चा बान्धकर तुझे घेर लेंगे, और चारों ओर से तुझे दबाएंगे। और तुझे और तेरे बालकों को जो तुझ में हैं, मिट्टी में मिलाएंगे, और तुझ में पत्थर पर पत्थर भी न छोड़ेंगे; क्योंकि तू ने वह अवसर जब तुझ पर कृपा दृष्टि की गई न पहिचाना।।
- Jeremiah 48:31–36 यिर्मयाह 48:31–36इस कारण मैं मोआबियों के लिये हाय- हाय करूंगा; हां मैं सारे मोआबियों के लिये चिल्लाऊंगा; कीहरेस के लोगों के लिये विलाप किया जाएगा। हे सिबमा की दाखलता, मैं तुम्हारे लिये याजेर से भी अधिक विलाप करूंगा! तेरी डालियां तो ताल के पार बढ़ गई, वरन याजेर के ताल तक भी पहुंची थीं; पर नाश करनेवाला तेरे धूपकाल के फलों पर, और तोड़ी हुई दाखों पर भी टूट पड़ा है। फलवाली बारियों से और मोआब के देश से आनन्द और मगन होना उठ गया है; मैं ने ऐसा किया कि दाखरस के कुण्डों में कुछ दाखमधु न रहा; लोग फिर ललकारते हुए दाख न रौंदेंगे; जो ललकार होनेवाली है, वह अब नहीं होगी। हेशबोन की चिल्लाहट सुनकर लोग एलाले और यहस तक, और सोआर से होरोनैम और एग्लतशलीशिया तक भी चिल्लाते हुए भागे चले गए हैं। क्योंकि निम्रीम का जल भी सूख गया है। और यहोवा की यह वाणी है, कि मैं ऊंचे स्थान पर चढ़ावा चढ़ाना, और देवताओं के लिये धूप जलाना, दोनों को मोआब में बन्द कर दूंगा। इस कारण मेरा मन मोआब और कीहरेस के लोगों के लिये बांसुली सा रो रोकर आलापता है, क्योंकि जो कुछ उन्हों ने कमाकर बचाया है, वह नाश हो गया है।
- Jeremiah 17:16 यिर्मयाह 17:16परन्तु तू मेरा हाल जानता है, मैं ने तेरे पीछे चलते हुए उतावली करके चरवाहे का काम नहीं छोड़ा; न मैं ने उस आनेवाली विपत्ति के दिन की लालसा की है; जो कुछ मैं बोला वह तुझ पर प्रगट था।
- Isaiah 22:5 यशायाह 22:5क्योंकि सेनाओं के प्रभु यहोवा का ठहराया हुआ दिन होगा, जब दर्शन की तराई में कोलाहल और रौंदा जाना और बेचैनी होगी; शहरपनाह में सुरंग लगाई जाएगी और दोहाई का शब्द पहाड़ों तक पहुंचेगा।
- Isaiah 16:9–11 यशायाह 16:9–11मैं याजेर के साथ सिबमा की दाखलताओं के लिये भी रोऊंगा; हे हेशबोन और एलाले, मैं तुम्हें अपने आंसुओं से सींचूंगा; क्योंकि तुम्हारे धूपकाल के फलों के और अनाज की कटनी के समय की ललकार सुनाई पड़ी है। और फलदाई बारियों में से आनन्द और मगनता जाती रही; दाख की बारियों में गीत न गाया जाएगा, न हर्ष का शब्द सुनाई देगा; और दाखरस के कुण्डों में कोई दाख न रौंदेगा, क्योंकि मैं उनके हर्ष के शब्द को बन्द करूंगा। इसलिये मेरा मन मोआब के कारण और मेरा हृदय कीरहैरेस के कारण वीणा का सा क्रन्दन करता है।।
- 2 Samuel 15:30 2 शमूएल 15:30तब दाऊद जलपाइसों के पहाड़ की चढ़ाई पर सिर ढांपे, नंगे पांव, रोता हुआ चढ़ने लगा; और जितने लोग उसके संग थे, वे भी सिर ढांपे रोते हुए चढ़ गए।
- Jeremiah 9:18–19 यिर्मयाह 9:18–19वे फुत करके हम लोगों के लिये शोक का गीत गाएं कि हमारी आंखों से आंसू बह चलें और हमारी पलकें जल बहाए। सिरयोन से शोक का यह गीत सुन पड़ता है, हम कैसे नाश हो गए! हम क्यों लज्जा में पड़ गए हैं, क्योंकि हम को अपना देश छोड़ना पड़ा और हमारे घर गिरा दिए गए हैं।
- Jeremiah 13:17 यिर्मयाह 13:17और यदि तुम इसे न सुनो, तो मैं अकेले में तुम्हारे गर्व के कारण रोऊंगा, और मेरी आंखों से आंसुओं की धारा बहती रहेगी, क्योंकि यहोवा की भेड़ें बंधुआ कर ली गई हैं।
- Jeremiah 8:18–19 यिर्मयाह 8:18–19हाय! हाय! इस शोक की दशा में मुझे शान्ति कहां से मिलेगी? मेरा हृदय भीतर ही भीतर तड़पता है! मुझे अपने लोगों की चिल्लाहट दूर के देश से सुनाई देती है: क्या यहोवा सिरयोन में नहीं हैं? क्या उसका राजा उस में नहीं? उन्हों ने क्यों मुझ को अपनी खोदी हुई मूरतों और परदेश की व्यर्थ वस्तुओं के द्वारा क्यों क्रोध दिलाया है?
- Jeremiah 9:10 यिर्मयाह 9:10मैं पहाड़ों के लिये रो उठूंगा और शोक का गीत गाऊंगा, और जंगल की चराइयों के लिये विलाप का गीत गाऊंगा, क्योंकि वे ऐसे जल गए हैं कि कोई उन में से होकर नहीं चलता, और उन में ढोर का शब्द भी नहीं सुनाई पड़ता; पशु- पक्षी सब भाग गए हैं।
Original words (Hebrew)
- heart · H3820לֵב lêb
- out · H2199זָעַק zâʻaq
- Moab · H4124מוֹאָב Môwʼâb
- fugitives · H1280בְּרִיחַ bᵉrîyach
- Zoar · H6820צֹעַר Tsôʻar
- heifer · H5697עֶגְלָה ʻeglâh
- old · H7992שְׁלִישִׁי shᵉlîyshîy
- up · H4608מַעֲלֶה maʻăleh
- Luhith · H3872לוּחִית Lûwchîyth
- weeping · H1065בְּכִי Bᵉkîy
- up · H5927עָלָה ʻâlâh
- way · H1870דֶּרֶךְ derek
- Horonaim · H2773חֹרֹנַיִם Chôrônayim
- up · H5782עוּר ʻûwr
- cry · H2201זַעַק zaʻaq
- destruction · H7667שֶׁבֶר sheber