Isaiah · chapter 19 · verse 17
Isaiah 19:17 in Hindi
ओर यहूदा का देश मि के लिये यहां तक भय का कारण होगा कि जो कोई उसकी चर्चा सुनेगा वह थरथरा उठेगा; सेनाओं के यहोवा की उस युक्ति का यही फल होगा जो वह मि के विरूद्ध करता है।।
Or yahoodaa kaa desh mi ke liye yahaam tak bhay kaa kaaran hogaa ki jo koee usakee charchaa sunegaa vah tharatharaa uthegaa; senaaom ke yahovaa kee us yukti kaa yahee phal hogaa jo vah mi ke virooddh karataa hai..
Isaiah 19:17 in English
- King James Version (KJV)
- And the land of Judah shall be a terror unto Egypt, every one that maketh mention thereof shall be afraid in himself, because of the counsel of the LORD of hosts, which he hath determined against it.
- World English Bible (WEB)
- The land of Judah will become a terror to Egypt. Everyone to whom mention is made of it will be afraid, because of the plans of the LORD of Armies, which he determines against it.
- American Standard Version (ASV)
- And the land of Judah shall become a terror unto Egypt; every one to whom mention is made thereof shall be afraid, because of the purpose of Jehovah of hosts, which he purposeth against it.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the land of Judah will become a cause of great fear to Egypt; whenever its name comes to mind, Egypt will be in fear before the Lord of armies because of his purpose against it.
- Darby Translation (DBY)
- And the land of Judah shall be a dismay unto Egypt: every one that thinketh of it shall be afraid for himself, because of the counsel of Jehovah of hosts, which he hath purposed against it.
- Webster's Bible (WBS)
- And the land of Judah shall be a terror to Egypt, every one that maketh mention of it shall be afraid in himself, because of the counsel of the LORD of hosts, which he hath determined against it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the land of Judah hath been to Egypt for a cause of staggering, Every one who doth mention it, for himself feareth, Because of the counsel of Jehovah of Hosts, That He is counselling against it.
Read in context
- 15और मि के लिये कोई ऐसा काम न रहेगा जो सिर वा पूंछ से अथवा प्रधान वा साधारण से हो सके।।
- 16उस समय मिद्दी, स्त्रियों के समान हो जाएंगे, और सेनाओं का यहोवा जो अपना हाथ उन पर बढ़ाएगा उसके डर के मारे वे थरथराएंगे और कांप उठेंगे।
- 17ओर यहूदा का देश मि के लिये यहां तक भय का कारण होगा कि जो कोई उसकी चर्चा सुनेगा वह थरथरा उठेगा; सेनाओं के यहोवा की उस युक्ति का यही फल होगा जो वह मि के विरूद्ध करता है।।
- 18उस समय मि देश में पांच नगर होंगे जिनके लोग कनान की भाषा बोलेंगे और यहोवा की शपथ खायेंगे। उन में से एक का नाम नाशनगर रखा जाएगा।।
- 19उस समय मि देश के बीच में यहोवा के लिये एक वेदी होगी, और उसके सिवाने के पास यहोवा के लिये एक खंभा खड़ा होगा।
Cross references
- Isaiah 14:24 यशायाह 14:24सेनाओं के यहोवा ने यह शपथ खाई है, नि:सन्देह जैसा मैं ने ठाना है, वैसा ही हो जाएगा, और जैसी मैं ने युक्ति की है, वैसी ही पूरी होगी,
- Daniel 4:35 दानिय्येल 4:35पृथ्वी के सब रहनेवाले उसके साम्हने तुच्छ गिने जाते हैं, और वह स्वर्ग की सेना और पृथ्वी के रहनेवालों के बीच अपनी इच्छा के अनुसार काम करता है; और कोई उसको रोककर उस से नहीं कह सकता है, तू ने यह क्या किया है?
- Ezekiel 29:6–7 यहेजकेल 29:6–7तब मिस्र के सारे निवासी जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ। वे तो इस्राएल के घराने के लिये नरकट की टेक ठहरे थे। जब उन्होंने तुझ पर हाथ का बल दिया तब तू टूट गया और उनके पखौड़े उखड़ ही गए; और जब उन्होंने तुझ पर टेक लगाई, तब तू टूट गया, और उनकी कमर की सारी नसें चढ़ गई।
- Isaiah 20:2–5 यशायाह 20:2–5उसी वर्ष यहोवा ने आमोस के पुत्रा यशायाह से कहा, जाकर अपनी कमर का टाट खोल और अपनी जूतियां उतार; सो उस ने वैसा ही किया, और वह नंगा और नंगे पांव घूमता फिरता था। और यहोवा ने कहा, जिस प्रकार मेरा दास यशायाह तीन वर्ष से उघाड़ा और नंगे पांव चलता आया है, कि मि और कूश के लिये चिन्ह और चमत्कार हो, उसी प्रकार अश्शूर का राजा मिद्दी और कूश के लोगों को बंधुआ करके देश- निकाल करेगा, क्या लड़के क्या बूढे,़ सभों को बंधुए करके उघाड़े और नंगे पांव और नितम्ब खुले ले जाएगा, जिस से मि लज्जित हो। तब वे कूश के कारण जिस पर उनकी आशा थी, और मि के हेतु जिस पर वे फूलते थे व्याकुल और लज्जित हो जाएंगे।
- Jeremiah 25:27–31 यिर्मयाह 25:27–31तब तू उन से यह कहना, सेनाओं का यहोवा जो इस्राएल का परमेश्वर है, यों कहता है, पीओ, और मतवाले हो और छाँट करो, गिर पड़ो और फिर कभी न उठो, क्योंकि यह उस तलवार के कारण से होगा जो मैं तुम्हारे बीच में चलाऊंगा। और यदि वे तेरे हाथ से यह कटोरा लेकर पीने से इनकार करें तो उन से कहना, सेनाओं का यहोवा यों कहता है कि तुम को निश्चय पीना पड़ेगा। देखो, जो नगर मेरा कहलाता है, मैं पहिले उसी में विपत्ति डालने लगूंगा, फिर क्या तुम लोग निदष ठहरके बचोगे? तुम निदष ठहरके न बचोगे, क्योंकि मैं पृथ्वी के सब रहनेवालों पर तलवार चलाने पर हूँ, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी हे। इतनी बातें भविष्यद्वाणी की रीति पर उन से कहकर यह भी कहना, यहोवा ऊपर से गरजेगा, और अपने उसी पवित्रा धाम में से अपना शब्द सुनाएगा; वह अपनी चराई के स्थान के विरूद्ध जोर से गरजेगा; वह पृथ्वी के सारे निवासियों के विरठ्ठ भी दाख लताड़नेवालों की नाई ललकारेगा। पृथ्वी की छोर लों भी कोलाहल होगा, क्योंकि सब जातियों से यहोवा का मुक़ मा है; वह सब मतुष्यों से वादविवाद करेगा, और दुष्टों को तलवार के वश में कर देगा।
- Jeremiah 44:28–30 यिर्मयाह 44:28–30और जो तलवार से बचकर और मिस्र देश से लौटकर यहूदा देश में पहुंचेंगे, वे थोड़े ही होंगे; और मिस्र देश में रहने के लिये आए हुए सब यहूदियों में से जो बच पाएंगे, वे जान लेंगे कि किसका वचन पूरा हुआ, मेरा वा उनका। इस बात का मैं यह चिन्ह देता हूं, यहोवा की यह वाणी है, कि मैं तुम्हें इसी स्थान में दण्ड दूंगा, जिस से तुम जान लोगे कि तुम्हारी हानि करने में मेरे वचन निश्चय पूरे होंगे। यहोवा यों कहता हे, देखो, जैसा मैं ने यहूदा के राजा सिदकिरयाह को उसके शत्रु अर्थात् उसके प्राण के खोजी बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर के हाथ में कर दिया, वैसे ही मैं मिस्र के राजा फिरौन होप्रा को भी उसके शत्रुओं के, अर्थात् उसके प्राण के खोजियों के हाथ में कर दूंगा।
- Jeremiah 43:8–13 यिर्मयाह 43:8–13तब यहोवा का यह वचन तहपन्हेस में यिर्मयाह के पास पहुंचो अपने हाथ से बड़े पत्थर ले, और यहूदी पुरूषों के साम्हने उस ईट के चबूतरे में जो तहपन्हेस में फिरौन के भवन के द्वार के पास है, चूना फेर के छिपा दे, और उन पुरूषों से कह, कि इस्राएल का परमेश्वर, सेनाओं का यहोवा, यों कहता है, देखो, मैं बाबुल के राजा अपने सेवक नबूकदनेस्सर को बुलवा भेजूंगा, और वह अपना सिंहासन इन पत्थरों के ऊपर जो मैं ने छिपा रखे हैं, रखेगा; और अपना छत्रा इनके ऊपर तनवाएगा। वह आके मिस्र देश को मारेगा, तब जो मरनेवाले हों वे मृत्यु के वश में, जो बंधुए होनेवाले हों वे बंधुआई में, और जो तलवार के लिये हें वे तलवार के वश में कर दिए जाएंगे। मैं मिस्र के देवालयों में आग लगाऊंगा; और वह उन्हें फुंकवा देगा और बंधुआई में ले जाएगा; और जैसा कोई चरवाहा अपना वस्त्रा ओढ़ता है, वैसा ही वह मिस्र देश को समेट लेगा; और तब बेखटके चला जाएगा। वह मिस्र देश के सूर्यगृह के खम्भों को तुड़वा डालेगा; और मिस्र के देवालयों को आग लगाकर फूंकवा देगा।
- Isaiah 14:26–27 यशायाह 14:26–27यही युक्ति सारी पृथ्वी के लिये ठहराई गई है; और यह वही हाथ है जो सब जातियों पर बढ़ा हुआ है। क्योंकि सेनाओं के यहोवा ने युक्ति की है और कौन उसका टाल सकता है? उसका हाथ बढ़ाया गया है, उसे कौन रोक सकता है?
- Isaiah 36:1 यशायाह 36:1हिजकिरयाह राजा के चौदहवें वर्ष में, अश्शूर के राजा सन्हेरीब ने यहूदा के सब गढ़वाले नगरों पर चढ़ाई करके उनको ले लिया।
- Jeremiah 25:19 यिर्मयाह 25:19और मिस्र के राजा फिरौन और उसके कर्मचारियों, हाकिमों, और सारी प्रजा को;
- Isaiah 46:10–11 यशायाह 46:10–11मै तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूं, मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा। मैं पूर्व से एक उकाब पक्षी को अर्थात् दूर देश से अपनी युक्ति के पूरा करनेवाले पुरूष को बुलाता हूं। मैं ही ने यह बात कही है और उसे पूरी भी करूंगा; मैं ने यह विचार बान्घा है और उसे सुफल भी करूंगा।