Jeremiah · chapter 44 · verse 28
Jeremiah 44:28 in Hindi
और जो तलवार से बचकर और मिस्र देश से लौटकर यहूदा देश में पहुंचेंगे, वे थोड़े ही होंगे; और मिस्र देश में रहने के लिये आए हुए सब यहूदियों में से जो बच पाएंगे, वे जान लेंगे कि किसका वचन पूरा हुआ, मेरा वा उनका।
Aur jo talavaar se bachakar aur misr desh se lautakar yahoodaa desh mem pahunchenge, ve thode hee honge; aur misr desh mem rahane ke liye aae hue sab yahoodiyom mem se jo bach paaenge, ve jaan lenge ki kisakaa vachan pooraa huaa, meraa vaa unakaa.
Jeremiah 44:28 in English
- King James Version (KJV)
- Yet a small number that escape the sword shall return out of the land of Egypt into the land of Judah, and all the remnant of Judah, that are gone into the land of Egypt to sojourn there, shall know whose words shall stand, mine, or theirs.
- World English Bible (WEB)
- Those who escape the sword will return out of the land of Egypt into the land of Judah few in number. All the remnant of Judah, who have gone into the land of Egypt to live there, will know whose word will stand, mine or theirs.
- American Standard Version (ASV)
- And they that escape the sword shall return out of the land of Egypt into the land of Judah, few in number; and all the remnant of Judah, that are gone into the land of Egypt to sojourn there, shall know whose word shall stand, mine, or theirs.
- Bible in Basic English (BBE)
- And those who get away safe from the sword will come back from the land of Egypt to the land of Judah, a very small number; and all the rest of Judah, who have gone into the land of Egypt and are living there, will see whose word has effect, mine or theirs.
- Darby Translation (DBY)
- And they that escape the sword shall return out of the land of Egypt into the land of Judah, a very small company; and all the remnant of Judah, that have come into the land of Egypt to sojourn there, shall know whose word shall stand, mine or theirs.
- Webster's Bible (WBS)
- Yet a small number that escape the sword shall return from the land of Egypt into the land of Judah, and all the remnant of Judah, that have gone into the land of Egypt to sojourn there, shall know whose words shall stand, mine, or theirs.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'And the escaped of the sword turn back out of the land of Egypt to the land of Judah, few in number, and known have all the remnant of Judah who are coming into the land of Egypt to sojourn there, whose word is established, Mine or theirs.
Read in context
- 26परन्तु हे मिस्र देश में रहनेवाले सारे यहूदियो यहोवा का वचन सुनोे सुनो, मैं ने अपने बड़े नाम की शपथ खाई है कि अब पूरे मिस्र देश में कोई यहूदी मनुष्य मेरा नाम लेकर फिर कभी यह न कहने पाएगा कि "प्रभु यहोवा के जीवन की सौगन्ध"।
- 27सुनो, अब मैं उनकी भलाई नहीं, हानि ही की चिन्ता करूंगा; सो मिस्र देश में रहनेवाले सब यहूदी, तलवार और महंगी के द्वारा मिटकर नाश हो जाएंगे जब तक कि उनका सर्वनाश न हो जाए।
- 28और जो तलवार से बचकर और मिस्र देश से लौटकर यहूदा देश में पहुंचेंगे, वे थोड़े ही होंगे; और मिस्र देश में रहने के लिये आए हुए सब यहूदियों में से जो बच पाएंगे, वे जान लेंगे कि किसका वचन पूरा हुआ, मेरा वा उनका।
- 29इस बात का मैं यह चिन्ह देता हूं, यहोवा की यह वाणी है, कि मैं तुम्हें इसी स्थान में दण्ड दूंगा, जिस से तुम जान लोगे कि तुम्हारी हानि करने में मेरे वचन निश्चय पूरे होंगे।
- 30यहोवा यों कहता हे, देखो, जैसा मैं ने यहूदा के राजा सिदकिरयाह को उसके शत्रु अर्थात् उसके प्राण के खोजी बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर के हाथ में कर दिया, वैसे ही मैं मिस्र के राजा फिरौन होप्रा को भी उसके शत्रुओं के, अर्थात् उसके प्राण के खोजियों के हाथ में कर दूंगा।
Cross references
- Jeremiah 44:14 यिर्मयाह 44:14कि जो बचे हुए यहूदी मिस्र देश में परदेशी होकर रहने के लिये आए हैं, यद्यपि वे यहूदा देश में रहने के लिये लौटने की बड़ी अभिलाषा रखते हैं, तौभी उन में से एक भी बचकर वहां न लौटने पाएगा; केवल कुछ ही भागे हुओं को छोड़ कोई भी वहां न लौटने पाएगा।
- Jeremiah 44:25–26 यिर्मयाह 44:25–26इस्राएल का परमेश्वर, सेनाओं का यहोवा, यों कहता है, कि तुम ने और तुम्हारी स्त्रियों ने मन्नतें मानी और यह कहकर उन्हें पूरी करते हो कि हम ने स्वर्ग की रानी के लिये धूप जलाने और तपावन देने की जो जो मन्नतें मानी हैं उन्हें हम अवश्य ही पूरी करेंगे; और तुम ने अपने हाथों से ऐसा ही किया। सो अब तुुम अपनी अपनी मन्नतों को मानकर पूरी करो! परन्तु हे मिस्र देश में रहनेवाले सारे यहूदियो यहोवा का वचन सुनोे सुनो, मैं ने अपने बड़े नाम की शपथ खाई है कि अब पूरे मिस्र देश में कोई यहूदी मनुष्य मेरा नाम लेकर फिर कभी यह न कहने पाएगा कि "प्रभु यहोवा के जीवन की सौगन्ध"।
- Isaiah 27:12–13 यशायाह 27:12–13उस समय यहोवा महानद से लेकर मि के नाले तक अपने अन्न को फटकेगा, और हे इस्राएलियों तुम एक एक करके इकट्ठे किए जाओगे। उस समय बड़ा नरसिंगाा फूंका जाएगा, और जो अश्शूर देश में नाश हो रहे थे और जो मि देश में बरबस बसाए हुए थे वे यरूशलेम में आकर पवित्रा पर्वत पर यहोवा को दण्डवत् करेंगे।।
- Isaiah 10:19 यशायाह 10:19उस वन के वृक्ष इतने थोड़े रह जाएंगे कि लड़का भी उनको गिन कर लिख लेगा।।
- Isaiah 46:10–11 यशायाह 46:10–11मै तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूं, मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा। मैं पूर्व से एक उकाब पक्षी को अर्थात् दूर देश से अपनी युक्ति के पूरा करनेवाले पुरूष को बुलाता हूं। मैं ही ने यह बात कही है और उसे पूरी भी करूंगा; मैं ने यह विचार बान्घा है और उसे सुफल भी करूंगा।
- Isaiah 28:16–18 यशायाह 28:16–18इसलिये प्रभु यहोवा यों कहता है, देखो, मैं ने सिरयोन में नेव का पत्थर रखा है, एक परखा हुआ पत्थर, कोने का अनमोल और अति दृढ़ नेव के योग्य पत्थर: और जो कोई विश्वास रखे वह उतावली न करेगा। और मैं न्याय की डोरी और धर्म को साहुल ठहराऊंगा; और तुम्हारा झूठ का शरणस्थान ओलों से बह जाएगा, और तुम्हारे छिपने का स्थान जल से डूब जाएगा। तब जो वाचा तुम ने मृत्यु से बान्धी है वह टूट जाएगी, और जो प्रतिज्ञा तुम ने अधोलोक से कराई वह न ठहरेगी; जब विपत्ति बाढ़ की नाई बढ़ आए, तब तुम उस में डूब ही जाओगे।
- Jeremiah 44:29 यिर्मयाह 44:29इस बात का मैं यह चिन्ह देता हूं, यहोवा की यह वाणी है, कि मैं तुम्हें इसी स्थान में दण्ड दूंगा, जिस से तुम जान लोगे कि तुम्हारी हानि करने में मेरे वचन निश्चय पूरे होंगे।
- Zechariah 1:6 जकर्याह 1:6परन्तु मेरे वचन और मेरी आज्ञाएं जिन को मैं ने अपने दास नबियों को दिया था, क्या वे तुम्हारे पुरखाओं पर पूरी न हुई? तब उन्हों ने मन फिराया और कहा, सेनाओं के यहोवा ने हमारे चालचलन और कामों के अनुसार हम से जैसा व्यवहार करने को कहा था, वैसा ही उस ने हम को बदला दिया है।।
- Psalm 33:11 भजन संहिता 33:11यहोवा की युक्ति सर्वदा स्थिर रहेगी, उसके मन की कल्पनाएं पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहेंगी।
- Lamentations 3:37–38 विलापगीत 3:37–38यदि यहोवा ने आज्ञा न दी हो, तब कौन है कि वचन कहे और वह पूरा हो जाए? विपत्ति और कल्याण, क्या दोनों परमप्रधान की आज्ञा से नहीं होते?
- Jeremiah 44:16–17 यिर्मयाह 44:16–17जो वचन तू ने हम को यहोवा के नाम से सुनाया है, उसको हम नहीं सुनने की। जो जो मन्नतें हम मान चुके हैं उन्हें हम निश्चय पूरी करेंगी, हम स्वर्ग की रानी के लिये धूप जलाएंगे और तपावन देंगे, जैसे कि हमारे पुरखा लोग और हम भी अपने राजाओं और और हाकिमों समेत यहूदा के नगरों में और यरूशलेम की सड़कों में करते थे; क्योंकि उस समय हम पेट भरके खाते और भले चंगे रहते और किसी विपत्ति में नहीं पड़ते थे।
- Matthew 24:35 मत्ती 24:35आकाश और पृथ्वी टल जाएंगे, परन्तु मेरी बातें कभी न टलेंगी।
Original words (Hebrew)
- small · H4962מַת math
- number · H4557מִסְפָּר miçpâr
- escape · H6412פָּלִיט pâlîyṭ
- sword · H2719חֶרֶב chereb
- out · H7725שׁוּב shûwb
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- remnant · H7611שְׁאֵרִית shᵉʼêrîyth
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- gone · H935בּוֹא bôwʼ
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- sojourn · H1481גּוּר gûwr
- know · H3045יָדַע yâdaʻ
- words · H1697דָּבָר dâbâr
- stand · H6965קוּם qûwm