Isaiah · chapter 30 · verse 15
Isaiah 30:15 in Hindi
प्रभु यहोवा, इस्राएल का पवित्रा यों कहता है, लौट आने और शान्त रहने में तुम्हारा उद्धार है; शान्त रहते और भरोसा रखने में तुम्हारी वीरता है। परन्तु तुम ने ऐसा नहीं किया,
Prabhu yahovaa, israael kaa pavitraa yom kahataa hai, laut aane aur shaant rahane mem tumhaaraa uddhaar hai; shaant rahate aur bharosaa rakhane mem tumhaaree veerataa hai. Parantu tum ne aisaa naheem kiyaa,
Isaiah 30:15 in English
- King James Version (KJV)
- For thus saith the Lord GOD, the Holy One of Israel; In returning and rest shall ye be saved; in quietness and in confidence shall be your strength: and ye would not.
- World English Bible (WEB)
- For thus said the Lord GOD, the Holy One of Israel, “You will be saved in returning and rest. Your strength will be in quietness and in confidence.” You refused,
- American Standard Version (ASV)
- For thus said the Lord Jehovah, the Holy One of Israel, In returning and rest shall ye be saved; in quietness and in confidence shall be your strength. And ye would not:
- Bible in Basic English (BBE)
- For the Lord, the Holy One of Israel, said, In quiet and rest is your salvation: peace and hope are your strength: but you would not have it so.
- Darby Translation (DBY)
- For thus saith the Lord Jehovah, the Holy One of Israel: In returning and rest shall ye be saved, in quietness and confidence shall be your strength; but ye would not.
- Webster's Bible (WBS)
- For thus saith the Lord God, the Holy One of Israel; In returning and rest shall ye be saved; in quietness and in confidence shall be your strength: and ye would not.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For thus said the Lord Jehovah, The Holy One of Israel: 'In returning and rest ye are saved, In keeping quiet and in confidence is your might, And ye have not been willing.
Read in context
- 13इस कारण यह अधर्म तुम्हारे लिये ऊंची भीत का टूटा हुआ भाग होगा जो फटकर गिरने पर हो, और वह अचानक पल भर में टूटकर गिर पड़ेगा,
- 14और कुम्हार के बर्तन की नाई फूटकर ऐसा चकनाचूर होगा कि उसके टुकड़ों का एक ठीकरा भी न मिलेगा जिस से अंगेठी में से आग ली जाए वा हौद में से जल निकाला जाए।।
- 15प्रभु यहोवा, इस्राएल का पवित्रा यों कहता है, लौट आने और शान्त रहने में तुम्हारा उद्धार है; शान्त रहते और भरोसा रखने में तुम्हारी वीरता है। परन्तु तुम ने ऐसा नहीं किया,
- 16तुम ने कहा, नहीं, हम तो घोड़ों पर चढ़कर भागेंगे, इसलिये तुम भागोगे; और यह भी कहा कि हम तेज सवारी पर चलेंगे, सो तुम्हारा पीछा करनेवाले उस से भी तेज होंगे।
- 17एक ही की धमकी से एक हजार भागेंगे, और पांच की धमकी से तुम ऐसा भागोगे कि अन्त में तुम पहाड़ की चोटी के डण्डे वा टीले के ऊपर की ध्वजा के समान रह जाओगे जो चिन्ह के लिये गाड़े जाते हैं।
Cross references
- Isaiah 26:3–4 यशायाह 26:3–4जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए हैं, उसकी तू पूर्ण शान्ति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है। यहोवा पर सदा भरोसा रख, क्योंकि प्रभु यहोवा सनातन चट्टान है।
- Isaiah 32:17 यशायाह 32:17और धर्म का फल शांति और उसका परिणाम सदा का चैन और निश्चिन्त रहना होगा।
- Psalm 125:1–2 भजन संहिता 125:1–2जो यहोवा पर भरोसा रखते हैं, वे सिरयोन पर्वत के समान हैं, जो टलता नहीं, वरन सदा बना रहता है। जिस प्रकार यरूशलेम के चारों ओर पहाड़ हैं, उसी प्रकार यहोवा अपनी प्रजा के चारों ओर अब से लेकर सर्वदा तक बना रहेगा।
- Jeremiah 3:22–23 यिर्मयाह 3:22–23हे भटकनेवाले लड़को, लौट आओ, मैं तुम्हारा भटकना सुधार दूंगा। देख, हम तेरे पास आए हैं; क्योंकि तू ही हमारा परमेश्वर यहोवा है। निश्ख्य पहाड़ों और पहाड़ियों पर का कोलाहल व्यर्थ ही है। इस्राएल का उठ्ठार निश्चय हमारे परमेश्वर यहोवा ही के द्वारा है।
- 1 Chronicles 5:20 1 इतिहास 5:20उनके विरूद्ध इनको सहायता मिली, और अग्री उन सब समेत जो उनके साथ थे उनके हाथ में कर दिए गए, क्योंकि युठ्ठ में इन्हों ने परमेश्वर की दोहाई दी थी और उस ने उनकी बिनती इस कारण सुनी, कि इन्हों ने उस पर भरोसा रखा था।
- John 5:40 यूहन्ना 5:40फिर भी तुम जीवन पाने के लिये मेरे पास आना नहीं चाहते।
- 2 Chronicles 16:8 2 इतिहास 16:8क्या कूशियों और लूबियों की सेना बड़ी न थी, और क्या उस में बहुत ही रथ, और सवार न थे? तौभी तू ने यहोवा पर भरोसा रखा था, इस कारण उस ने उनको तेरे हाथ में कर दिया।
- Luke 13:34 लूका 13:34हे यरूशलेम! हे यरूशलेम! तू जो भविष्यद्वक्ताओं को मार डालती है, और जो तेरे पास भेजे गए उन्हें पत्थरवाह करती है; कितनी बार मैं ने यह चाहा, कि जैसे मुर्गी अपने बच्चों को अपने पंखो के नीचे इकट्ठे करती है, वैसे ही मैं भी तेरे बालकों को इकट्ठे करूं, पर तुम ने यह न चाहा।
- 2 Chronicles 32:8 2 इतिहास 32:8अर्थात् उसका सहारा तो मतुष्य ही है परन्तु हमारे साथ, हमारी सहायता और हमारी ओर से युठ्ठ करने को हमारा परमेश्वर यहोवा है। इसलिये प्रजा के लोग यहूदा के राजा हिजकिरयाह की बातों पर भरोसा किए रहे।
- Isaiah 7:4 यशायाह 7:4और उस से कह, सावधान और शान्त हो; और उन दोनों धूंआं निकलती लुकटियों से अर्थात् रसीन और अरामियों के भड़के हुए कोप से, और रमल्याह के पुत्रा से मत डर, और न तेरा मन कच्चा हो।
- Isaiah 30:7 यशायाह 30:7क्योंकि मि की सहायता व्यर्थ और निकम्मी है, इस कारण मैं ने उसको बैठी रहनेवाली रहब कहा है।।
- Hebrews 12:25 इब्रानियों 12:25सावधान रहो, और उस कहनेवाले से मुंह न फेरो, क्योंकि वे लोग जब पृथ्वी पर के चितावनी देनेवाले से मुंह मोड़कर न बच सके, तो हम स्वर्ग पर से चितावनी करनेवाले से मुंह मोड़कर क्योंकर बच सकेंगे?
Original words (Hebrew)
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- Lord · H136אֲדֹנָי ʼĂdônây
- One · H6918קָדוֹשׁ qâdôwsh
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- returning · H7729שׁוּבָה shûwbâh
- rest · H5183נַחַת Nachath
- saved · H3467יָשַׁע yâshaʻ
- quietness · H8252שָׁקַט shâqaṭ
- confidence · H985בִּטְחָה biṭchâh
- strength · H1369גְּבוּרָה gᵉbûwrâh
- would · H14אָבָה ʼâbâh