Psalms · chapter 125 · verse 1
Psalm 125:1 in Hindi
जो यहोवा पर भरोसा रखते हैं, वे सिरयोन पर्वत के समान हैं, जो टलता नहीं, वरन सदा बना रहता है।
Jo yahovaa par bharosaa rakhate haim, ve sirayon parvat ke samaan haim, jo talataa naheem, varan sadaa banaa rahataa hai.
Psalm 125:1 in English
- King James Version (KJV)
- A Song of degrees. They that trust in the LORD [shall be] as mount Zion, [which] cannot be removed, [but] abideth for ever.
- World English Bible (WEB)
- A Song of Ascents. Those who trust in the LORD are as Mount Zion, which can’t be moved, but remains forever.
- American Standard Version (ASV)
- A Song of Ascents. They that trust in Jehovah Are as mount Zion, which cannot be moved, but abideth for ever.
- Bible in Basic English (BBE)
- A Song of the going up. Those whose hope is in the Lord are like the mountain of Zion, which may not be moved, but keeps its place for ever.
- Darby Translation (DBY)
- A Song of degrees. They that confide in Jehovah are as mount Zion, which cannot be moved; it abideth for ever.
- Webster's Bible (WBS)
- A Song of degrees. They that trust in the LORD, [shall be] as mount Zion, [which] cannot be removed, [but] abideth for ever.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A Song of the Ascents. Those trusting in Jehovah [are] as Mount Zion, It is not moved — to the age it abideth.
Read in context
- 1जो यहोवा पर भरोसा रखते हैं, वे सिरयोन पर्वत के समान हैं, जो टलता नहीं, वरन सदा बना रहता है।
- 2जिस प्रकार यरूशलेम के चारों ओर पहाड़ हैं, उसी प्रकार यहोवा अपनी प्रजा के चारों ओर अब से लेकर सर्वदा तक बना रहेगा।
- 3क्योंकि दुष्टों का राजदण्ड धर्मियों के भाग पर बना न रहेगा, ऐसा न हो कि धर्मी अपने हाथ कुटिल काम की ओर बढ़ाएं।।
Cross references
- Jeremiah 17:7–8 यिर्मयाह 17:7–8धन्य है वह पुरूष जो यहोवा पर भरोसा रखता है, जिस ने परमेश्वर को अपना आधार माना हो। वह उस वृक्ष के समान होगा जो नदी के तीर पर लगा हो और उसकी जड़ जल के पास फैली हो; जब घाम होगा तब उसको न लगेगा, उसके पत्ते हरे रहेंगे, और सूखे वर्ष में भी उनके विषय में कुछ चिन्ता न होगी, क्योंकि वह तब भी फलता रहेगा।
- Psalm 62:2 भजन संहिता 62:2सचमुच वही, मेरी चट्टान और मेरा उद्धार है, वह मेरा गढ़ है; मैं बहुत न डिगूंगा।।
- Proverbs 3:5–6 नीतिवचन 3:5–6तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण करके सब काम करना, तब वे तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा।
- Psalm 118:8–9 भजन संहिता 118:8–9यहोवा की शरण लेनी, मनुष्य पर भरोसा रखने से उत्तम है। यहोवा की शरण लेनी, प्रधानों पर भी भरोसा रखने से उत्तम है।।
- Psalm 120:1 भजन संहिता 120:1संकट के समय मैं ने यहोवा को पुकारा, और उस ने मेरी सुन ली।
- Zechariah 1:17 जकर्याह 1:17फिर यह भी पुकारकर कह कि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, मेरे नगर फिर उत्तम वस्तुओं से भर जाएंगे, और यहोवा फिर सिरयोन को शान्ति देगा; और यरूशलेम को फिर अपना ठहराएगा।।
- Psalm 25:2 भजन संहिता 25:2हे मेरे परमेश्वर, मैं ने तुझी पर भरोसा रखा है, मुझे लज्जित होने न दे; मेरे शत्रु मुझ पर जयजयकार करने न पाएं।
- Psalm 34:22 भजन संहिता 34:22यहोवा अपने दासों का प्राण मोल लेकर बचा लेता है; और जितने उसके शरणागत हैं उन में से कोई भी दोषी न ठहरेगा।।
- 1 Chronicles 5:20 1 इतिहास 5:20उनके विरूद्ध इनको सहायता मिली, और अग्री उन सब समेत जो उनके साथ थे उनके हाथ में कर दिए गए, क्योंकि युठ्ठ में इन्हों ने परमेश्वर की दोहाई दी थी और उस ने उनकी बिनती इस कारण सुनी, कि इन्हों ने उस पर भरोसा रखा था।
- Psalm 121:1 भजन संहिता 121:1मैं अपनी आंखें पर्वतों की ओर लगाऊंगा। मुझे सहायता कहां से मिलेगी?
- Psalm 62:6 भजन संहिता 62:6सचमुच वही मेरी चट्टान, और मेरा उद्धार है, वह मेरा गढ़ है; इसलिये मैं न डिगूंगा।
- Psalm 27:1 भजन संहिता 27:1यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं?