Isaiah · chapter 38 · verse 15
Isaiah 38:15 in Hindi
मैं क्या कहूं? उसी ने मुझ से प्रतिज्ञा की और पूरा भी किया है। मैं जीवन भर कडुआहट के साथ धीरे धीरे चलता रहूंगा।।
Maim kyaa kahoom? Usee ne mujh se pratijnyaa kee aur pooraa bhee kiyaa hai. Maim jeevan bhar kaduaahat ke saath dheere dheere chalataa rahoongaa..
Isaiah 38:15 in English
- King James Version (KJV)
- What shall I say? he hath both spoken unto me, and himself hath done [it:] I shall go softly all my years in the bitterness of my soul.
- World English Bible (WEB)
- What will I say? He has both spoken to me, and himself has done it. I will walk carefully all my years because of the anguish of my soul.
- American Standard Version (ASV)
- What shall I say? he hath both spoken unto me, and himself hath done it: I shall go softly all my years because of the bitterness of my soul.
- Bible in Basic English (BBE)
- What am I to say? seeing that it is he who has done it: all my time of sleeping I am turning from side to side without rest.
- Darby Translation (DBY)
- What shall I say? He hath both spoken unto me, and himself hath done [it]. I shall go softly all my years in the bitterness of my soul.
- Webster's Bible (WBS)
- What shall I say? he hath both spoken to me, and himself hath done [it] : I shall go softly all my years in the bitterness of my soul.
- Young's Literal Translation (YLT)
- — What do I say? seeing He said to me, And He Himself hath wrought, I go softly all my years for the bitterness of my soul.
Read in context
- 13मैं भोर तक अपने मन को शान्त करता रहा; वह सिंह की नाईं मेरी सब हडि्डयों को तोड़ता है; एक ही दिन में तू मेरा अन्त कर डालता है।
- 14मैं सूपाबेने वा सारस की नाई च्यूं च्यूं करता, मैं पिण्डुक की नाई विलाप करता हूं। मेरी आंखें ऊपर देखते देखते पत्थरा गई हैं। हे यहोवा, मुझ पर अन्धेर हो रहा है; तू मेरा सहारा हो!
- 15मैं क्या कहूं? उसी ने मुझ से प्रतिज्ञा की और पूरा भी किया है। मैं जीवन भर कडुआहट के साथ धीरे धीरे चलता रहूंगा।।
- 16हे प्रभु, इन्हीं बातों से लोग जीवित हैं, और इन सभों से मेरी आत्मा को जीवन मिलता है। तू मुझे चंगा कर और मुझे जीवित रख!
- 17देख, शान्ति ही के लिये मुझे बड़ी कडुआहट मिली; परन्तु तू ने स्नेह करके मुझे विनाश के गड़हे से निकाला है, क्योंकि मेरे सब पापों को तू ने अपनी पीठ के पीछे फेंक दिया है।
Cross references
- Job 7:11 अय्यूब 7:11इसलिये मैं अपना मुंह बन्द न रखूंगा; अपने मन का खेद खोलकर कहूंगा; और अपने जीव की कड़ुवाहट के कारण कुड़कुड़ाता रहूंगा।
- 1 Kings 21:27 1 राजा 21:27एलिरयाह के ये वचन सुनकर अहाब ने अपने वस्त्रा फाड़े, और अपनी देह पर टाट लपेटकर उपवास करने और टाट ही ओढ़े पड़ा रहने लगा, और दबे पांवों चलने लगा।
- Job 10:1 अय्यूब 10:1मेरा प्राण जीवित रहने से उकताता है; मैं स्वतंत्राता पूर्वक कुड़कुड़ाऊंगा; और मैं अपने मन की कड़वाहट के मारे बातें करूंगा।
- John 12:27 यूहन्ना 12:27जब मेरा जी व्याकुल हो रहा है। इसलिये अब मैं क्या कहूं? हे पिता, मुझे इस घड़ी से बचा? परन्तु मैं इसी कारण इस घड़ी को पहुंचा हूं।
- Ezra 9:10 एज्रा 9:10और अब हे हमारे परमेश्वर इसके बाद हम क्या कहें, यही कि हम ने तेरी उन आज्ञाओं को तोड़ दिया है,
- Joshua 7:8 यहोशू 7:8हाय, प्रभु मैं क्या कहूं, जब इस्राएलियों ने अपने शत्रुओं को पीठ दिखाई है!
- 1 Samuel 1:10 1 शमूएल 1:10और यह मन में व्याकुल होकर यहोवा से प्रार्थना करने और बिलख बिलखकर रोने लगी।
- Job 21:25 अय्यूब 21:25और कोई अपने जीव में कुढ़ कुढ़कर बिना सुख भोगे मर जाता है।
- Psalm 39:9–10 भजन संहिता 39:9–10मैं गूंगा बन गया और मुंह न खोला; क्योंकि यह काम तू ही ने किया है। तू ने जो विपत्ति मुझ पर डाली है उसे मुझ से दूर कर दे, क्योंकि मैं तो तरे हाथ की मार से भस्म हुआ जाता हूं।
- 2 Kings 4:27 2 राजा 4:27वह पहाड़ पर परमेश्वर के भक्त के पास पहुंची, और उसके पांव पकड़ने लगी, तब गेहजी उसके पास गया, कि उसे धक्का देकर हटाए, परन्तु परमेश्वर के भक्त ने कहा, उसे छोड़ दे, उसका मन रयाकुल है; परन्तु यहोवा ने मुझ को नहीं बताया, छिपा ही रखा है।