Isaiah · chapter 38 · verse 14
Isaiah 38:14 in Hindi
मैं सूपाबेने वा सारस की नाई च्यूं च्यूं करता, मैं पिण्डुक की नाई विलाप करता हूं। मेरी आंखें ऊपर देखते देखते पत्थरा गई हैं। हे यहोवा, मुझ पर अन्धेर हो रहा है; तू मेरा सहारा हो!
Maim soopaabene vaa saaras kee naaee chyoom chyoom karataa, maim pinduk kee naaee vilaap karataa hoon. Meree aankhem oopar dekhate dekhate pattharaa gaee hain. He yahovaa, mujh par andher ho rahaa hai; too meraa sahaaraa ho!
Isaiah 38:14 in English
- King James Version (KJV)
- Like a crane [or] a swallow, so did I chatter: I did mourn as a dove: mine eyes fail [with looking] upward: O LORD, I am oppressed; undertake for me.
- World English Bible (WEB)
- I chattered like a swallow or a crane. I moaned like a dove. My eyes weaken looking upward. Lord, I am oppressed. Be my security.”
- American Standard Version (ASV)
- Like a swallow [or] a crane, so did I chatter; I did moan as a dove; mine eyes fail [with looking] upward: O Lord, I am oppressed, be thou my surety.
- Bible in Basic English (BBE)
- I make cries like a bird; I give out sounds of grief like a dove: my eyes are looking up with desire; O Lord, I am crushed, take up my cause.
- Darby Translation (DBY)
- Like a swallow [or] a crane, so did I chatter; I mourned as a dove; mine eyes failed [with looking] upward: Lord, I am oppressed; undertake for me.
- Webster's Bible (WBS)
- Like a crane [or] a swallow, so I chattered: I mourned as a dove: my eyes fail [with looking] upward: O LORD, I am oppressed; undertake for me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- As a crane — a swallow — so I chatter, I mourn as a dove, Drawn up have been mine eyes on high, O Jehovah, oppression [is] on me, be my surety.
Read in context
- 12मेरा घर चरवाहे के तम्बू की नाई उठा लिया गया है; मैं ने जोलाहे की नाईं अपने जीवन को लपेट दिया है; वह मुझे तांत से काट लेगा; एक ही दिन में तू मेरा अन्त कर डालेगा।
- 13मैं भोर तक अपने मन को शान्त करता रहा; वह सिंह की नाईं मेरी सब हडि्डयों को तोड़ता है; एक ही दिन में तू मेरा अन्त कर डालता है।
- 14मैं सूपाबेने वा सारस की नाई च्यूं च्यूं करता, मैं पिण्डुक की नाई विलाप करता हूं। मेरी आंखें ऊपर देखते देखते पत्थरा गई हैं। हे यहोवा, मुझ पर अन्धेर हो रहा है; तू मेरा सहारा हो!
- 15मैं क्या कहूं? उसी ने मुझ से प्रतिज्ञा की और पूरा भी किया है। मैं जीवन भर कडुआहट के साथ धीरे धीरे चलता रहूंगा।।
- 16हे प्रभु, इन्हीं बातों से लोग जीवित हैं, और इन सभों से मेरी आत्मा को जीवन मिलता है। तू मुझे चंगा कर और मुझे जीवित रख!
Cross references
- Isaiah 59:11 यशायाह 59:11हम सब के सब रीछों की नाई चिल्लाते हैं और पण्डुकों के समान च्यूं च्यूं करते हैं; हम न्याय की बाट तो जोहते हैं, पर वह कहीं नहीं; और उद्धार की बाट जोहते हैं पर वह हम से दूर ही रहता है।
- Psalm 69:3 भजन संहिता 69:3मैं पुकारते पुकारते थक गया, मेरा गला सूख गया है; अपने परमेश्वर की बाट जोहते जोहते, मेरी आंखे रह गई हैं।।
- Psalm 123:1–4 भजन संहिता 123:1–4हे स्वर्ग में विराजमान मैं अपनी आंखें तेरी ओर लगाता हूं! देख, जैसे दासों की आंखें अपने स्वामियों के हाथ की ओर, और जैसे दासियों की आंखें अपनी स्वामिनी के हाथ की ओर लगी रहती है, वैसे ही हमारी आंखें हमारे परमेश्वर यहोवा की ओर उस समय तक लगी रहेंगी, जब तक वह हम पर अनुग्रह न करे।। हम पर अनुग्रह कर, हे यहोवा, हम पर अनुग्रह कर, क्योंकि हम अपमान से बहुत ही भर गए हैं। हमारा जीव सुखी लोगों के ठट्ठों से, और अहंकारियों के अपमान से बहुत ही भर गया है।।
- Ezekiel 7:16 यहेजकेल 7:16और उन में से जो बच निकलेंगे वे बचेंगे तो सही परन्तु अपने अपने अधर्म में फसे रहकर तराइयों में रहनेवाले कबूतरों की नाई पहाड़ों के ऊपर विलाप करते रहेंगे।
- Psalm 119:122–123 भजन संहिता 119:122–123अपने दास की भलाई के लिये जामिन हो, ताकि अभिमानी मुझ पर अन्धेर न करने पांए। मेरी आंखें तुझ से उद्धार पाने, और तेरे धर्ममय वचन के पूरे होने की बाट जोहते जोहते रह गई हैं।
- Nahum 2:7 नहूम 2:7हुसेब नंगी करके बंधुवाई में ले ली जाएगी, और उसकी दासियां छाती पीटती हुई पिण्डुकों की नाईं विलाप करेंगी।
- Job 30:29 अय्यूब 30:29मैं गीदड़ों का भाई और शुतुर्मुर्गों का संगी हो गया हूँ।
- Job 17:3 अय्यूब 17:3जमानत दे अपने और मेरे बीच में तू ही जामिन हो; कौन है जो मेरे हाथ पर हाथ मारे?
- Lamentations 4:17 विलापगीत 4:17हमारी आंखें व्यर्थ ही सहायता की बाट जोहते जोहते रह गई हैं, हम लगातार एक ऐसी जाति की ओर ताकते रहे जो बचा नहीं सकी।
- Psalm 102:4–7 भजन संहिता 102:4–7मेरा मन झुलसी हुई घास की नाईं सूख गया है; और मैं अपनी रोटी खाना भूल जाता हूं। कहरते कहरते मेरा चमड़ा हडि्डयों में सट गया है। मैं जंगल के धनेश के समान हो गया हूं, मैं उजड़े स्थानों के उल्लू के समान बन गया हूं। मैं पड़ा पड़ा जागता रहता हूं और गौरे के समान हो गया हूं जो छत के ऊपर अकेला बैठता है।
- Psalm 119:82 भजन संहिता 119:82मेरी आंखें तेरे वचन के पूरे होने की बाट जोहते जोहते रह गईं है; और मैं कहता हूं कि तू मुझे कब शान्ति देगा?
- Psalm 143:7 भजन संहिता 143:7हे यहोवा, फुर्ती करके मेरी सुन ले; क्योंकि मेरे प्राण निकलने ही पर हैं मुझ से अपना मुंह न छिपा, ऐसा न हो कि मैं कबर में पड़े हुओं के समान हो जाऊं।