Isaiah · chapter 59 · verse 11
Isaiah 59:11 in Hindi
हम सब के सब रीछों की नाई चिल्लाते हैं और पण्डुकों के समान च्यूं च्यूं करते हैं; हम न्याय की बाट तो जोहते हैं, पर वह कहीं नहीं; और उद्धार की बाट जोहते हैं पर वह हम से दूर ही रहता है।
Ham sab ke sab reechhom kee naaee chillaate haim aur pandukom ke samaan chyoom chyoom karate haim; ham nyaay kee baat to johate haim, par vah kaheem naheem; aur uddhaar kee baat johate haim par vah ham se door hee rahataa hai.
Isaiah 59:11 in English
- King James Version (KJV)
- We roar all like bears, and mourn sore like doves: we look for judgment, but [there is] none; for salvation, [but] it is far off from us.
- World English Bible (WEB)
- We all roar like bears and moan sadly like doves. We look for justice, but there is none, for salvation, but it is far off from us.
- American Standard Version (ASV)
- We roar all like bears, and moan sore like doves: we look for justice, but there is none; for salvation, but it is far off from us.
- Bible in Basic English (BBE)
- We make noises of grief, like bears, and sad sounds like doves: we are looking for our right, but it is not there; for salvation, but it is far from us.
- Darby Translation (DBY)
- We roar all like bears, and mourn grievously like doves: we look for judgment, and there is none; for salvation, [but] it is far from us.
- Webster's Bible (WBS)
- We all roar like bears, and mourn bitterly like doves: we look for judgment, but [there is] none; for salvation, [but] it is far from us.
- Young's Literal Translation (YLT)
- We make a noise as bears — all of us, And as doves we coo sorely; We wait for judgment, and there is none, For salvation — it hath been far from us.
Read in context
- 9इस कारण न्याय हम से दूर है, और धर्म हमारे समीप ही नहीं आता हम उजियाले की बाट तो जोहते हैं, परन्तु, देखो अन्धियारा ही बना रहता है, हम प्रकाश की आशा तो लगाए हैं, परन्तु, घोर अन्धकार ही में चलते हैं।
- 10हम अन्धों के समान भीत टटोलते हैं, हां, हम बिना आंख के लोगों की नाईं टटोलते हैं; हम दिन- दोपहर रात की नाईं ठोकर खाते हैं, हृष्टपुष्टों के बीच हम मुर्दों के समान हैं।
- 11हम सब के सब रीछों की नाई चिल्लाते हैं और पण्डुकों के समान च्यूं च्यूं करते हैं; हम न्याय की बाट तो जोहते हैं, पर वह कहीं नहीं; और उद्धार की बाट जोहते हैं पर वह हम से दूर ही रहता है।
- 12क्योंकि हमारे अपराध तेरे साम्हने बहुत हुए हैं, हमारे पाप हमारे विरूद्ध साक्षी दे रहे हैं; हमारे अपराध हमारे संग हैं और हम अपने अधर्म के काम जानते हैं:
- 13हम ने यहोवा का अपराध किया है, हम उस से मुकर गए और अपने परमेश्वर के पीछे चलना छोड़ दिया, हम अन्धेर करने लगे और उलट फेर की बातें कहीं, हम ने झूठी बातें मन में गढ़ीं और कही भी हैं।
Cross references
- Isaiah 38:14 यशायाह 38:14मैं सूपाबेने वा सारस की नाई च्यूं च्यूं करता, मैं पिण्डुक की नाई विलाप करता हूं। मेरी आंखें ऊपर देखते देखते पत्थरा गई हैं। हे यहोवा, मुझ पर अन्धेर हो रहा है; तू मेरा सहारा हो!
- Ezekiel 7:16 यहेजकेल 7:16और उन में से जो बच निकलेंगे वे बचेंगे तो सही परन्तु अपने अपने अधर्म में फसे रहकर तराइयों में रहनेवाले कबूतरों की नाई पहाड़ों के ऊपर विलाप करते रहेंगे।
- Job 30:28–29 अय्यूब 30:28–29मैं शोक का पहिरावा पहिने हुए मानो बिना सूर्य की गमीं के काला हो गया हूँ। और सभा में खड़ा हो कर सहायता के लिये दोहाई देता हूँ। मैं गीदड़ों का भाई और शुतुर्मुर्गों का संगी हो गया हूँ।
- Isaiah 59:9 यशायाह 59:9इस कारण न्याय हम से दूर है, और धर्म हमारे समीप ही नहीं आता हम उजियाले की बाट तो जोहते हैं, परन्तु, देखो अन्धियारा ही बना रहता है, हम प्रकाश की आशा तो लगाए हैं, परन्तु, घोर अन्धकार ही में चलते हैं।
- Psalm 32:3–4 भजन संहिता 32:3–4जब मैं चुप रहा तक दिन भर कहरते कहरते मेरी हडि्डयां पिघल गई। क्योंकि रात दिन मैं तेरे हाथ के नीचे दबा रहा; और मेरी तरावट धूप काल की सी झुर्राहट बनती गई।।
- Psalm 119:155 भजन संहिता 119:155दुष्टों को उद्धार मिलना कठिन है, क्योंकि वे तेरी विधियों की सुधि नहीं रखते।
- Psalm 38:8 भजन संहिता 38:8मैं निर्बल और बहुत ही चूर हो गया हूं; मैं अपने मन की घबराहट से कराहता हूं।।
- Psalm 85:9 भजन संहिता 85:9निश्चय उसके डरवैयों के उठ्ठार का समय निकट है, तब हमारे देश में महिमा का निवास होगा।।
- Jeremiah 8:15 यिर्मयाह 8:15हम शान्ति की बाट जोहते थे, परन्तु कुछ कल्याण नहीं मिला, और चंगाई की आशा करते थे, परन्तु घबराना ही पड़ा है।
- Isaiah 51:20 यशायाह 51:20तेरे लड़के मूर्च्छित होकर हर एक सड़क के सिरे पर, महाजाल में फंसे हुए हरिण की नाई पड़े हैं; याहोवा की जलजलाहट और तेरे परमेश्वर की धमकी के कारण वे अचेत पड़े हैं।।
- Jeremiah 9:1 यिर्मयाह 9:1भला होता, कि मेरा सिर जल ही जल, और मेरी आंखें आँसुओं का सोता होतीं, कि मैं रात दिन अपने मारे हुए लोगों के लिये रोता रहता।
- Hosea 7:14 होशे 7:14वे मन से मेरी दोहाई नहीं देते, परन्तु अपने बिछौने पर पड़े हुए हाय, हाय, करते हैं; वे अन्न और नये दाखमधु पाने के लिये भीड़ लगाते, और मुझ से बलवा करते हैं।