Psalms · chapter 64 · verse 2
Psalm 64:2 in Hindi
कुकर्मियों की गोष्ठी से, और अनर्थकारियों के हुल्लड़ से मेरी आड़ हो।
Kukarmiyom kee goshthee se, aur anarthakaariyom ke hullad se meree aad ho.
Psalm 64:2 in English
- King James Version (KJV)
- Hide me from the secret counsel of the wicked; from the insurrection of the workers of iniquity:
- World English Bible (WEB)
- Hide me from the conspiracy of the wicked, from the noisy crowd of the ones doing evil;
- American Standard Version (ASV)
- Hide me from the secret counsel of evil-doers, From the tumult of the workers of iniquity;
- Bible in Basic English (BBE)
- Keep me safe from the secret purpose of wrongdoers; from the band of the workers of evil;
- Darby Translation (DBY)
- Hide me from the secret counsel of evil-doers, from the tumultuous crowd of the workers of iniquity,
- Webster's Bible (WBS)
- Hide me from the secret counsel of the wicked; from the insurrection of the workers of iniquity:
- Young's Literal Translation (YLT)
- Hidest me from the secret counsel of evil doers, From the tumult of workers of iniquity.
Read in context
- 1हे परमेश्वर, जब मैं तेरी दोहाई दूं, तब मेरी सुन; शत्रु के उपजाए हुए भय के समय मेरे प्राण की रक्षा कर।
- 2कुकर्मियों की गोष्ठी से, और अनर्थकारियों के हुल्लड़ से मेरी आड़ हो।
- 3उन्हों ने अपनी जीभ को तलवार की नाईं तेज किया है, और अपने कड़वे बचनों के तीरों को चढ़ाया है;
- 4ताकि छिपकर खरे मनुष्य को मारें; वे निडर होकर उसको अचानक मारते भी हैं।
Cross references
- Psalm 109:2–3 भजन संहिता 109:2–3क्योंकि दुष्ट और कपटी मनुष्यों ने मेरे विरूद्ध मुंह खोला है, वे मेरे विषय में झूठ बोलते हैं। और उन्हों ने बैर के वचनों से मुझे चारों ओर घेर लिया है, और व्यर्थ मुझ से लड़ते हैं।
- Psalm 31:20 भजन संहिता 31:20तू उन्हें दर्शन देने के गुप्तस्थान में मनुष्यों की बुरी गोष्ठी से गुप्त रखेगा; तू उनको अपने मण्डप में झगड़े- रगड़े से छिपा रखेगा।।
- Psalm 59:2 भजन संहिता 59:2मुझ को बुराई करनेवालों के हाथ से बचा, और हत्यारों से मेरा उद्वार कर।।
- Psalm 143:9 भजन संहिता 143:9हे हयोवा, मुझे शत्रुओं से बचा ले; मैं तेरी ही आड़ में आ छिपा हूं।
- Psalm 27:5 भजन संहिता 27:5क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा; अपने तम्बू के गुप्तस्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा।
- Jeremiah 11:19 यिर्मयाह 11:19मैं तो वध होनेवाले भेड़ के बच्चे के समान अनजान था। मैं न जानता था कि वे लोग मेरी हानि की युक्तियां यह कहकर करते हैं, आओ, हम फल समेत इस वृक्ष को उखाड़ दें, और जीवितों के बीच में से काट डालें, तब इसका नाम तक फिर स्मरण न रहे।
- Psalm 3:1 भजन संहिता 3:1हे यहोवा मेरे सतानेवाले कितने बढ़ गए हैं! वह जो मेरे विरूद्ध उठते हैं बहुत हैं।
- Isaiah 32:2 यशायाह 32:2हर एक मानो आंधी से छिपने का स्थान, और बौछार से आड़ होगा; या निर्जल देश में जल के झरनेे, व तप्त भूमि में बड़ी चट्टान की छाया।
- Jeremiah 18:23 यिर्मयाह 18:23हे यहोवा, तू उनकी सब युक्तियां जानता है जो वे मेरी मृत्यु के लिये करते हैं। इस कारण तू उनके इस अधर्म को न ढांप, न उनके पाप को अपने साम्हने से मिटा। वे तेरे देखते ही ठोकर खाकर गिर जाएं, अपने क्रोध में आकर उन से इसी प्रकार का व्यवहार कर।
- Psalm 2:2 भजन संहिता 2:2यहोवा के और उसके अभिषिक्त के विरूद्ध पृथ्वी के राजा मिलकर, और हाकिम आपस में सम्मति करके कहते हैं, कि
- Psalm 56:6 भजन संहिता 56:6वे सब मिलकर इकट्ठे होते हैं और छिपकर बैठते हैं; वे मेरे कदमों को देखते भालते हैं मानों वे मेरे प्राणों की घात में ताक लगाए बैठें हों।
- Acts 25:3 प्रेरितों के काम 25:3और उसे से बिनती करके उसके विरोध में यह बर चाहा, कि वह उसे यरूशलेम में बुलवाए, क्योंकि वे उसे रास्ते ही में मार डालने की घात लगाए हुए थे।