Obadiah · chapter 1 · verse 3
Obadiah 1:3 in Hindi
हे पहाड़ों की दरारों में बसनेवाले, हे ऊंचे स्थान में रहनेवाले, तेरे अभिमान ने तुझे धोखा दिया है; तू मन में कहता है,
He pahaadom kee daraarom mem basanevaale, he oonche sthaan mem rahanevaale, tere abhimaan ne tujhe dhokhaa diyaa hai; too man mem kahataa hai,
Obadiah 1:3 in English
- King James Version (KJV)
- The pride of thine heart hath deceived thee, thou that dwellest in the clefts of the rock, whose habitation [is] high; that saith in his heart, Who shall bring me down to the ground?
- World English Bible (WEB)
- The pride of your heart has deceived you, you who dwell in the clefts of the rock, whose habitation is high, who says in his heart, ‘Who will bring me down to the ground?’
- American Standard Version (ASV)
- The pride of thy heart hath deceived thee, O thou that dwellest in the clefts of the rock, whose habitation is high; that saith in his heart, Who shall bring me down to the ground?
- Bible in Basic English (BBE)
- You have been tricked by the pride of your heart, O you whose living-place is in the cracks of the rock, whose house is high up; who has said in his heart, Who will make me come down to earth?
- Darby Translation (DBY)
- The pride of thy heart hath deceived thee, thou that dwellest in the clefts of the rock, whose habitation is high; — he that saith in his heart, Who shall bring me down to the ground?
- Webster's Bible (WBS)
- The pride of thy heart hath deceived thee, thou that dwellest in the clefts of the rock, whose habitation [is] high; that saith in his heart, Who shall bring me down to the ground?
- Young's Literal Translation (YLT)
- The pride of thy heart hath lifted thee up, O dweller in clifts of a rock, (A high place [is] his habitation, He is saying in his heart, 'Who doth bring me down [to] earth?')
Read in context
- 1ओबद्याह का दर्शन।। हम लोगों ने यहोवा की ओर से समाचार सुना है, और एक दूत अन्यजातियों में यह कहने को भेजा गया है:
- 2उठो! हम उस से लड़ने को उठें! मैं तुझे जातियों में छोटा कर दूंगा, तू बहुत तुच्छ गिना जाएगा।
- 3हे पहाड़ों की दरारों में बसनेवाले, हे ऊंचे स्थान में रहनेवाले, तेरे अभिमान ने तुझे धोखा दिया है; तू मन में कहता है,
- 4कौन मुझे भूमि पर उतार देगा? परन्तु चाहे तू उकाब की नाईं ऊंचा उड़ता हो, वरन तारागण के बीच अपना घोंसला बनाए हो, तौभी मैं तुझे वहां से नीचे गिराऊंगा, यहोवा की यही वाणी है।।
- 5यदि चोर- डाकू रात को तेरे पास आते, (हाय, तू कैसे मिटा दिया गया है!) तो क्या वे चुराए हुए धन से तृप्त होकर चले न जाते? और यदि दाख के तोड़नेवाले तेरे पास आते, तो क्या वे कहीं कहीं दाख न छोड़ जाते?
Cross references
- Isaiah 14:13–15 यशायाह 14:13–15तू मन में कहता तो था कि मैं स्वर्ग पर चढूंगा; मैं अपने सिंहासन को ईश्वर के तारागण से अधिक ऊंचा करूंगा; और उत्तर दिशा की छोर पर सभा के पर्वत पर बिराजूंगा; मैं मेघों से भी ऊंचे ऊंचे स्थानों के ऊपर चढूंगा, मैं परमप्रधान के तुल्य हो जाऊंगा। परन्तु तू अधोलोक में उस गड़हे की तह तक उतारा जाएगा।
- Proverbs 29:23 नीतिवचन 29:23मनुष्य गर्व के कारण नीचा खाता है, परन्तु नम्र आत्मावाला महिमा का अधिकारी होता है।
- Jeremiah 49:16 यिर्मयाह 49:16हे चट्टान की दरारों में बसे हुए, हे पहाड़ी की चोटी पर किला बनानेवाले! तेरे भयानक रूप और मन के अभिमान ने तुझे धोखा दिया है। चाहे तू उकाब की नाई। अपना बसेरा ऊंचे स्थान पर बनाए, तौभी मैं वहां से तुझे उतार लाऊंगा, यहोवा की यही वाणी है।
- 2 Kings 14:7 2 राजा 14:7उसी अमस्याह ने लोन की तराई में दस हजार एदोमी पुरूष मार डाले, और सेला नगर से युठ्ठ करके उसे ले लिया, और उसका नाम योक्तेल रखा, और वह नाम आज तक चलता है।
- Isaiah 16:6 यशायाह 16:6हम ने मोआब के गर्व के विषय सुना है कि वह अत्यन्त अभिमानी था; उसके अभिमान और गर्व और रोष के सम्बन्ध में भी सुना है परन्तु उसका बड़ा बोल व्यर्थ है।
- Malachi 1:4 मलाकी 1:4एदोम कहता है, हमारा देश उजड़ गया है, परन्तु हम खण्डहरों को फिरकर बसाएंगे; सेनाओं का यहोवा यों कहता है, यदि वे बनाए भी, परन्तु मैं ढा दूंगा; उनका नाम दुष्ट जाति पड़ेगा, और वे ऐसे लोग कहलाएंगे जि पर यहोवा सदैव क्रोधित रहे।
- Isaiah 47:7–8 यशायाह 47:7–8तू ने कहा, मैं सर्वदा स्वामिन बनी रहूंगी, सो तू ने अपने मन में इन बातों पर विचार न किया और यह भी न सोचा कि उनका क्या फल होगा।। इसलिये सुन, तू जो राग- रंग में उलझी हुई निडर बैठी रहती है और मन में कहती है कि मैं ही हूं, और मुझे छोड़ कोई दूसरा नहीं; मैं विधवा की नाईं न बैठूंगी और न मेरे लड़केबोल मिटेंगे।
- Proverbs 16:18 नीतिवचन 16:18विनाश से पहिले गर्व, और ठोकर खाने से पहिले घमण्ड होता है।
- Jeremiah 48:29–30 यिर्मयाह 48:29–30हम ने मोआब के गर्व के विषय में सुना है कि वह अत्यन्त अभिमानी है; उसका गर्व, अभिमान और अहंकार, और उसका मन फूलना प्रसिद्व है। यहोवा की यह वाणी है, मैं उसके रोष को भी जानता हूँ कि वह व्यर्थ ही है, उसके बड़े बोल से कुछ बन न पड़ा।
- Proverbs 18:12 नीतिवचन 18:12नाश होने से पहिले मनुष्य के मन में घमण्ड, और महिमा पाने से पहिले नम्रता होती है।
- Jeremiah 49:4 यिर्मयाह 49:4हे भटकनेवाली बेटी! तू अपने देश की तराइयों पर, विशेष कर अपने बहुत ही अपजाऊ तराई पर क्यों फूलती है? तू क्यों यह कहकर अपने रखे हुए धन पर भरोसा रखती है, कि मेरे विरूद्व कौन चढ़ाई कर सकेगा?
- 2 Chronicles 25:12 2 इतिहास 25:12और यहूलियों ने दस हजार को बन्धुआ करके चट्टान की चोटी पर ले गये, और चट्टान की चोटी पर से गिरा दिया, सो वे सब चूर चूर हो गए।
Original words (Hebrew)
- pride · H2087זָדוֹן zâdôwn
- heart · H3820לֵב lêb
- deceived · H5377נָשָׁא nâshâʼ
- dwellest · H7931שָׁכַן shâkan
- clefts · H2288חֲגָו chăgâv
- rock · H5553סֶלַע çelaʻ
- habitation · H3427יָשַׁב yâshab
- high · H4791מָרוֹם mârôwm
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- heart · H3820לֵב lêb
- down · H3381יָרַד yârad
- ground · H776אֶרֶץ ʼerets