Job · chapter 10 · verse 18
Job 10:18 in Hindi
तू ने मुझे गर्भ से क्यों निकाला? नहीं तो मैं वहीं प्राण छोड़ता, और कोई मुझे देखने भी न पाता।
Too ne mujhe garbh se kyom nikaalaa? Naheem to maim vaheem praan chhodataa, aur koee mujhe dekhane bhee na paataa.
Job 10:18 in English
- King James Version (KJV)
- Wherefore then hast thou brought me forth out of the womb? Oh that I had given up the ghost, and no eye had seen me!
- World English Bible (WEB)
- “‘Why, then, have you brought me out of the womb? I wish I had given up the spirit, and no eye had seen me.
- American Standard Version (ASV)
- Wherefore then hast thou brought me forth out of the womb? I had given up the ghost, and no eye had seen me.
- Bible in Basic English (BBE)
- Why then did you make me come out of my mother's body? It would have been better for me to have taken my last breath, and for no eye to have seen me,
- Darby Translation (DBY)
- And wherefore didst thou bring me forth out of the womb? I had expired, and no eye had seen me.
- Webster's Bible (WBS)
- Why then hast thou brought me forth from the womb? O that I had expired, and no eye had seen me!
- Young's Literal Translation (YLT)
- And why from the womb Hast Thou brought me forth? I expire, and the eye doth not see me.
Read in context
- 16और चाहे सिर उठाऊं तौभी तू सिंह की नाई मेरा अहेर करता है, और फिर मेरे विरूद्ध आश्चर्यकर्म करता है।
- 17तू मेरे साम्हने अपने नये नये साक्षी ले आता है, और मुझ पर अपना क्रोध बढ़ाता है; और मुझ पर सेना पर सेना चढ़ाई करती है।
- 18तू ने मुझे गर्भ से क्यों निकाला? नहीं तो मैं वहीं प्राण छोड़ता, और कोई मुझे देखने भी न पाता।
- 19मेरा होना न होने के समान होता, और पेट ही से क़ब्र को पहुंचाया जाता।
- 20क्या मेरे दिन थोड़े नहीं? मुझे छोड़ दे, और मेरी ओर से मुंह फेर ले, कि मेरा मन थोड़ा शान्त हो जाए
Cross references
- Jeremiah 20:14–18 यिर्मयाह 20:14–18स्रापित हो वह दिन जिस में मैं उत्पन्न हुआ! जिस दिन मेरी माता ने मुझ को जन्म दिया वह धन्य न हो! स्रापित हो वह जन जिस ने मेरे पिता को यह समाचार देकर उसको बहुत आनन्दित किया कि तेरे लड़का उत्पन्न हुआ है। उस जन की दशा उन नगरों की सी हो जिन्हें यहोवा ने बिन दया ढा दिया; उसे सवेरे तो चिल्लाहट और दोपहर को युठ्ठ की ललकार सुनाई दिया करे, क्योंकि उस ने मुझे गर्भ ही में न मार डाला कि मेरी माता का गर्भाशय ही मेरी क़ब्र होती, और मैं उसी में सदा पड़ा रहता। मैं क्यों उत्पात और शोक भोगने के लिये जन्मा और कि अपने जीवन में परिश्रम और दुेचा देखूं, और उपने दिन नामधराई में व्यतीत करूं?
- Job 11:20 अय्यूब 11:20परन्तु दुष्ट लोगों की आंखें रह जाएंगी, और उन्हें कोई शरूण स्थान न मिलेगा और उनकी आशा यही होगी कि प्राण निकल जाए।
- Jeremiah 15:10 यिर्मयाह 15:10हे मेरी माता, मुझ पर हाय, कि तू ने मुझ ऐसे मनुष्य को उत्पन्न किया जो संसार भर से झगड़ा और वादविवाद करनेवाला ठहरा है! न तो मैं ने व्याज के लिये रूपये दिए, और न किसी से उधार लिए हैं, तौभी लोग मुझे कोसते हैं।
- Matthew 26:24 मत्ती 26:24मनुष्य का पुत्रा तो जैसा उसके विषय में लिखा है, जाता ही है; परन्तु उस मनुष्य के लिये शोक है जिस के द्वारा मनुष्य का पुत्रा पकड़वाया जाता है: यदि उस मनुष्य का जन्म न होता, तो उसके लिये भला होता।
- Job 14:10 अय्यूब 14:10परन्तु पुरूष मर जाता, और पड़ा रहता है; जब उसका प्राण छूट गया, तब वह कहां रहा?
- Job 3:10–11 अय्यूब 3:10–11क्योंकि उस ने मेरी माता की कोख को बन्द न किया और कष्ट को मेरी दृष्टि से न छिपाया। मैं गर्भ ही में क्यों न मर गया? मैं पेट से निकलते ही मेरा प्राण क्यों न छूटा?