Job · chapter 10 · verse 20
Job 10:20 in Hindi
क्या मेरे दिन थोड़े नहीं? मुझे छोड़ दे, और मेरी ओर से मुंह फेर ले, कि मेरा मन थोड़ा शान्त हो जाए
Kyaa mere din thode naheem? Mujhe chhod de, aur meree or se munh pher le, ki meraa man thodaa shaant ho jaae
Job 10:20 in English
- King James Version (KJV)
- [Are] not my days few? cease [then, and] let me alone, that I may take comfort a little,
- World English Bible (WEB)
- Aren’t my days few? Stop! Leave me alone, that I may find a little comfort,
- American Standard Version (ASV)
- Are not my days few? cease then, And let me alone, that I may take comfort a little,
- Bible in Basic English (BBE)
- Are not the days of my life small in number? Let your eyes be turned away from me, so that I may have a little pleasure,
- Darby Translation (DBY)
- Are not my days few? cease then and let me alone, that I may revive a little,
- Webster's Bible (WBS)
- [Are] not my days few? cease [then] , [and] let me alone, that I may take comfort a little,
- Young's Literal Translation (YLT)
- Are not my days few? Cease then, and put from me, And I brighten up a little,
Read in context
- 18तू ने मुझे गर्भ से क्यों निकाला? नहीं तो मैं वहीं प्राण छोड़ता, और कोई मुझे देखने भी न पाता।
- 19मेरा होना न होने के समान होता, और पेट ही से क़ब्र को पहुंचाया जाता।
- 20क्या मेरे दिन थोड़े नहीं? मुझे छोड़ दे, और मेरी ओर से मुंह फेर ले, कि मेरा मन थोड़ा शान्त हो जाए
- 21इस से पहिले कि मैं वहां जाऊं, जहां से फिर न लौटूंगा, अर्थात् अन्धियारे और धोर अन्धकार के देश में, जहां अन्धकार ही अन्धकार है;
- 22और मृत्यु के अन्धकार का देश जिस में सब कुछ गड़बड़ है; और जहां प्रकाश भी ऐसा है जैसा अन्धकार।
Cross references
- Job 14:1 अय्यूब 14:1मनुष्य जो स्त्री से उत्मन्न होता है, वह थेड़े दिनों का और दुख से भरा रहता है।
- Psalm 39:13 भजन संहिता 39:13आह! इस से पहिले कि मैं यहां से चला जाऊं और न रह जाऊं, मुझे बचा ले जिस से मैं प्रदीप्त जीवन प्राप्त करूं!
- Psalm 103:15–16 भजन संहिता 103:15–16मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल की नाईं फूलता है, जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता, और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है।
- Psalm 39:5 भजन संहिता 39:5देख, तू ने मेरे आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरी अवस्था तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तौभी व्यर्थ ठहरे हैं।
- Job 7:6–7 अय्यूब 7:6–7मेरे दिन जुलाहे की धड़की से अधिक फुत से चलनेवाले हैं और निराशा में बीते जाते हैं। याद कर कि मेरा जीवन वायु ही है; और मैं अपनी आंखों से कल्याण फिर न देखूंगा।
- Job 13:21 अय्यूब 13:21अपनी ताड़ना मुझ से दूर कर ले, और अपने भय से मुझे भयभीत न कर।
- Job 9:25–26 अय्यूब 9:25–26मेरे दिन हरकारे से भी अधिक वेग से चले जाते हैं; वे भागे जाते हैं और उनको कल्याण कुछ भी दिखाई नहीं देता। वे वेग चाल से नावों की नाई चले जाते हैं, वा अहेर पर झपटते हुए उक़ाब की नाई।
- Job 7:16–21 अय्यूब 7:16–21मुझे अपने जीवन से घृणा आती है; मैं सर्वदा जीवित रहना नहीं चाहता। मेरा जीवनकाल सांस सा है, इसलिये मुझे छोड़ दे। मनुष्य क्या है, कि तू उसे महत्व दे, और अपना मन उस पर लगाए, और प्रति भोर को उसकी सुधि ले, और प्रति क्षण उसे जांचता रहे? तू कब तक मेरी ओर आंख लगाए रहेगा, और इतनी देर के लिये भी मुझे न छोड़ेगा कि मैं अपना थूक निगल लूं? हे मनुष्यों के ताकनेवाले, मैं ने पाप तो किया होगा, तो मैं ने तेरा क्या बिगाड़ा? तू ने क्यों मुझ को अपना निशाना बना लिया है, यहां तक कि मैं अपने ऊपर आपही बोझ हुआ हूँ? और तू क्यों मेरा अपराध क्षमा नहीं करता? और मेरा अधर्म क्यों दूर नहीं करता? अब तो मैं मिट्टी में सो जाऊंगा, और तू मुझे यत्न से ढूंढ़ेगा पर मेरा पता नहीं मिलेगा।
- Job 8:9 अय्यूब 8:9क्योंकि हम तो कल ही के हैं, और कुछ नहीं जानते; और पृथ्वी पर हमारे दिन छाया की नाई बीतते जाते हैं।