Job · chapter 11 · verse 4
Job 11:4 in Hindi
तू तो यह कहता है कि मेरा सिठ्ठान्त शुठ्ठ है और मैं ईश्वर की दृष्टि में पवित्रा हूँ।
Too to yah kahataa hai ki meraa siththaant shuthth hai aur maim eeshvar kee drushti mem pavitraa hoon.
Job 11:4 in English
- King James Version (KJV)
- For thou hast said, My doctrine [is] pure, and I am clean in thine eyes.
- World English Bible (WEB)
- For you say, ‘My doctrine is pure. I am clean in your eyes.’
- American Standard Version (ASV)
- For thou sayest, My doctrine is pure, And I am clean in thine eyes.
- Bible in Basic English (BBE)
- You may say, My way is clean, and I am free from sin in your eyes.
- Darby Translation (DBY)
- For thou sayest, My doctrine is pure, and I am clean in thine eyes.
- Webster's Bible (WBS)
- For thou hast said, My doctrine [is] pure, and I am clean in thy eyes.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And thou sayest, 'Pure [is] my discourse, And clean I have been in Thine eyes.'
Read in context
- 2बहुत सी बातें जो कही गई हैं, क्या उनका उत्तर देना न चाहिये? क्या बकवादी मनुष्य धम ठहराया जाए?
- 3क्या तेरे बड़े बोल के कारण लोग चुप रहें? और जब तू ठट्ठा करता है, तो क्या कोई तुझे लज्जित न करे?
- 4तू तो यह कहता है कि मेरा सिठ्ठान्त शुठ्ठ है और मैं ईश्वर की दृष्टि में पवित्रा हूँ।
- 5परन्तु भला हो, कि ईश्वर स्वयं बातें करें, और तेरे विरूद्ध मुंह खोले,
- 6और तुझ पर बुध्दि की गुप्त बातें प्रगट करे, कि उनका मर्म तेरी बुध्दि से बढ़कर है। इसलिये जान ले, कि ईश्वर तेरे अधर्म में से बहुत कुछ भूल जाता है।
Cross references
- Job 10:7 अय्यूब 10:7तुझे तो मालूम ही है, कि मैं दुष्ट नहीं हूँ, और तेरे हाथ से कोई छुड़ानेवाला नहीं!
- Job 6:10 अय्यूब 6:10यही मेरी शान्ति का कारण; वरन भारी पीड़ा में भी मैं इस कारण से उछल पड़ता; क्योंकि मैं ने उस पवित्रा के वचनों का कभी इनकार नहीं किया।
- Job 9:2–3 अय्यूब 9:2–3मैं निश्चय जानता हूं, कि बात ऐसी ही है; परन्तु मनुष्य ईश्वर की दृष्टि में क्योंकर धम ठहर सकता है? चाहे वह उस से मुक़ मा लड़ना भी चाहे तौभी मनुष्य हजार बातों में से एक का भी उत्तर न दे सकेगा।
- 1 Peter 3:15 1 पतरस 3:15पर मसीह को प्रभु जानकर अपने अपने मन में पवित्रा समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ।
- Job 7:20 अय्यूब 7:20हे मनुष्यों के ताकनेवाले, मैं ने पाप तो किया होगा, तो मैं ने तेरा क्या बिगाड़ा? तू ने क्यों मुझ को अपना निशाना बना लिया है, यहां तक कि मैं अपने ऊपर आपही बोझ हुआ हूँ?
- Job 6:29–30 अय्यूब 6:29–30फिर कुछ अन्याय न होने पाए; फिर इस मुक़ मे में मेरा धर्म ज्यों का त्यों बना है, मैं सत्य पर हूँ। क्या मेरे वचनों में कुछ कुटिलता है? क्या मैं दुष्टता नहीं पहचान सकता?
- Job 14:4 अय्यूब 14:4अशुठ्ठ वस्तु से शुठ्ठ वस्तु को कौन निकाल सकता है? कोई नहीं।
- Job 34:5–6 अय्यूब 34:5–6क्योंकि अरयूब ने कहा है, कि मैं निदष हूँ, और ईश्वर ने मेरा हक़ मार दिया है। यद्यपि मैं सच्चाई पर हूं, तौभी झूठा ठहरता हूँ, मैं निरपराध हूँ, परन्तु मेरा घाव असाध्य है।
- Job 35:2 अय्यूब 35:2कि क्या तू इसे अपना हम समझता है? क्या तू दावा करता है कि तेरा धर्म ईश्वर के धर्म से अधिक है?