Job · chapter 12 · verse 6
Job 12:6 in Hindi
डाकुओं के डेरे कुशल क्षेम से रहते हैं, और जो ईश्वर को क्रोध दिलाते हैं, वह बहुत ही निडर रहते हैं; और उनके हाथ में ईश्वर बहुत देता है।
Daakuom ke dere kushal kshem se rahate haim, aur jo eeshvar ko krodh dilaate haim, vah bahut hee nidar rahate haim; aur unake haath mem eeshvar bahut detaa hai.
Job 12:6 in English
- King James Version (KJV)
- The tabernacles of robbers prosper, and they that provoke God are secure; into whose hand God bringeth [abundantly].
- World English Bible (WEB)
- The tents of robbers prosper. Those who provoke God are secure, who carry their god in their hands.
- American Standard Version (ASV)
- The tents of robbers prosper, And they that provoke God are secure; Into whose hand God bringeth [abundantly].
- Bible in Basic English (BBE)
- There is wealth in the tents of those who make destruction, and those by whom God is moved to wrath are safe; even those whose god is their strength.
- Darby Translation (DBY)
- The tents of desolators are in peace, and they that provoke God are secure; into whose hand God bringeth.
- Webster's Bible (WBS)
- The tabernacles of robbers prosper, and they that provoke God are secure; into whose hand God bringeth [abundantly] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- At peace are the tents of spoilers, And those provoking God have confidence, He into whose hand God hath brought.
Read in context
- 4मैं ईश्वर से प्रार्थना करता था, और वह मेरी सुन दिया करता था; परन्तु अब मेरे पड़ोसी मुझ पर हंसते हैं; जो धम और खरा मनुष्य है, वह हंसी का कारण हो गया है।
- 5दु:खी लोग तो सुखियों की समझ में तुच्छ जाने जाते हैं; और जिनके पांव फिसला चाहते हैं उनका अपमान अवश्य ही होता है।
- 6डाकुओं के डेरे कुशल क्षेम से रहते हैं, और जो ईश्वर को क्रोध दिलाते हैं, वह बहुत ही निडर रहते हैं; और उनके हाथ में ईश्वर बहुत देता है।
- 7पशुओं से तो पूछ और वे तुझे दिखाएंगे; और आकाश के पक्षियों से, और वे तुझे बता देंगे।
- 8पृथ्वी पर ध्यान दे, तब उस से तुझे शिक्षा मिलेगी; ओर समुद्र की मछलियां भी तुझ से वर्णन करेंगी।
Cross references
- Job 9:24 अय्यूब 9:24देश दुष्टों के हाथ में दिया गया है। वह उसके न्यायियों की आंखों को मून्द देता है; इसका करनेवाला वही न हो तो कौन है?
- Psalm 73:11–12 भजन संहिता 73:11–12फिर वे कहते हैं, ईश्वर कैसे जानता है? क्या परमप्रधान को कुछ ज्ञान है? देखो, ये तो दुष्ट लोग हैं; तौभी सदा सुभागी रहकर, धन सम्पत्ति बटोरते रहते हैं।
- Psalm 37:35 भजन संहिता 37:35मैं ने दुष्ट को बड़ा पराक्रमी और ऐसा फैलता हुए देखा, जैसा कोई हरा पेड़ अपने निज भूमि में फैलता है।
- Job 21:7–15 अय्यूब 21:7–15क्या कारण है कि दुष्ट लोग जीवित रहते हैं, वरन बूढ़े भी हो जाते, और उनका धन बढ़ता जाता है? उनकी सन्तान उनके संग, और उनके बालबच्चे उनकी आंखों के साम्हने बने रहते हैं। उनके घर में भयरहित कुशल रहता है, और ईश्वर की छड़ी उन पर नहीं पड़ती। उनका सांड़ गाभिन करता और चूकता नहीं, उनकी गायें बियाती हैं और बच्चा कभी नहीं गिरातीं। वे अपने लड़कों को झुणड के झुणड बाहर जाने देते हैं, और उनके बच्चे नाचते हैं। वे डफ और वीणा बजाते हुए गाते, और बांसुरी के शब्द से आनन्दित होते हैं। वे अपने दिन सुख से बिताते, और पल भर ही में अधोलोक में उतर जाते हैं। तौभी वे ईश्वर से कहते थे, कि हम से दूर हो! तेरी गति जानने की हम को इच्छा नहीं रहती। सर्वशक्तिमान क्या है, कि हम उसकी सेवा करें? और जो हम उस से बिनती भी करें तो हमें क्या लाभ होगा?
- Psalm 37:1 भजन संहिता 37:1कुकर्मियों के कारण मत कुढ़, कुटिल काम करनेवालों के विषय डाह न कर!
- Psalm 17:14 भजन संहिता 17:14अपना हाथ बढ़ाकर हे यहोवा, मुझे मनुष्यों से बचा, अर्थात् संसारी मनुष्यों से जिनका भाग इसी जीवन में है, और जिनका पेट तू अपने भण्डार से भरता है। वे बालबच्चों से सन्तुष्ट हैं; और शेष सम्पति अपने बच्चों के लिये छोड़ जाते हैं।।
- Job 22:18 अय्यूब 22:18तौभी उस ने उनके घर अच्छे अच्छे पदाथसे भर दिए-- परन्तु दुष्ट लोगों का विचार मुझ से दूर रहे।
- Jeremiah 5:27 यिर्मयाह 5:27जैसा पिंजड़ा चिड़ियों से भरा हो, वैसे ही उनके घर छल से भरे रहते हैं; इसी प्रकार वे बढ़ गए और धनी हो गए हैं।