Job · chapter 13 · verse 6
Job 13:6 in Hindi
मेरा विवाद सुनो, और मेरी बहस की बातों पर कान लगाओ।
Meraa vivaad suno, aur meree bahas kee baatom par kaan lagaao.
Job 13:6 in English
- King James Version (KJV)
- Hear now my reasoning, and hearken to the pleadings of my lips.
- World English Bible (WEB)
- Hear now my reasoning. Listen to the pleadings of my lips.
- American Standard Version (ASV)
- Hear now my reasoning, And hearken to the pleadings of my lips.
- Bible in Basic English (BBE)
- Give ear to the argument of my mouth, and take note of the words of my lips.
- Darby Translation (DBY)
- Hear now my defence, and hearken to the pleadings of my lips.
- Webster's Bible (WBS)
- Hear now my reasoning, and hearken to the pleadings of my lips.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Hear, I pray you, my argument, And to the pleadings of my lips attend,
Read in context
- 4परन्तु तुम लोग झूठी बात के गढ़नेवाले हो; तुम सबके सब निकम्मे वैद्य हो।
- 5भला होता, कि तुम बिलकुल चुप रहते, और इस से तुम बुध्दिमान ठहरते।
- 6मेरा विवाद सुनो, और मेरी बहस की बातों पर कान लगाओ।
- 7क्या तुम ईश्वर के निमित्त टेढ़ी बातें कहोगे, और उसके पक्ष में कपट से बोलोगे?
- 8क्या तुम उसका पक्षपात करोगे? और ईश्वर के लिये मुक मा चलाओगे।
Cross references
- Job 34:2 अय्यूब 34:2हे बुध्दिमानो! मेरी बातें सुनो, और हे ज्ञानियो! मेरी बातों पर कान लगाओ;
- Judges 9:7 न्यायियों 9:7इसका समाचार सुनकर योताम गरिज्जीम पहाड़ की चोटी पर जाकर खड़ा हुआ, और ऊंचे स्वर से पुकारा के कहने लगा, हे शकेम के मनुष्यों, मेरी सुनो, इसलिये कि परमेश्वर तुम्हारी सुनें।
- Job 33:1–3 अय्यूब 33:1–3तौभी हे अरयूब! मेरी बातें सुन ले, और मेरे सब वचनों पर कान लगा। मैं ने तो अपना मुंह खोला है, और मेरी जीभ मुंह में चुलबुला रही है। मेरी बातें मेरे मन की सिधाई प्रगट करेंगी; जो ज्ञान मैं रखता हूं उसे खराई के साथ कहूंगा।
- Proverbs 8:6–7 नीतिवचन 8:6–7सुनो, क्योंकि मैं उत्तम बातें कहूंगी, और जब मुंह खोलूंगी, तब उस से सीधी बातें निकलेंगी; क्योंकि मुझ से सच्चाई की बातों का वर्णन होगा; दुष्टता की बातों से मुझ को घृणा आती है।।
- Job 21:2–3 अय्यूब 21:2–3चित्त लगाकर मेरी बात सुनो; और तुम्हारी शान्ति यही ठहरे। मेरी कुछ तो सहो, कि मैं भी बातें करूं; और जब मैं बातें कर चुकूं, तब पीछे ठट्ठा करना।