Job · chapter 14 · verse 13
Job 14:13 in Hindi
भला होता कि तू मुझे अधोलोक में छिपा लेता, और जब तक तेरा कोप ठंढा न हो जाए तब तक मुझे छिपाए रखता, और मेरे लिये समय नियुक्त करके फिर मेरी सुधि लेता।
Bhalaa hotaa ki too mujhe adholok mem chhipaa letaa, aur jab tak teraa kop thandhaa na ho jaae tab tak mujhe chhipaae rakhataa, aur mere liye samay niyukt karake phir meree sudhi letaa.
Job 14:13 in English
- King James Version (KJV)
- O that thou wouldest hide me in the grave, that thou wouldest keep me secret, until thy wrath be past, that thou wouldest appoint me a set time, and remember me!
- World English Bible (WEB)
- “Oh that you would hide me in Sheol, that you would keep me secret until your wrath is past, that you would appoint me a set time and remember me!
- American Standard Version (ASV)
- Oh that thou wouldest hide me in Sheol, That thou wouldest keep me secret, until thy wrath be past, That thou wouldest appoint me a set time, and remember me!
- Bible in Basic English (BBE)
- If only you would keep me safe in the underworld, putting me in a secret place till your wrath is past, giving me a fixed time when I might come to your memory again!
- Darby Translation (DBY)
- Oh that thou wouldest hide me in Sheol, that thou wouldest keep me secret until thine anger be past, that thou wouldest appoint me a set time, and remember me, —
- Webster's Bible (WBS)
- O that thou wouldst hide me in the grave, that thou wouldst keep me secret, until thy wrath is past, that thou wouldst appoint me a set time, and remember me!
- Young's Literal Translation (YLT)
- O that in Sheol Thou wouldest conceal me, Hide me till the turning of Thine anger, Set for me a limit, and remember me.
Read in context
- 11जैसे नील नदी का जल घट जाता है, और जैसे महानद का जल सूखते सूखते सूख जाता है,
- 12वैसे ही मनुष्य लेट जाता और फिर नहीं उठता; जब तक आकाश बना रहेगा तब तक वह न जागेगा, और न उसकी नींद टूटेगी।
- 13भला होता कि तू मुझे अधोलोक में छिपा लेता, और जब तक तेरा कोप ठंढा न हो जाए तब तक मुझे छिपाए रखता, और मेरे लिये समय नियुक्त करके फिर मेरी सुधि लेता।
- 14यदि मनुष्य मर जाए तो क्या वह फिर जीवित होगा? जब तक मेरा छूटकारा न होता तब तक मैं अपनी कठिन सेवा के सारे दिन आशा लगाए रहता।
- 15तू मुझे बुलाता, और मैं बोलता; तुझे अपने हाथ के बनाए हुए काम की अभिलाषा होती।
Cross references
- Isaiah 26:20–21 यशायाह 26:20–21हे मेरे लोगों, आओ, अपनी अपनी कोठरी में प्रवेश करके किवाड़ों को बन्द करो; थोड़ी देर तक जब तक क्रोध शान्त न हो तब तक अपने को छिपा रखो। क्योंकि देखो, यहोवा पृथ्वी निवासियों को अधर्म का दण्ड देने के लिये अपने स्थान से चला आता है, और पृथ्वी अपना खून प्रगट करेगी और घात किए हुओं को और अधिक न छिपा रखेगी।।
- Isaiah 57:1–2 यशायाह 57:1–2धर्मी जन नाश होता है, और कोई इस बात की चिन्ता नहीं करता; भक्त मनुष्य उठा लिए जाते हैं, परन्तु कोई नहीं सोचता। धर्मी जन इसलिये उठा लिया गया कि आनेवाली आपत्ति से बच जाए, वह शान्ति को पहुंचता है; जो सीधी चाल चलता है वह अपनी खाट पर विश्राम करता है।।
- Mark 13:32 मरकुस 13:32उस दिन या उस घड़ी के विषय में कोई नहीं जानता, न स्वर्ग के दूत और न पुत्रा; परन्तु केवल पिता।
- Acts 1:7 प्रेरितों के काम 1:7उस ने उन से कहा; उन समयों या कालों को जानना, जिन को पिता ने अपने ही अधिकार में रखा है, तुम्हारा काम नहीं।
- Genesis 8:1 उत्पत्ति 8:1और परमेश्वर ने नूह की, और जितने बनैले पशु, और घरेलू पशु उसके संग जहाज में थे, उन सभों की सुधि ली: और परमेश्वर ने पृथ्वी पर पवन बहाई, और जल घटने लगा।
- Job 3:17–19 अय्यूब 3:17–19उस दशा में दुष्ट लोग फिर दु:ख नहीं देते, और थके मांदे विश्राम पाते हैं। उस में बन्धुए एक संग सुख से रहते हैं; और परिश्रम करानेवाले का शब्द नहीं सुनते। उस में छोटे बड़े सब रहते हैं, और दास अपने स्वामी से स्वतन्त्रा रहता है।
- Luke 23:42 लूका 23:42तब उस ने कहा; हे यीशु, जब तू अपने राज्य में आए, तो मेरी सुधि लेना।
- Acts 17:31 प्रेरितों के काम 17:31क्योंकि उस ने एक दिन ठहराया है, जिस में वह उस मनुष्य के द्वारा धर्म से जगत का न्याय करेगा, जिसे उस ने ठहराया है और उसे मरे हुओं में से जिलाकर, यह बात सब पर प्रामाणित कर दी है।।
- Psalm 106:4 भजन संहिता 106:4हे यहोवा, अपनी प्रजा पर की प्रसन्नता के अनुसार मुझे स्मरण कर, मेरे उद्धार के लिये मेरी सुधि ले,
- Isaiah 12:1 यशायाह 12:1उस दिन तू कहेगा, हे यहोवा, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, क्योंकि यद्यिप तू मुझ पर क्रोधित हुआ था, परन्तु अब तेरा क्रोध शान्त हुआ, और तू ने मुझे शान्ति दी है।।