Job · chapter 16 · verse 17
Job 16:17 in Hindi
तौभी मुझ से कोई उपद्रव नहीं हुआ है, और मेरी प्रार्थना पवित्रा है।
Taubhee mujh se koee upadrav naheem huaa hai, aur meree praarthanaa pavitraa hai.
Job 16:17 in English
- King James Version (KJV)
- Not for [any] injustice in mine hands: also my prayer [is] pure.
- World English Bible (WEB)
- although there is no violence in my hands, and my prayer is pure.
- American Standard Version (ASV)
- Although there is no violence in my hands, And my prayer is pure.
- Bible in Basic English (BBE)
- Though my hands have done no violent acts, and my prayer is clean.
- Darby Translation (DBY)
- Although there is no violence in my hands, and my prayer is pure.
- Webster's Bible (WBS)
- Not for [any] injustice in my hands: also my prayer [is] pure.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Not for violence in my hands, And my prayer [is] pure.
Read in context
- 15मैं ने अपनी खाल पर टाट को सी लिया है, और अपना सींग मिट्टी में मैला कर दिया है।
- 16रोते रोते मेरा मुंह सूज गया है, और मेरी आंखों पर घोर अन्धकार छा गया है;
- 17तौभी मुझ से कोई उपद्रव नहीं हुआ है, और मेरी प्रार्थना पवित्रा है।
- 18हे पृथ्वी, तू मेरे लोहू को न ढांपना, और मेरी दोहाई कहीं न रूके।
- 19अब भी स्वर्ग में मेरा साक्षी है, और मेरा गवाह ऊपर है।
Cross references
- Proverbs 15:8 नीतिवचन 15:8दुष्ट लोगों के बलिदान से यहोवा धृणा करता है, परन्तु वह सीधे लोगों की प्रार्थना से प्रसन्न होता है।
- Psalm 66:18–19 भजन संहिता 66:18–19यदि मैं मन में अनर्थ बात सोचता तो प्रभु मेरी न सुनता। परन्तु परमेश्वर ने तो सुना है; उस ने मेरी प्रार्थना की ओर ध्यान दिया है।।
- Job 8:5–6 अय्यूब 8:5–6तौभी यदि तू आप ईश्वर को यत्न से ढूंढ़ता, और सर्वशक्तिमान से गिड़गिड़ाकर बिनती करता, और यदि तू निर्मल और धम रहता, तो निश्चय वह तेरे लिये जागता; और तेरी धर्मिकता का निवास फिर ज्यों का त्यों कर देता।
- Job 27:6–7 अय्यूब 27:6–7मैं अपना धर्म पकड़े हुए हूँ और उसको हाथ से जाने न दूंगा; क्योंकि मेरा मन जीवन भर मुझे दोषी नहीं ठहराएगा। मेरा शत्रु दुष्टों के समान, और जो मेरे विरूद्ध उठता है वह कुटिलों के तुल्य ठहरे।
- Job 11:14 अय्यूब 11:14और जो कोई अनर्थ काम तुझ से होता हो उसे दूर करे, और अपने डेरों में कोई कुटिलता न रहने दे,
- Psalm 7:3–5 भजन संहिता 7:3–5हे मेरे परमेश्वर यहोवा, यदि मैं ने यह किया हो, यदि मेरे हाथों से कुटिल काम हुआ हो, यदि मैं ने अपने मेल रखनेवालों से भलाई के बदले बुराई की हो, (वरन मैं ने उसको जो अकारण मेरा बैरी था बचाया है) तो शत्रु मेरे प्राण का पीछा करके मुझे आ पकड़े, वरन मेरे प्राण को भूमि पर रौंदे, और मेरी महिमा को मिट्टी में मिला दे।।
- Job 22:5–9 अय्यूब 22:5–9क्या तेरी बुराई बहुत नहीं? तेरे अधर्म के कामों का कुछ अन्त नहीं। तू ने तो अपने भाई का बन्धक अकारण रख लिया है, और नंगे के वस्त्रा उतार लिये हैं। थके हुए को तू ने पानी न पिलाया, और भूखे को रोटी देने से इनकार किया। जो बलवान था उसी को भूमि मिली, और जिस पुरूष की प्रतिष्ठा हुई थी, वही उस में बस गया। तू ने विधवाओं को छूछे हाथ लौटा दिया। और अनाथों की बाहें तोड़ डाली गई।
- Jonah 3:8 योना 3:8और मनुष्य और पशु दोनों टाट ओढ़ें, और वे परमेश्वर की दोहाई चिल्ला- चिल्ला कर दें; और अपने कुमार्ग से फिरें; और उस उपद्रव से, जो वे करते हैं, पश्चाताप करें।
- Isaiah 59:6 यशायाह 59:6उनके जाले कपड़े का काम न देंगे, न वे अपने कामों से अपने को ढाप सकेंगे। क्योंकि उनके काम अनर्थ ही के होते हैं, और उनके हाथों से अपद्रव का काम होता है।
- Psalm 44:17–21 भजन संहिता 44:17–21यह सब कुछ हम पर बीता तौभी हम तुझे नहीं भूले, न तेरी वाचा के विषय विश्वासघात किया है। हमारे मन न बहके, न हमारे पैर तरी बाट से मुड़े; तौभी तू ने हमें गीदड़ों के स्थान में पीस डाला, और हम को घोर अन्धकार में छिपा दिया है।। यदि हम अपने परमेश्वर का नाम भूल जाते, वा किसी पराए देवता की ओर अपने हाथ फैलाते, तो क्या परमेश्वर इसका विचार न करता? क्योंकि वह तो मन की गुप्त बातों को जानता है।
- Job 21:27–28 अय्यूब 21:27–28देखो, मैं तुम्हारी कल्पनाएं जानता हूँ, और उन युक्तियों को भी, जो तुम मेरे विषय में अन्याय से करते हो। तुम कहते तो हो कि रईस का घर कहां रहा? दुष्टों के निवास के डेरे कहां रहे?
- Job 15:34 अय्यूब 15:34क्योंकि भक्तिहीन के परिवार से कुछ बन न पड़ेगा, और जो घूस लेते हैं, उनके तम्बू आग से जल जाएंगे।