Psalms · chapter 59 · verse 7
Psalm 59:7 in Hindi
उनके मुंह के भीतर तलवारें हैं, क्योंकि वे कहते हैं, कौन सुनता है?
Unake munh ke bheetar talavaarem haim, kyonki ve kahate haim, kaun sunataa hai?
Psalm 59:7 in English
- King James Version (KJV)
- Behold, they belch out with their mouth: swords [are] in their lips: for who, [say they], doth hear?
- World English Bible (WEB)
- Behold, they spew with their mouth. Swords are in their lips, “For”, they say, “who hears us?”
- American Standard Version (ASV)
- Behold, they belch out with their mouth; Swords are in their lips: For who, [say they], doth hear?
- Bible in Basic English (BBE)
- See, hate is dropping from their lips; curses are on their tongues: they say, Who gives attention to it?
- Darby Translation (DBY)
- Behold, they belch out with their mouth; swords are in their lips: for who [say they] doth hear?
- Webster's Bible (WBS)
- Behold, they belch out with their mouth: swords [are] in their lips: for who, [say they] , doth hear?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Lo, they belch out with their mouths, Swords [are] in their lips, for 'Who heareth?'
Read in context
- 5हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, हे इस्राएल के परमेश्वर सब अन्यजातिवालों को दण्ड देने के लिये जाग; किसी विश्वासघाती अत्याचारी पर अनुग्रह न कर।।
- 6वे लागे सांझ को लौटकर कुत्ते की नाईं गुर्राते हैं, और नगर के चारों ओर घूमते हैं। देख वे डकारते हैं,
- 7उनके मुंह के भीतर तलवारें हैं, क्योंकि वे कहते हैं, कौन सुनता है?
- 8परन्तु हे यहोवा, तू उन पर हंसेगा; तू सब अन्य जातियों को ठट्ठां में उड़ाएगा।
- 9हे मेरे बल, मुझे तेरी ही आस होगी; क्योंकि परमेश्वर मेरा ऊंचा गढ़ है।।
Cross references
- Psalm 57:4 भजन संहिता 57:4मेरा प्राण सिंहों के बीच में है, मुझे जलते हुओं के बीच में लेटना पड़ता है, अर्थात् ऐसे मनुष्यों के बीच में जिन के दांत बर्छी और तीर हैं, और जिनकी जीभ तेज तलवार है।।
- Proverbs 15:2 नीतिवचन 15:2बुद्धिमान ज्ञान का ठीक बखान करते हैं, परन्तु मूर्खों के मुंह से मूढ़ता उबल आती है।
- Psalm 10:11 भजन संहिता 10:11वह झुक जाता है और वह दबक कर बैठता है; और लाचार लोग उसके महाबली हाथों से पटके जाते हैं।
- Psalm 73:11 भजन संहिता 73:11फिर वे कहते हैं, ईश्वर कैसे जानता है? क्या परमप्रधान को कुछ ज्ञान है?
- Psalm 55:21 भजन संहिता 55:21उसके मुंह की बातें तो मक्खन सी चिकनी थी परन्तु उसके मन में लड़ाई की बातें थीं; उसके वचन तेल से अधिक नरम तो थे परन्तु नंगी तलवारें थीं।।
- Psalm 64:3–5 भजन संहिता 64:3–5उन्हों ने अपनी जीभ को तलवार की नाईं तेज किया है, और अपने कड़वे बचनों के तीरों को चढ़ाया है; ताकि छिपकर खरे मनुष्य को मारें; वे निडर होकर उसको अचानक मारते भी हैं। वे बुरे काम करने को हियाव बान्धते हैं; वे फन्दे लगने के विषय बातचीत करते हैं; और कहते हैं, कि हम को कौन देखेगा?
- Psalm 94:7–9 भजन संहिता 94:7–9और कहते हैं, कि याह न देखेगा, याकूब का परमेश्वर विचार न करेगा।। तुम जो प्रजा में पशु सरीखे हो, विचार करो; और हे मूर्खों तुम कब तक बुद्धिमान हो जाओगे? जिस ने कान दिया, क्या वह आप नहीं सुनता? जिस ने आंख रची, क्या वह आप नहीं देखता?
- Proverbs 12:18 नीतिवचन 12:18ऐसे लोग हैं जिनका बिना सोचविचार का बोलना तलवार की नाई चुभता है, परन्तु बुद्धिमान के बोलने से लोग चंगे होते हैं।
- Psalm 10:13 भजन संहिता 10:13उठ, हे यहोवा; हे ईश्वर, अपना हाथ बढ़ा; और दीनों को न भूल।
- Proverbs 15:28 नीतिवचन 15:28धर्मी मन में सोचता है कि क्या उत्तर दूं, परन्तु दुष्टों के मुंह से बुरी बातें उबल आती हैं।
- Matthew 12:34 मत्ती 12:34हे सांप के बच्चों, तुम बुरे होकर क्योंकर अच्छी बातें कह सकते हो? क्योंकि जो मन में भरा है, वही मुंह पर आता है।
- Psalm 109:2–3 भजन संहिता 109:2–3क्योंकि दुष्ट और कपटी मनुष्यों ने मेरे विरूद्ध मुंह खोला है, वे मेरे विषय में झूठ बोलते हैं। और उन्हों ने बैर के वचनों से मुझे चारों ओर घेर लिया है, और व्यर्थ मुझ से लड़ते हैं।