Job · chapter 30 · verse 24
Job 30:24 in Hindi
तौभी क्या कोई गिरते समय हाथ न बढ़ाएगा? और क्या कोई विपत्ति के समय दोहाई न देगा?
Taubhee kyaa koee girate samay haath na badhaaegaa? Aur kyaa koee vipatti ke samay dohaaee na degaa?
Job 30:24 in English
- King James Version (KJV)
- Howbeit he will not stretch out [his] hand to the grave, though they cry in his destruction.
- World English Bible (WEB)
- “However doesn’t one stretch out a hand in his fall? Or in his calamity therefore cry for help?
- American Standard Version (ASV)
- Howbeit doth not one stretch out the hand in his fall? Or in his calamity therefore cry for help?
- Bible in Basic English (BBE)
- Has not my hand been stretched out in help to the poor? have I not been a saviour to him in his trouble?
- Darby Translation (DBY)
- Indeed, no prayer [availeth] when he stretcheth out [his] hand: though they cry when he destroyeth.
- Webster's Bible (WBS)
- Yet he will not stretch out [his] hand to the grave, though they cry in his destruction.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Surely not against the heap Doth He send forth the hand, Though in its ruin they have safety.
Read in context
- 22तू मुझे वायु पर सवार कर के उड़ाता है, और आंधी के पानी में मुझे गला देता है।
- 23हां, मुझे निश्चय है, कि तू मुझे मृत्यु के वश में कर देगा, और उस घर में पहुंचाएगा, जो सब जीवित प्राणियों के लिये ठहराया गया है।
- 24तौभी क्या कोई गिरते समय हाथ न बढ़ाएगा? और क्या कोई विपत्ति के समय दोहाई न देगा?
- 25क्या मैं उसके लिये रोता नहीं था, जिसके दुदिर्न आते थे? और क्या दरिद्र जन के कारण मैं प्राण में दुखित न होता था?
- 26जब मैं कुशल का मार्ग जोहता था, तब विपत्ति आ पड़ी; और जब मैं उजियाले का आसरा लगाए था, तब अन्धकार छा गया।
Cross references
- Judges 5:31 न्यायियों 5:31हे यहोवा, तेरे सब शत्रु ऐसे ही नाश हो जाएं! परन्तु उसके प्रेमी लोग प्रताप के साथ उदय होते हुए सूर्य के समान तेजोमय हों।। फिर देश में चालीस वर्ष तक शान्ति रही।।
- Job 19:7 अय्यूब 19:7देखो, मैं उपद्रव! उपद्रव! यों चिल्लाता रहता हूँ, परन्तु कोई नहीं सुनता; मैं सहायता के लिये दोहाई देता रहता हूँ, परन्तु कोई न्याय नहीं करता।
- Psalm 35:25 भजन संहिता 35:25वे मन में न कहने पाएं, कि आहा! हमारी तो इच्छा पूरी हुई! वह यह न कहें कि हम उसे निगल गए हैं।।
- Matthew 27:39–44 मत्ती 27:39–44और आने जाने वाले सिर हिला हिलाकर उस की निन्दा करते थे। और यह कहते थे, कि हे मन्दिर के ढानेवाले और तीन दिन में बनानेवाले, अपने आप को तो बचा; यदि तू परमेश्वर का पुत्रा है, तो क्रूस पर से उतर आ। इसी रीति से महायाजक भी शास्त्रियों और पुरनियों समेत ठट्ठा कर करके कहते थे, इस ने औरों को बचाया, और अपने को नहीं बचा सकता। यह तो "इस्राएल का राजा है"। अब क्रूस पर से उतर आए, तो हम उस पर विश्वास करें। उस ने परमेश्वर का भरोसा रखा है, यदि वह इस को चाहता है, तो अब इसे छुड़ा ले, क्योंकि इस ने कहा था, कि "मैं परमेश्वर का पुत्रा हूं"। इसी प्रकार डाकू भी जो उसके साथ क्रूसों पर चढ़ाए गए थे उस की निन्दा करते थे।।