Job · chapter 19 · verse 7
Job 19:7 in Hindi
देखो, मैं उपद्रव! उपद्रव! यों चिल्लाता रहता हूँ, परन्तु कोई नहीं सुनता; मैं सहायता के लिये दोहाई देता रहता हूँ, परन्तु कोई न्याय नहीं करता।
Dekho, maim upadrav! Upadrav! Yom chillaataa rahataa hoon, parantu koee naheem sunataa; maim sahaayataa ke liye dohaaee detaa rahataa hoon, parantu koee nyaay naheem karataa.
Job 19:7 in English
- King James Version (KJV)
- Behold, I cry out of wrong, but I am not heard: I cry aloud, but [there is] no judgment.
- World English Bible (WEB)
- “Behold, I cry out of wrong, but I am not heard. I cry for help, but there is no justice.
- American Standard Version (ASV)
- Behold, I cry out of wrong, but I am not heard: I cry for help, but there is no justice.
- Bible in Basic English (BBE)
- Truly, I make an outcry against the violent man, but there is no answer: I give a cry for help, but no one takes up my cause.
- Darby Translation (DBY)
- Behold, I cry out of wrong, and I am not heard; I cry aloud, but there is no judgment.
- Webster's Bible (WBS)
- Behold, I cry out of wrong, but I am not heard: I cry aloud, but [there is] no judgment.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Lo, I cry out — violence, and am not answered, I cry aloud, and there is no judgment.
Read in context
- 5यदि तुम सचमुच मेरे विरूद्ध अपनी बड़ाई करते हो और प्रमाण देकर मेरी तिन्दा करते हो,
- 6तो यह जान लो कि ईश्वर ने मुझे गिरा दिया है, और मुझे अपने जाल में फंसा लिया है।
- 7देखो, मैं उपद्रव! उपद्रव! यों चिल्लाता रहता हूँ, परन्तु कोई नहीं सुनता; मैं सहायता के लिये दोहाई देता रहता हूँ, परन्तु कोई न्याय नहीं करता।
- 8उस ने मेरे मार्ग को ऐसा रूंधा है कि मैं आगे चल नहीं सकता, और मेरी डगरें अन्धेरी कर दी हैं।
- 9मेरा विभव उस ने हर लिया है, और मेरे सिर पर से मुकुट उतार दिया है।
Cross references
- Habakkuk 1:2–3 हबक्कूक 1:2–3हे यहोवा मैं कब तक तेरी दोहाई देता रहूंगा, और तू न सुनेगा? मैं कब तक तेरे सम्मुख "उपद्रव", "उपद्रव" चिल्लाता रहूंगा? क्या तू उद्धार नहीं करेगा? तू मुझे अनर्थ काम क्यों दिखाता है? और क्या कारण है कि तू उत्पात को देखता ही रहता है? मेरे साम्हने लूट- पाट और उपद्रव होते रहते हैं; और झगड़ा हुआ करता है और वादविवाद बढ़ता जाता है।
- Lamentations 3:8 विलापगीत 3:8मैं चिल्ला चिल्लाके दोहाई देता हूँ, तौभी वह मेरी प्रार्थता नहीं सुनता;
- Job 31:35–36 अय्यूब 31:35–36भला होता कि मेरा कोई सुननेवाला होता! (सर्वशक्तिमान अभी मेरा त्याय चुकाए! देखो मेरा दस्तखत यही है)। भला होता कि जो शिकायतनामा मेरे मु ई ने लिखा है वह मेरे पास होता! निश्चय मैं उसको अपने कन्धे पर उठाए फिरता; और सुन्दर पगड़ी जानकर अपने सिर में बान्धे रहता।
- Job 30:20 अय्यूब 30:20मैं तेरी दोहाई देता हूँ, परन्तु तू नहीं सुनता; मैं खड़ा होता हूँ परन्तु तू मेरी ओर घूरने लगता है।
- Job 23:3–7 अय्यूब 23:3–7भला होता, कि मैं जानता कि वह कहां मिल सकता है, तब मैं उसके विराजने के स्थान तक जा सकता! मैं उसके साम्हने अपना मुक़ मा पेश करता, और बहुत से प्रमाण देता। मैं जान लेता कि वह मुझ से उत्तर में क्या कह सकता है, और जो कुछ वह मुझ से कहता वह मैं समझ लेता। क्या वह अपना बड़ा बल दिखाकर मुझ से मुक़ मा लड़ता? नहीं, वह मुझ पर ध्यान देता। सज्जन उस से विवाद कर सकते, और इस रीति मैं अपने न्यायी के हाथ से सदा के लिये छूट जाता।
- Job 34:5 अय्यूब 34:5क्योंकि अरयूब ने कहा है, कि मैं निदष हूँ, और ईश्वर ने मेरा हक़ मार दिया है।
- Job 40:8 अय्यूब 40:8क्या तू मेरा न्याय भी व्यर्थ ठहराएगा? क्या तू आप निदष ठहरने की मनसा से मुझ को दोषी ठहराएगा?
- Job 21:27 अय्यूब 21:27देखो, मैं तुम्हारी कल्पनाएं जानता हूँ, और उन युक्तियों को भी, जो तुम मेरे विषय में अन्याय से करते हो।
- Job 9:24 अय्यूब 9:24देश दुष्टों के हाथ में दिया गया है। वह उसके न्यायियों की आंखों को मून्द देता है; इसका करनेवाला वही न हो तो कौन है?
- Psalm 22:2 भजन संहिता 22:2हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता; और रात को भी मैं चुप नहीं रहता।
- Job 16:21 अय्यूब 16:21कि कोई ईश्वर के विरूद्ध सज्जन का, और आदमी का मुक़ मा उसके पड़ोसी के विरूद्ध लड़े।
- Job 9:32 अय्यूब 9:32क्योंकि वह मेरे तुल्य मनुष्य नहीं है कि मैं उस से वादविवाद कर सकूं, और हम दोनों एक दूसरे से मुक़ मा लड़ सकें।