Job · chapter 33 · verse 3
Job 33:3 in Hindi
मेरी बातें मेरे मन की सिधाई प्रगट करेंगी; जो ज्ञान मैं रखता हूं उसे खराई के साथ कहूंगा।
Meree baatem mere man kee sidhaaee pragat karengee; jo jnyaan maim rakhataa hoom use kharaaee ke saath kahoongaa.
Job 33:3 in English
- King James Version (KJV)
- My words [shall be of] the uprightness of my heart: and my lips shall utter knowledge clearly.
- World English Bible (WEB)
- My words will utter the uprightness of my heart. That which my lips know they will speak sincerely.
- American Standard Version (ASV)
- My words [shall utter] the uprightness of my heart; And that which my lips know they shall speak sincerely.
- Bible in Basic English (BBE)
- My heart is overflowing with knowledge, my lips say what is true.
- Darby Translation (DBY)
- My words shall be of the uprightness of my heart, and my lips shall utter knowledge purely.
- Webster's Bible (WBS)
- My words [shall be of] the uprightness of my heart: and my lips shall utter knowledge clearly.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Of the uprightness of my heart [are] my sayings, And knowledge have my lips clearly spoken.
Read in context
- 1तौभी हे अरयूब! मेरी बातें सुन ले, और मेरे सब वचनों पर कान लगा।
- 2मैं ने तो अपना मुंह खोला है, और मेरी जीभ मुंह में चुलबुला रही है।
- 3मेरी बातें मेरे मन की सिधाई प्रगट करेंगी; जो ज्ञान मैं रखता हूं उसे खराई के साथ कहूंगा।
- 4मुझे ईश्वर की आत्मा ने बनाया है, और सर्वशक्तिमान की सांस से मुझे जीवन मिलता है।
- 5यदि तू मुझे उत्तर दे सके, तो दे; मेरे साम्हने अपनी बातें क्रम से रचकर खड़ा हो जा।
Cross references
- Job 27:4 अय्यूब 27:4मैं यह कहता हूँ कि मेरे मुंह से कोई कुटिल बात न निकलेगी, और न मैं कपट की बातें बोलूंगा।
- 1 Thessalonians 2:3–4 1 थिस्सलुनीकियों 2:3–4क्योंकि हमारा उपदेश न भ्रम से है और न अशुद्धता से, और न छल के साथ है। पर जैसा परमेश्वर ने हमें योग्य ठहराकर सुसमाचार सौंपा, हम वैसा ही वर्णन करते हैं; और इस में मनुष्यों को नहीं, परन्तु परमेश्वर को, जो हमारे मनों को जांचता है, प्रसन्न करते हैं।
- Proverbs 20:15 नीतिवचन 20:15सोना और बहुत से मूंगे तो हैं; परन्तु ज्ञान की बातें अनमोल मणी ठहरी हैं।
- Job 6:28 अय्यूब 6:28इसलिये अब कृपा करके मुझे देखो; निश्चय मैं तुम्हारे साम्हने कदापि झूठ न बोलूंगा।
- Proverbs 15:7 नीतिवचन 15:7बुद्धिमान लोग बातें करने से ज्ञान को फैलाते हैं, परन्तु मूर्खों का मन ठीक नहीं रहता।
- Job 36:3–4 अय्यूब 36:3–4मैं अपने ज्ञान की बात दूर से ले आऊंगा, और अपने सिरजनहार को धम ठहराऊंगा। निश्चय मेरी बातें झूठी न होंगी, वह जो तेरे संग है वह पूरा ज्ञानी है।
- Proverbs 8:7–8 नीतिवचन 8:7–8क्योंकि मुझ से सच्चाई की बातों का वर्णन होगा; दुष्टता की बातों से मुझ को घृणा आती है।। मेरे मुंह की सब बातें धर्म की होती हैं, उन में से कोई टेढ़ी वा उलट फेर की बात नहीं निकलती है।
- Job 15:2 अय्यूब 15:2क्या बुध्दिमान को उचित है कि अज्ञानता के साथ उत्तर दे, वा उपने अन्तेकरण को पूरबी पवन से भरे?
- Job 38:2 अय्यूब 38:2यह कौन है जो अज्ञानता की बातें कहकर युक्ति को बिगाड़ना चाहता है?
- Psalm 37:30–31 भजन संहिता 37:30–31धर्मी अपने मुंह से बुद्धि की बातें करता, और न्याय का वचन कहता है। उसके परमेश्वर की व्यवस्था उसके हृदय में बनी रहती है, उसके पैर नहीं फिसलते।।
- Proverbs 15:2 नीतिवचन 15:2बुद्धिमान ज्ञान का ठीक बखान करते हैं, परन्तु मूर्खों के मुंह से मूढ़ता उबल आती है।