Job · chapter 37 · verse 12
Job 37:12 in Hindi
वे उसकी बुध्दि की युक्ति से इधर उधर फिराए जाते हैं, इसलिये कि जो आज्ञा वह उनको दे, उसी को वे बसाई हुई पृथ्वी के ऊपर पूरी करें।
Ve usakee budhdi kee yukti se idhar udhar phiraae jaate haim, isaliye ki jo aajnyaa vah unako de, usee ko ve basaaee huee pruthvee ke oopar pooree karen.
Job 37:12 in English
- King James Version (KJV)
- And it is turned round about by his counsels: that they may do whatsoever he commandeth them upon the face of the world in the earth.
- World English Bible (WEB)
- It is turned around by his guidance, that they may do whatever he commands them on the surface of the habitable world,
- American Standard Version (ASV)
- And it is turned round about by his guidance, That they may do whatsoever he commandeth them Upon the face of the habitable world,
- Bible in Basic English (BBE)
- And it goes this way and that, round about, turning itself by his guiding, to do whatever he gives orders to be done, on the face of his world of men,
- Darby Translation (DBY)
- And they are turned every way by his guidance, that they may do whatsoever he commandeth them upon the face of the circuit of the earth,
- Webster's Bible (WBS)
- And it is turned around by his counsels: that they may do whatever he commandeth them upon the face of the world on the earth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And it is turning itself round by His counsels, For their doing all He commandeth them, On the face of the habitable earth.
Read in context
- 10ईश्वर की श्वास की फूंक से बरफ पड़ता है, तब जलाशयों का पाट जम जाता है।
- 11फिर वह घटाओं को भाफ़ से लादता, और अपनी बिजली से भरे हुए उजियाले का बादल दूर तक फैलाता है।
- 12वे उसकी बुध्दि की युक्ति से इधर उधर फिराए जाते हैं, इसलिये कि जो आज्ञा वह उनको दे, उसी को वे बसाई हुई पृथ्वी के ऊपर पूरी करें।
- 13चाहे ताड़ना देने के लिये, चाहे अपनी पृथ्वी की भलाई के लिये वा मनुष्यों पर करूणा करने के लिये वह उसे भेजे।
- 14हे अरयूब! इस पर कान लगा और सुन ले; चुपचाप खड़ा रह, और ईश्वर के आश्चर्यकम का विचार कर।
Cross references
- Psalm 148:8 भजन संहिता 148:8हे अग्नि और ओलो, हे हिम और कुहरे, हे उसका वचन माननेवाली प्रचण्ड बयार!
- Joel 2:23 योएल 2:23हे सिरयोनियों, तुम अपने परमेश्वर यहोवा के कारण मगन हो, और आनन्द करो; क्योंकि तुम्हारे लिये वह वर्षा, अर्थात् बरसात की पहिली वर्षा बहुतायत से देगा; और पहिले के समान अगली और पिछली वर्षा को भी बरसाएगा।।
- James 5:17–18 याकूब 5:17–18एलिय्याह भी तो हमारे समान दुख-सुख भोगी मनुष्य था; और उस ने गिड़िगड़ा कर प्रार्थना की; कि मेंह न बरसे; और साढ़े तीन वर्ष तक भूमि पर मेंह नहीं बरसा। फिर उस ने प्रार्थना की, तो आकाश से वर्षा हुई, और भूमि फलवन्त हुई॥
- Psalm 104:24 भजन संहिता 104:24हे यहोवा तेरे काम अनगिनित हैं! इन सब वस्तुओं को तू ने बुद्धि से बनाया है; पृथ्वी तेरी सम्पत्ति से परिपूर्ण है।
- Amos 4:7 आमोस 4:7और जब कटनी के तीन महीने रह गए, तब मैं ने तुम्हारे लिये वर्षा न की; मैं ने एक नगर में जल बरसाकर दूसरे में न बरसाया; एक खेत में जल बरसा, और दूसरा खेत जिस में न बरसा; वह सूख गया।
- Revelation 11:6 प्रकाशितवाक्य 11:6इन्हें अधिकार है, कि आकाश को बन्द करें, कि उन की भविष्यद्ववाणी के दिनों में मेंह न बरसे, और उन्हें सब पानी पर अधिकार है, कि उसे लोहू बनाएं, और जब जब चाहें तब तब पृथ्वी पर हर प्रकार की आपत्ति लाएं।
- Jeremiah 14:22 यिर्मयाह 14:22क्या अन्यजातियों की मूरतों में से कोई वर्षा कर सकता है? क्या आकाश झड़ियां लगा सकता है? हे हमारे परमेश्वर यहोवा, क्या तू ही इन सब बातों का करनेवाला नहीं है? हम तेरा ही आसरा देखते रहेंगे, क्योंकि इन सारी वस्तुओं का सृजनहार तू ही है।
- Psalm 65:9–10 भजन संहिता 65:9–10तू भूमि की सुधि लेकर उसको सींचता हैं, तू उसको बहुत फलदायक करता है; परमेश्वर की नहर जल से भरी रहती है; तू पृथ्वी को तैयार करके मनुष्यों के लिये अन्न को तैयार करता है। तू रेघारियों को भली भांति सींचता है, और उनके बीच की मिट्टी को बैठाता है, तू भूमि को मेंह से नरम करता है, और उसकी उपज पर आशीष देता है।