Psalms · chapter 148 · verse 8
Psalm 148:8 in Hindi
हे अग्नि और ओलो, हे हिम और कुहरे, हे उसका वचन माननेवाली प्रचण्ड बयार!
He agni aur olo, he him aur kuhare, he usakaa vachan maananevaalee prachand bayaar!
Psalm 148:8 in English
- King James Version (KJV)
- Fire, and hail; snow, and vapour; stormy wind fulfilling his word:
- World English Bible (WEB)
- lightning and hail, snow and clouds, stormy wind, fulfilling his word,
- American Standard Version (ASV)
- Fire and hail, snow and vapor; Stormy wind, fulfilling his word;
- Bible in Basic English (BBE)
- Fire and rain of ice, snow and mists; storm-wind, doing his word:
- Darby Translation (DBY)
- Fire and hail, snow and vapour, stormy wind fulfilling his word;
- Webster's Bible (WBS)
- Fire, and hail; snow, and vapors; stormy wind fulfilling his word:
- Young's Literal Translation (YLT)
- Fire and hail, snow and vapour, Whirlwind doing His word;
Read in context
- 6और उस ने उनको सदा सर्वदा के लिये स्थिर किया है; और ऐसी विधि ठहराई है, जो टलने की नहीं।।
- 7पृथ्वी में से यहोवा की स्तुति करो, हे मगरमच्छों और गहिरे सागर,
- 8हे अग्नि और ओलो, हे हिम और कुहरे, हे उसका वचन माननेवाली प्रचण्ड बयार!
- 9हे पहाड़ों और सब टीलो, हे फलदाई वृक्षों और सब देवदारों!
- 10हे वन- पशुओं और सब घरैलू पशुओं, हे रेंगनेवाले जन्तुओं और हे पक्षियों!
Cross references
- Psalm 147:15–18 भजन संहिता 147:15–18वह पृथ्वी पर अपनी आज्ञा का प्रचार करता है, उसका वचन अति वेग से दौड़ता है। वह ऊन के समान हिम को गिराता है, और राख की नाईं पाला बिखेरता है। वह बर्फ के टुकड़े गिराता है, उसकी की हुई ठण्ड को कौन सह सकता है? वह आज्ञा देकर उन्हें गलाता है; वह वायु बहाता है, तब जल बहने लगता है।
- Revelation 16:21 प्रकाशितवाक्य 16:21और आकाश से मनुष्यों पर मन मन भर के बड़े ओले गिरे, और इसलिये कि यह विपत्ति बहुत ही भारी थी, लोगों ने ओलों की विपत्ति के कारण परमेश्वर की निन्दा की।।
- Revelation 16:8–9 प्रकाशितवाक्य 16:8–9और चौथे ने अपना कटोरा सूर्य पर उंडेल दिया, और उसे मनुष्यों को आग से झुलसा देने का अधिकार दिया गया। और मनुष्य बड़ी तपन से झुलस गए, और परमेश्वर के नाम की जिसे इन विपत्तियों पर अधिकार है, निन्दा की और उस की महिमा करने के लिये मन न फिराया।।
- Numbers 16:35 गिनती 16:35तब यहोवा के पास से आग निकली, और उन अढ़ाई सौ धूप चढ़ानेवालों को भस्म कर डाला।।
- Psalm 103:20 भजन संहिता 103:20हे यहोवा के दूतों, तुम जो बड़े वीर हो, और उसके वचन के मानने से उसको पूरा करते हो उसको धन्य कहो!
- Job 38:22–37 अय्यूब 38:22–37फिर क्या तू कभी हिम के भणडार में पैठा, वा कभी ओलों के भणडार को तू ने देखा है, जिसको मैं ने संकट के समय और युठ्ठ और लड़ाई के दिन के लिये रख छोड़ा है? किस मार्ग से उजियाला फैलाया जाता है, ओर पुरवाई पृथ्वी पर बहाई जाती है? महावृष्टि के लिये किस ने नाला काटा, और कड़कनेवाली बिजली के लिये मार्ग बनाया है, कि निर्जन देश में और जंगल में जहां कोई मनुष्य नहीं रहता मेंह बरसाकर, उजाड़ ही उजाड़ देश को सींचे, और हरी घास उगाए? क्या मेंह का कोई पिता है, और ओस की बूंदें किस ने उत्पन्न की? किस के गर्भ से बर्फ निकला है, और आकाश से गिरे हुए पाले को कौन उत्पन्न करता है? जल पत्थर के समान जम जाता है, और गहिरे पानी के ऊपर जमावट होती है। क्या तू कचपचिया का गुच्छा गूंथ सकता वा मृगशिरा के बन्धन खोल सकता है? क्या तू राशियों को ठीक ठीक समय पर उदय कर सकता, वा सप्तर्षि को साथियों समेत लिए चल सकता है? क्या तू आकाशमणडल की विधियां जानता और पृथ्वी पर उनका अधिकार ठहरा सकता है? क्या तू बादलों तक अपनी वाणी पहुंचा सकता है ताकि बहुत जल बरस कर तुझे छिपा ले? क्या तू बिजली को आज्ञा दे सकता है, कि वह जाए, और तुझ से कहे, मैं उपस्थित हूँ? किस ने अन्तेकरण में बुध्दि उपजाई, और मन में समझने की शक्ति किस ने दी है? कौन बुध्दि से बादलों को गिन सकता है? और कौन आकाश के कुप्पों को उणडेल सकता है,
- Psalm 107:25–29 भजन संहिता 107:25–29क्योंकि वह आज्ञा देता है, वह प्रचण्ड बयार उठकर तरंगों को उठाती है। वे आकाश तक चढ़ जाते, फिर गहराई में उतर आते हैं; और क्लेश के मारे उनके जी में जी नहीं रहता; वे चक्कर खाते, और मतवाले की नाई लड़खड़ाते हैं, और उनकी सारी बुद्धि मारी जाती है। तब वे संकट में यहोवा की दोहाई देते हैं, और वह उनको सकेती से निकालता है। वह आंधी को थाम देता है और तरंगें बैठ जाती हैं।
- Psalm 18:12 भजन संहिता 18:12उसकी उपस्थिति की झलक से उसकी काली घटाएं फट गई; ओले और अंगारे।
- Matthew 8:24–27 मत्ती 8:24–27और देखो, झील में एक एसा बड़ा तूफान उठा कि नाव लहरों से ढंपने लगी; और वह सो रहा था। तब उन्हों ने पास आकर उसे जगाया, और कहा, हे प्रभु, हमें बचा, हम नाश हुए जाते हैं। उस ने उन से कहा; हे अल्पविश्वासियों, क्यों डरते हो? तब उस ने उठकर आन्धी और पानी को डांटा, और सब शान्त हो गया। और लोग अचम्भा करके कहने लगे कि यह कैसा मनुष्य है, कि आन्धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं।
- Jonah 1:4 योना 1:4तब यहोवा ने समुद्र में एक प्रचण्ड आंधी चलाई, और समुद्र में बड़ी आंधी उठी, यहां तक कि जहाज टूटने पर था।
- Amos 7:4 आमोस 7:4परमेश्वर यहोवा ने मुझे यह दिखाया: और क्या देखता हूं कि परमेश्वर यहोवा ने आग के द्वारा मुक मा लड़ने को पुकारा, और उस आग से महासागर सूख गया, और देश भी भस्म हुआ चाहता था।
- Exodus 10:19 निर्गमन 10:19तब यहोवा ने बहुत प्रचण्ड पछुवा बहाकर टिडि्डयों को उड़ाकर लाल समुन्द्र में डाल दिया, और मि के किसी स्थान में एक भी टिड्डी न रह गई।