Job · chapter 38 · verse 17
Job 38:17 in Hindi
क्या मृत्यु के फाटक तुझ पर प्रगट हुए, क्या तू घोर अन्धकार के फाटकों को कभी देखन पाया है?
Kyaa mrutyu ke phaatak tujh par pragat hue, kyaa too ghor andhakaar ke phaatakom ko kabhee dekhan paayaa hai?
Job 38:17 in English
- King James Version (KJV)
- Have the gates of death been opened unto thee? or hast thou seen the doors of the shadow of death?
- World English Bible (WEB)
- Have the gates of death been revealed to you? Or have you seen the gates of the shadow of death?
- American Standard Version (ASV)
- Have the gates of death been revealed unto thee? Or hast thou seen the gates of the shadow of death?
- Bible in Basic English (BBE)
- Have the doors of death been open to you, or have the door-keepers of the dark ever seen you?
- Darby Translation (DBY)
- Have the gates of death been revealed unto thee? and hast thou seen the gates of the shadow of death?
- Webster's Bible (WBS)
- Have the gates of death been opened to thee? or hast thou seen the doors of the shades of death?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Revealed to thee were the gates of death? And the gates of death-shade dost thou see?
Read in context
- 15दुष्टों से उनका उजियाला रोक लिया जाता है, और उनकी बढ़ाई हुई बांह तोड़ी जाती है।
- 16क्या तू कभी समुद्र के सोतों तक पहुंचा है, वा गहिरे सागर की थाह में कभी चला फिरा है?
- 17क्या मृत्यु के फाटक तुझ पर प्रगट हुए, क्या तू घोर अन्धकार के फाटकों को कभी देखन पाया है?
- 18क्या तू ने पृथ्वी की चौड़ाई को पूरी रीति से समझ लिया है? यदि तू यह सब जानता है, तो बतला दे।
- 19उजियाले के निवास का मार्ग कहां है, और अन्धियारे का स्थान कहां है?
Cross references
- Psalm 9:13 भजन संहिता 9:13हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर। तू जो मुझे मृत्यु के फाटकों के पास से उठाता है, मेरे दु:ख को देख जो मेरे बैरी मुझे दे रहे हैं;
- Psalm 107:18 भजन संहिता 107:18उनका जी सब भांति के भोजन से मिचलाता है, और वे मृत्यु के फाटक तक पहुंचते हैं।
- Job 3:5 अय्यूब 3:5अन्धियारा और मृत्यु की छाया उस पर रहे। बादल उस पर छाए रहें; और दिन को अन्धेरा कर देनेवाली चीजों उसे डराएं।
- Job 12:22 अय्यूब 12:22वह अन्धियारे की गहरी बातें प्रगट करता, और मृत्यु की छाया को भी प्रकाश में ले आता है।
- Psalm 23:4 भजन संहिता 23:4चाहे मैं घोर अन्धकार से भरी हुई तराई में होकर चलूं, तौभी हानि से न डरूंगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है।।
- Psalm 107:10 भजन संहिता 107:10जो अन्धियारे और मृत्यु की छाया में बैठे, और दु:ख में पड़े और बेड़ियों से जकड़े हुए थे,
- Psalm 107:14 भजन संहिता 107:14उस ने उनको अन्धियारे और मृत्यु की छाया में से निकाल लिया; और उनके बन्धनों को तोड़ डाला।
- Psalm 116:3 भजन संहिता 116:3मृत्यु की रस्सियां मेरे चारों ओर थीं; मैं अधोलोक की सकेती में पड़ा था; मुझे संकट और शोक भोगना पड़ा।
- Amos 5:8 आमोस 5:8जो कचपचिया और मृगशिरा का बनानेवाला है, जो घोर अन्धकार को भोर का प्रकाश बनाता है, जो दिन को अन्धकार करके रात बना देता है, और समुद्र का जल स्थल के ऊपर बहा देता है, उसका नाम यहोवा है।
- Matthew 4:16 मत्ती 4:16जो लोग अन्धकार में बैठे थे उन्हों ने बड़ी ज्योंति देखी; और जो मृत्यु के देश और छाया में बैठे थे, उन पर ज्योति चमकी।।