Job · chapter 4 · verse 19
Job 4:19 in Hindi
फिर जो मिट्टी के घरों में रहते हैं, और जिनकी नेव मिट्टी में डाली गई है, और जो पतंगे की नाई पिस जाते हैं, उनकी क्या गणना।
Phir jo mittee ke gharom mem rahate haim, aur jinakee nev mittee mem daalee gaee hai, aur jo patange kee naaee pis jaate haim, unakee kyaa gananaa.
Job 4:19 in English
- King James Version (KJV)
- How much less [in] them that dwell in houses of clay, whose foundation [is] in the dust, [which] are crushed before the moth?
- World English Bible (WEB)
- How much more those who dwell in houses of clay, whose foundation is in the dust, who are crushed before the moth!
- American Standard Version (ASV)
- How much more them that dwell in houses of clay, Whose foundation is in the dust, Who are crushed before the moth!
- Bible in Basic English (BBE)
- How much more those living in houses of earth, whose bases are in the dust! They are crushed more quickly than an insect;
- Darby Translation (DBY)
- How much more them that dwell in houses of clay, whose foundation is in the dust, who are crushed as the moth!
- Webster's Bible (WBS)
- How much less [in] them that dwell in houses of clay, whose foundation [is] in the dust, [who] are crushed before the moth?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Also — the inhabitants of houses of clay, (Whose foundation [is] in the dust, They bruise them before a moth.)
Read in context
- 17क्या नाशमान मनुष्य ईश्वर से अधिक न्यायी होगा? क्या मनुष्य अपने सृजनहार से अधिक पवित्रा हो सकता है?
- 18देख, वह अपने सेवकों पर भरोसा नहीं रखता, और अपने स्वर्गदूतों को मूर्ख ठहराता है;
- 19फिर जो मिट्टी के घरों में रहते हैं, और जिनकी नेव मिट्टी में डाली गई है, और जो पतंगे की नाई पिस जाते हैं, उनकी क्या गणना।
- 20वे भोर से सांझ तक नाश किए जाते हैं, वे सदा के लिये मिट जाते हैं, और कोई उनका विचार भी नहीं करता।
- 21क्या उनके डेरे की डोरी उनके अन्दर ही अन्दर नहीं कट जाती? वे बिना बुध्दि के ही मर जाते हैं!
Cross references
- Job 10:9 अय्यूब 10:9स्मरण कर, कि तू ने मुझ को गून्धी हुई मिट्टी की नाई बनाया, क्या तू मुझे फिर धूल में मिलाएगा?
- Genesis 2:7 उत्पत्ति 2:7और यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा और उसके नथनो में जीवन का श्वास फूंक दिया; और आदम जीवता प्राणी बन गया।
- Genesis 3:19 उत्पत्ति 3:19और अपने माथे के पसीने की रोटी खाया करेगा, और अन्त में मिट्टी में मिल जाएगा; क्योंकि तू उसी में से निकाला गया है, तू मिट्टी तो है और मिट्टी ही में फिर मिल जाएगा।
- Job 33:6 अय्यूब 33:6देख मैं ईश्वर के सन्मुख तेरे तुल्य हूँ; मैं भी मिट्टी का बना हुआ हूँ।
- Job 13:12 अय्यूब 13:12तुम्हारे स्मरणयोग्य नीतिवचन राख के समान हैं; तुम्हारे कोट मिट्टी ही के ठहरे हैंे
- Genesis 18:27 उत्पत्ति 18:27फिर इब्राहीम ने कहा, हे प्रभु, सुन मैं तो मिट्टी और राख हूं; तौभी मैं ने इतनी ढिठाई की कि तुझ से बातें करूं।
- Psalm 39:11 भजन संहिता 39:11जब तू मनुष्य को अधर्म के कारण दपट दपटकर ताड़ना देता है; तब तू उसकी सुन्दरता को पतिंगे की नाई नाश करता है; सचमुच सब मनुष्य वृथाभिमान करते हैं।।
- Job 13:28 अय्यूब 13:28और मैं सड़ी गली वस्तु के तुल्य हूं जो नाश हो जाती है, और कीड़ा खाए कपड़े के तुल्य हूँ।
- 2 Corinthians 4:7 2 कुरिन्थियों 4:7परन्तु महारे पास यह धन मिट्ठी के बरतनों में रखा है, कि यह असीम सामर्थ हमारी ओर से नहीं, बरन परमेश्वर ही की ओर से ठहरे।
- 2 Corinthians 5:1 2 कुरिन्थियों 5:1क्योंकि हम जानते हैं, कि जब हमारा पृथ्वी पर का डेरा सरीखा घर गिराया जाएगा तो हमें परमेश्वर की ओर से स्वर्ग पर एक ऐसा भवन मिलेगा, जो हाथों से बना हुआ घर नहीं परन्तु चिरस्थाई है।
- Job 14:2 अय्यूब 14:2वह फूल की नाई खिलता, फिर तोड़ा जाता हे; वह छाया की रीति पर ढल जाता, और कहीं ठहरता नहीं।
- Psalm 90:5–7 भजन संहिता 90:5–7तू मनुष्यों को धारा में बहा देता है; वे स्वप्न से ठहरते हैं, वे भोर को बढ़नेवाली घास के समान होते हैं। वह भोर को फूलती और बढ़ती है, और सांझ तक काटकर मुर्झा जाती है।। क्योंकि हम तेरे क्रोध से नाश हुए हैं; और तेरी जलजलाहट से घबरा गए हैं।