Job · chapter 8 · verse 17
Job 8:17 in Hindi
उसकी जड़ कंकरों के ढेर में लिपटी हुई रहती है, और वह पत्त्र के स्थान को देख लेता है।
Usakee jad kankarom ke dher mem lipatee huee rahatee hai, aur vah pattr ke sthaan ko dekh letaa hai.
Job 8:17 in English
- King James Version (KJV)
- His roots are wrapped about the heap, [and] seeth the place of stones.
- World English Bible (WEB)
- His roots are wrapped around the rock pile. He sees the place of stones.
- American Standard Version (ASV)
- His roots are wrapped about the [stone]-heap, He beholdeth the place of stones.
- Bible in Basic English (BBE)
- His roots are twisted round the stones, forcing their way in between them.
- Darby Translation (DBY)
- His roots are entwined about the stoneheap; he seeth the place of stones.
- Webster's Bible (WBS)
- His roots are wrapped about the heap, [and] seeth the place of stones.
- Young's Literal Translation (YLT)
- By a heap his roots are wrapped, A house of stones he looketh for.
Read in context
- 15चाहे वह अपने घर पर टेक लगाए परन्तु वह न ठहरेगा; वह उसे दृढ़ता से थांभेगा परन्तु वह स्थ्रि न रहेगा।
- 16वह चूप पाकर हरा भरा हो जाता है, और उसकी डालियां बगीचे में चारों ओर फैलती हैं।
- 17उसकी जड़ कंकरों के ढेर में लिपटी हुई रहती है, और वह पत्त्र के स्थान को देख लेता है।
- 18परन्तु जब वह अपने स्थान पर से नाश किया जाए, तब वह स्थान उस से यह कहकर मुंह मोड़ लेगा कि मैं ने उसे कभी देखा ही नहीं।
- 19देख, उसकी आनन्द भरी चाल यही है; फिर उसी मिट्टी में से दूसरे उगेंगे।
Cross references
- Jude 1:12 यहूदा 1:12यह तुम्हारी प्रेम सभाओं में तुम्हारे साथ खाते- पीते, समुद्र में छिपी हुई चट्टान सरीखे हैं, और बेधड़क अपना ही पेट भरनेवाले रखवाले हैं; वे निर्जल बादल हैं; जिन्हें हवा उड़ा ले जाती है; पतझड़ के निष्फल पेड़ हैं, जो दो बार मर चुके हैं; और जड़ से उखड़ गए हैं।
- Job 29:19 अय्यूब 29:19मेरी जड़ जल की ओर फैली, और मेरी डाली पर ओस रात भर पड़ी,
- Mark 11:20 मरकुस 11:20फिर भोर को जब वे उधर से जाते थे तो उन्हों ने उस अंजीर के पेड़ को जड़ तक सूखा हुआ देखा।
- Jeremiah 12:1–2 यिर्मयाह 12:1–2हे यहोवा, यदि मैं तुझ से मुक़ मा लड़ूं, तौभी तू धम है; मुझे अपने साथ इस विषय पर वादविवाद करने दे। दुष्टों की चाल क्यों सफंल होती है? क्या कारण है कि विश्वासघाती बहुत सुख से रहते हैं? तू उनको बोता और वे जड़ भी पकड़ते; वे बढ़ते और फलते भी हैं; तू उनके मुंह के निकट है परन्तु उनके मनों से दूर है।
- Isaiah 40:24 यशायाह 40:24वे रोपे ही जाते, वे बोए ही जाते, उनके ठूंठ भूमि में जड़ ही पकड़ पाते कि वह उन पर पवन बहाता और वे सूख जाते, और आंधी उन्हें भूसे की नाई उड़ा ले जाती है।।
- Isaiah 5:24 यशायाह 5:24इस कारण जैसे अग्नि की लौ से खूंटी भस्म होती है और सूखी घास जलकर बैठ जाती है, वैसे ही उनकी जड़ सड़ जाएगी और उनके फूल धूल होकर उड़ जाएंगे; क्योंकि उन्हों ने सेनाओं के यहोवा की व्यवस्था को निकम्मी जाना, और इस्राएल के पवित्रा के वचन को तुच्छ जाना है।
- Job 18:16 अय्यूब 18:16उसकी जड़ तो सूख जाएगी, और डालियां कट जाएंगी।