Jonah · chapter 1 · verse 15
Jonah 1:15 in Hindi
तब उन्हों ने योना को उठाकर समुद्र में फेंक दिया; और समुद्र की भयानक लहरें थम गईं।
Tab unhom ne yonaa ko uthaakar samudr mem phenk diyaa; aur samudr kee bhayaanak laharem tham gaeen.
Jonah 1:15 in English
- King James Version (KJV)
- So they took up Jonah, and cast him forth into the sea: and the sea ceased from her raging.
- World English Bible (WEB)
- So they took up Jonah and threw him into the sea; and the sea ceased its raging.
- American Standard Version (ASV)
- So they took up Jonah, and cast him forth into the sea; and the sea ceased from its raging.
- Bible in Basic English (BBE)
- So they took Jonah up and put him into the sea: and the sea was no longer angry.
- Darby Translation (DBY)
- And they took up Jonah, and cast him forth into the sea: and the sea ceased from its raging.
- Webster's Bible (WBS)
- So they took Jonah, and cast him into the sea: and the sea ceased from her raging.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And they lift up Jonah, and cast him into the sea, and the sea ceaseth from its raging;
Read in context
- 13तौभी वे बड़े यत्न से खेते रहे कि उसको किनारे पर लगाएं, परन्तु पहुंच न सके, क्योंकि समुद्र की लहरें उनके विरूद्ध बढ़ती ही जाती थीं।
- 14तब उन्हों ने यहोवा को पुकारकर कहा, हे यहोवा हम बिनती करते ळें, कि इस पुरूष के प्राण की सन्ती हमारा नाश न हो, और न हमें निर्दोष की हत्या का दोषी ठहरा; क्योंकि हे हयोवा, जो कुछ तेरी इच्छा थी वही तू ने किया है।
- 15तब उन्हों ने योना को उठाकर समुद्र में फेंक दिया; और समुद्र की भयानक लहरें थम गईं।
- 16तब उन मनुष्यों ने यहोवा का बहुत ही भय माना, और उसको भेंट चढ़ाई और मन्नतें मानीं।।
- 17यहोवा ने एक बड़ा सा मगरमच्छ ठहराया था कि योना को निगल ले; और योना उस मगरमच्छ के पेट में तीन दिन और तीन रात पड़ा रहा।।
Cross references
- Luke 8:24 लूका 8:24तब उन्होंने पास आकर उसे जगाया, और कहा; हे स्वामी! स्वामी! हम नाश हुए जाते हैं: तब उस ने उठकर आन्धी को और पानी की लहरों को डांटा और वे थम गए, और चैन हो गया।
- Psalm 93:3–4 भजन संहिता 93:3–4हे यहोवा, महानदों का कोलाहल हो रहा है, महानदों का बड़ा शब्द हो रहा है, महानद गरजते हैं। महासागर के शब्द से, और समुद्र की महातरंगों से, विराजमान यहोवा अधिक महान है।।
- Psalm 107:29 भजन संहिता 107:29वह आंधी को थाम देता है और तरंगें बैठ जाती हैं।
- Psalm 89:9 भजन संहिता 89:9समुद्र के गर्व को तू ही तोड़ता है; जब उसके तरंग उठते हैं, तब तू उनको शान्त कर देता है।
- Matthew 8:26 मत्ती 8:26उस ने उन से कहा; हे अल्पविश्वासियों, क्यों डरते हो? तब उस ने उठकर आन्धी और पानी को डांटा, और सब शान्त हो गया।
- Psalm 65:7 भजन संहिता 65:7तू जो समुद्र का महाशब्द, उसकी तरंगो का महाशब्द, और देश देश के लोगों का कोलाहल शन्त करता है;
- Joshua 7:24–26 यहोशू 7:24–26तब सब इस्राएलियों समेत यहोशू जेरहवंशी आकान को, और उस चांदी और ओढ़ने और सोने की ईंट को, और उसके बेटे- बेटियों को, और उसके बैलों, गदहों और भेड़- बकरियों को, और उसके डेरे को, निदान जो कुछ उसका था उन सब को आकोर नाम तराई में ले गया। तब यहोशू ने उस से कहा, तू ने हमें क्यों कष्ट दिया है? आज के दिन यहोवा तुझी को कष्ट देगा। तब सब इस्राएलियों ने उसको पत्थरवाह किया; और उनको आग में डालकर जलाया, और उनके ऊपर पत्थर डाल दिए। और उन्हों ने उसके ऊपर पत्थरों का बड़ा ढेर लगा दिया जो आज तक बना है; तब यहोवा का भड़का हुआ कोप शान्त हो गया। इस कारण उस स्थान का नाम आज तक आकोर तराई पड़ा है।।
- 2 Samuel 21:8–9 2 शमूएल 21:8–9परन्तु अम नी और मपीबोशेत नाम, अरया की बेटी रिस्पा के दोनों पुत्रा जो शाऊल से उत्पन्न हुए थे; और हााऊल की बेटी मीकल के पांचों बेटे, जो वह महोलवासी बर्जिल्लै के पुत्रा अद्रीएल की ओर से थे, इनको राजा ने पकड़वाकर गिबोनियों के हाथ सौंप दिया, और उन्हों ने उन्हें पहाड़ पर यहोवा के साम्हने फांसी दी, और सातों एक साथ नाश हुए। उनका मार डाला जाना तो कटनी के पहिले दिनों में, अर्थात् जब की कटनी के आरम्भ में हुआ।