Psalms · chapter 89 · verse 9
Psalm 89:9 in Hindi
समुद्र के गर्व को तू ही तोड़ता है; जब उसके तरंग उठते हैं, तब तू उनको शान्त कर देता है।
Samudr ke garv ko too hee todataa hai; jab usake tarang uthate haim, tab too unako shaant kar detaa hai.
Psalm 89:9 in English
- King James Version (KJV)
- Thou rulest the raging of the sea: when the waves thereof arise, thou stillest them.
- World English Bible (WEB)
- You rule the pride of the sea. When its waves rise up, you calm them.
- American Standard Version (ASV)
- Thou rulest the pride of the sea: When the waves thereof arise, thou stillest them.
- Bible in Basic English (BBE)
- You have rule over the sea in storm; when its waves are troubled, you make them calm.
- Darby Translation (DBY)
- Thou rulest the pride of the sea: when its waves arise, thou stillest them.
- Webster's Bible (WBS)
- Thou rulest the raging of the sea: when its waves arise, thou stillest them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Thou [art] ruler over the pride of the sea, In the lifting up of its billows Thou dost restrain them.
Read in context
- 7ईश्वर पवित्रों की गोष्ठी में अत्यन्त प्रतिष्ठा के योग्य, और अपने चारों ओर सब रहनेवालों से अधिक भययोग्य है।
- 8हे सेनाओं के परमेश्वर यहोवा, हे याह, तेरे तुल्य कौन सामर्थी है? तेरी सच्चाई तो तेरे चारों ओर है!
- 9समुद्र के गर्व को तू ही तोड़ता है; जब उसके तरंग उठते हैं, तब तू उनको शान्त कर देता है।
- 10तू ने रहब को घात किए हुए के समान कुचल डाला, और अपने शत्रुओं को अपने बाहुबल से तितर बितर किया है।
- 11आकाश तेरा है, पृथ्वी भी तेरी है; जगत और जो कुछ उस में है, उसे तू ही ने स्थिर किया है।
Cross references
- Psalm 65:7 भजन संहिता 65:7तू जो समुद्र का महाशब्द, उसकी तरंगो का महाशब्द, और देश देश के लोगों का कोलाहल शन्त करता है;
- Psalm 107:25–29 भजन संहिता 107:25–29क्योंकि वह आज्ञा देता है, वह प्रचण्ड बयार उठकर तरंगों को उठाती है। वे आकाश तक चढ़ जाते, फिर गहराई में उतर आते हैं; और क्लेश के मारे उनके जी में जी नहीं रहता; वे चक्कर खाते, और मतवाले की नाई लड़खड़ाते हैं, और उनकी सारी बुद्धि मारी जाती है। तब वे संकट में यहोवा की दोहाई देते हैं, और वह उनको सकेती से निकालता है। वह आंधी को थाम देता है और तरंगें बैठ जाती हैं।
- Mark 4:41 मरकुस 4:41और वे बहुत ही डर गए और आपस में बोले; यह कौन है, कि आन्धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं?
- Mark 4:39 मरकुस 4:39तब उस ने उठकर आन्धी को डांटा, और पानी से कहा; "शान्त रह, थम जा": और आन्धी थम गई और बड़ा चैन हो गया।
- Matthew 8:24–27 मत्ती 8:24–27और देखो, झील में एक एसा बड़ा तूफान उठा कि नाव लहरों से ढंपने लगी; और वह सो रहा था। तब उन्हों ने पास आकर उसे जगाया, और कहा, हे प्रभु, हमें बचा, हम नाश हुए जाते हैं। उस ने उन से कहा; हे अल्पविश्वासियों, क्यों डरते हो? तब उस ने उठकर आन्धी और पानी को डांटा, और सब शान्त हो गया। और लोग अचम्भा करके कहने लगे कि यह कैसा मनुष्य है, कि आन्धी और पानी भी उस की आज्ञा मानते हैं।
- Psalm 93:3–4 भजन संहिता 93:3–4हे यहोवा, महानदों का कोलाहल हो रहा है, महानदों का बड़ा शब्द हो रहा है, महानद गरजते हैं। महासागर के शब्द से, और समुद्र की महातरंगों से, विराजमान यहोवा अधिक महान है।।
- Psalm 29:10 भजन संहिता 29:10जलप्रलय के समय यहोवा विराजमान था; और यहोवा सर्वदा के लिये राजा होकर विराजमान रहता है।
- Job 38:8–11 अय्यूब 38:8–11फिर जब समुद्र ऐसा फूट निकला मानो वह गर्भ से फूट निकला, तब किस ने द्वार मूंदकर उसको रोक दिया; जब कि मैं ने उसको बादल पहिनाया और घोर अन्धकार में लमेट दिया, और उसके लिये सिवाना बान्धा और यह कहकर बेंड़े और किवाड़े लगा दिए, कि यहीं तक आ, और आगे न बढ़, और तेरी उमंडनेवाली लहरें यहीं थम जाएं?
- Nahum 1:4 नहूम 1:4उसके घुड़कने से महानद सूख जाते हैं, और समुद्र भी निर्जल हो जाता है; बाशान और कर्म्मैल कुम्हलाते और लबानोन की हरियाली जाती रहती है।
- Matthew 14:32 मत्ती 14:32जब वे नाव पर चढ़ गए, तो हवा थम गई।
- Psalm 66:5–6 भजन संहिता 66:5–6आओ परमेश्वर के कामों को दखो; वह अपने कार्यों के कारण मनुष्यों को भययोग्य देख पड़ता है। उस ने समुद्र को सूखी भूमि कर डाला; वे महानद में से पांव पावं पार उतरे। वहां हम उसके कारण आनन्दित हुए,