Joshua · chapter 24 · verse 31
Joshua 24:31 in Hindi
और यहोशू के जीवन भर, और जो वृद्ध लोग यहोशू के मरने के बाद जीवित रहे और जानते थे कि यहोवा ने इस्राएल के लिये कैसे कैसे काम किए थे, उनके भी जीवन भर इस्राएली यहोवा ही की सेवा करते रहे।
Aur yahoshoo ke jeevan bhar, aur jo vruddh log yahoshoo ke marane ke baad jeevit rahe aur jaanate the ki yahovaa ne israael ke liye kaise kaise kaam kie the, unake bhee jeevan bhar israaelee yahovaa hee kee sevaa karate rahe.
Joshua 24:31 in English
- King James Version (KJV)
- And Israel served the LORD all the days of Joshua, and all the days of the elders that overlived Joshua, and which had known all the works of the LORD, that he had done for Israel.
- World English Bible (WEB)
- Israel served the LORD all the days of Joshua, and all the days of the elders who outlived Joshua, and had known all the work of the LORD, that he had worked for Israel.
- American Standard Version (ASV)
- And Israel served Jehovah all the days of Joshua, and all the days of the elders that outlived Joshua, and had known all the work of Jehovah, that he had wrought for Israel.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Israel was true to the Lord all the days of Joshua, and all the days of the older men who were still living after Joshua's death, and had seen what the Lord had done for Israel.
- Darby Translation (DBY)
- And Israel served Jehovah all the days of Joshua, and all the days of the elders whose days were prolonged after Joshua, and who had known all the works of Jehovah, which he had done for Israel.
- Webster's Bible (WBS)
- And Israel served the LORD all the days of Joshua, and all the days of the elders that outlived Joshua, and who had known all the works of the LORD that he had done for Israel.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Israel serveth Jehovah all the days of Joshua, and all the days of the elders who prolonged days after Joshua, and who knew all the work of Jehovah which He did to Israel.
Read in context
- 29इन बातों के बाद यहोवा का दास, नून का पुत्रा यहोशू, एक सौ दस वर्ष का होकर मर गया।
- 30और उसको तिम्नत्सेरह में, जो एप्रैम के पहाड़ी देश में गाश नाम पहाड़ की उत्तर अलंग पर है, उसी के भाग में मिट्टी दी गई।
- 31और यहोशू के जीवन भर, और जो वृद्ध लोग यहोशू के मरने के बाद जीवित रहे और जानते थे कि यहोवा ने इस्राएल के लिये कैसे कैसे काम किए थे, उनके भी जीवन भर इस्राएली यहोवा ही की सेवा करते रहे।
- 32फिर यूसुफ की हडि्डयां जिन्हें इस्राएली मि से ले आए थे वे शकेम की भूमि के उस भाग में गाड़ी गईं, जिसे याकूब ने शकेम के पिता हामोर से एक सौ चांदी के सिक्कों में मोल लिया था; इसलिये वह यूसुफ की सन्तान का निज भाग हो गया।
- 33और हारून का पुत्रा एलीआज़र भी मर गया; और उसको एप्रैम के पहाड़ी देश में उस पहाड़ी पर मिट्टी दी गई, जो उसके पुत्रा पीनहास के नाम पर गिबत्पीनहास कहलाती है और उसको दे दी गई थी।।
Cross references
- Judges 2:7 न्यायियों 2:7और यहोशू के जीवन भर, और उन वृद्ध लोगों के जीवन भर जो यहोशू के मरने के बाद जीवित रहे और देख चुके थे कि यहोवा ने इस्राएल के लिये कैसे कैसे बड़े काम किए हैं, इस्राएली लोग यहोवा की सेवा करते रहे।
- Deuteronomy 31:13 व्यवस्थाविवरण 31:13और उनके लड़केबाले जिन्हों ने ये बातें नहीं सुनीं वे भी सुनकर सींखें, कि तुम्हारे परमेश्वर यहोवा का भय उस समय तक मानते रहें, जब तक तुम उस देश में जीवित रहो जिसके अधिकारी होने को तुम यरदन पार जा रहे हो।।
- Deuteronomy 31:29 व्यवस्थाविवरण 31:29क्योंकि मुझे मालूम है कि मेरी मृत्यु के बाद तुम बिलकुल बिगड़ जाओगे, और जिस मार्ग में चलने की आज्ञा मैं ने तुम को सुनाई है उसको भी तुम छोड़ दोगे; और अन्त के दिनों में जब तुम वह काम करके जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है, अपनी बनाई हुई वस्तुओं की पूजा करके उसको रिस दिलाओगे, तब तुम पर विपत्ति आ पड़ेगी।।
- Deuteronomy 11:2 व्यवस्थाविवरण 11:2और तुम आज यह सोच समझ लो (क्योंकि मैं तो तुम्हारे बाल- बच्चों से नहीं कहता,) जिन्हों ने न तो कुछ देखा और न जाना है कि तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने क्या क्या ताड़ना की, और कैसी महिमा, और बलवन्त हाथ, और बढ़ाई हुई भुजा दिखाई,
- 2 Chronicles 24:17–18 2 इतिहास 24:17–18यहोयादा के मरने के बाद यहूदा के हाकिमों ने राजा के पास जाकर उसे दणडवत की, और राजा ने उनकी मानी। तब वे अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा का भवन छोड़कर अशेरों और मूरतों की उपासना करने लगे। सो उनके ऐसे दोषी होने के कारण परमेश्वर का क्रोध यहूदा और यरूशलेम पर भड़का।
- 2 Chronicles 24:2 2 इतिहास 24:2और जब तक यहोयादा याजक जीवित रहा, तब तक योआश वह काम करता रहा जो यहोवा की दृष्टि में ठीक है।
- Acts 20:29 प्रेरितों के काम 20:29मैं जानता हूं, कि मेरे जाने के बाद फाड़नेवाले भेड़िए तुम में आएंगे, जो झुंड को न छोड़ेंगे।
- Deuteronomy 11:7 व्यवस्थाविवरण 11:7परन्तु यहोवा के इन सब बड़े बड़े कामों को तुम ने अपनी आंखों से देखा है।
- Philippians 2:12 फिलिप्पियों 2:12सो हे मेरे प्यारो, जिस प्रकार तुम सदा से आज्ञा मानते आए हो, वैसे ही अब भी न केवल मेरे साथ रहते हुए पर विशेष करके अब मेरे दूर रहने पर भी डरते और कांपते हुए अपने अपने उद्धार का कार्य पूरा करते जाओ।
Original words (Hebrew)
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- served · H5647עָבַד ʻâbad
- days · H3117יוֹם yôwm
- Joshua · H3091יְהוֹשׁוּעַ Yᵉhôwshûwaʻ
- days · H3117יוֹם yôwm
- elders · H2205זָקֵן zâqên
- overlived · H748אָרַךְ ʼârak
- Joshua · H3091יְהוֹשׁוּעַ Yᵉhôwshûwaʻ
- known · H3045יָדַע yâdaʻ
- works · H4639מַעֲשֶׂה maʻăseh
- done · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl