Lamentations · chapter 3 · verse 65
Lamentations 3:65 in Hindi
तू उनका मन सुन्न कर देगा; तेरा शाप उन पर होगा।
Too unakaa man sunn kar degaa; teraa shaap un par hogaa.
Lamentations 3:65 in English
- King James Version (KJV)
- Give them sorrow of heart, thy curse unto them.
- World English Bible (WEB)
- You will give them hardness of heart, your curse to them.
- American Standard Version (ASV)
- Thou wilt give them hardness of heart, thy curse unto them.
- Bible in Basic English (BBE)
- You will let their hearts be covered over with your curse on them.
- Darby Translation (DBY)
- give them obduracy of heart, thy curse unto them;
- Webster's Bible (WBS)
- Give them sorrow of heart, thy curse to them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Thou givest to them a covered heart, Thy curse to them.
Read in context
- 63उनका उठना- बैठना ध्यान से देख; वे मुझ पर लगते हुए गीत गाते हैं।
- 64हे यहोवा, तू उनके कामों के अनुसार उनको बदला देगा।
- 65तू उनका मन सुन्न कर देगा; तेरा शाप उन पर होगा।
- 66हे यहोवा, तू अपने कोप से उनको खदेड़- खदेड़कर धरती पर से नाश कर देगा।
Cross references
- Isaiah 6:10 यशायाह 6:10तू इन लोगों के मन को मोटे और उनके कानों को भारी कर, और उनकी आंखों को बन्द कर; ऐसा न हो कि वे आंखों से देखें, और कानों से सुनें, और मन से बूझें, और मन फिरावें और चंगे हो जाएं।
- Deuteronomy 2:30 व्यवस्थाविवरण 2:30परन्तु हेशबोन के राजा सीहोन ने हम को अपने देश में से होकर चलने न दिया; क्योंकि तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने उसका चित्त कठोर और उसका मन हठीला कर दिया था, इसलिये कि उसको तुम्हारे हाथ में कर दे, जैसा कि आज प्रकट है।
- 1 Corinthians 16:22 1 कुरिन्थियों 16:22हमारा प्रभु आनेवाला है।
- Psalm 109:17–18 भजन संहिता 109:17–18वह शाप देने में प्रीति रखता था, और शाप उस पर आ पड़ा; वह आशीर्वाद देने से प्रसन्न न होता था, सो आर्शीवाद उस से दूर रहा। वह शाप देना वस्त्रा की नाई पहिनता था, और वह उसके पेट में जल की नाई और उसकी हडि्डयों में तेल की नाई समा गया।
- Deuteronomy 27:15–26 व्यवस्थाविवरण 27:15–26कि शापित हो वह मनुष्य जो कोई मूर्त्ति कारीगर से खुदवाकर वा ढलवाकर निराले स्थान में स्थापन करे, क्योंकि इस से यहोवा को घृणा लगती है। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो अपने पिता वा माता को तुच्छ जाने। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो किसी दूसरे के सिवाने को हटाए। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो अन्धे को मार्ग से भटका दे। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो परेदशी, अनाथ, वा विधवा का न्याय बिगाड़े। तब सब लोग कहें आमीन।। शापित हो वह जो अपनी सौतेली माता से कुकर्म करे, क्योंकि वह अपने पिता का ओढ़ना उघारता है। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो किसी प्रकार के पशु से कुकर्म करे। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो अपनी बहिन, चाहे सगी हो चाहे सौतेली, उस से कुकर्म करे। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो अपनी सास के संग कुकर्म करे। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो किसी को छिपकर मारे। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो निर्दोष जन के मार डालने के लिये धन ले। तब सब लोग कहें, आमीन।। शापित हो वह जो इस व्यवस्था के वचनों को मानकर पूरा न करे। तब सब लोग कहें, आमीन।।