Leviticus · chapter 13 · verse 46
Leviticus 13:46 in Hindi
जितने दिन तक वह व्याधि उस में रहे उतने दिन तक वह तो अशुद्ध रहेगा; और वह अशुद्ध ठहरा रहे; इसलिये वह अकेला रहा करे, उसका निवास स्थान छावनी के बाहर हो।।
Jitane din tak vah vyaadhi us mem rahe utane din tak vah to ashuddh rahegaa; aur vah ashuddh thaharaa rahe; isaliye vah akelaa rahaa kare, usakaa nivaas sthaan chhaavanee ke baahar ho..
Leviticus 13:46 in English
- King James Version (KJV)
- All the days wherein the plague [shall be] in him he shall be defiled; he [is] unclean: he shall dwell alone; without the camp [shall] his habitation [be].
- World English Bible (WEB)
- All the days in which the plague is in him he shall be unclean. He is unclean. He shall dwell alone. His dwelling shall be outside of the camp.
- American Standard Version (ASV)
- All the days wherein the plague is in him he shall be unclean; he is unclean: he shall dwell alone; without the camp shall his dwelling be.
- Bible in Basic English (BBE)
- While the disease is on him, he will be unclean. He is unclean: let him keep by himself, living outside the tent-circle.
- Darby Translation (DBY)
- All the days that the sore shall be in him he shall be unclean: he is unclean; he shall dwell apart; outside the camp shall his dwelling be.
- Webster's Bible (WBS)
- All the days in which the plague [shall be] in him he shall be defiled; he [is] unclean: he shall dwell alone, without the camp [shall] his habitation [be] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- all the days that the plague [is] in him he is unclean; he [is] unclean, alone he doth dwell, at the outside of the camp [is] his dwelling.
Read in context
- 44तो वह मनुष्य कोढ़ी है और अशुद्ध है; और याजक उसको अवश्य अशुद्ध ठहराए; क्योंकि वह व्याधि उसके सिर पर है।।
- 45और जिस में वह व्याधि हो उस कोढ़ी के वस्त्रा फटे और सिर के बाल बिखरे रहें, और वह अपने ऊपरवाले होंठ को ढांपे हुए अशुद्ध, अशुद्ध पुकारा करे।
- 46जितने दिन तक वह व्याधि उस में रहे उतने दिन तक वह तो अशुद्ध रहेगा; और वह अशुद्ध ठहरा रहे; इसलिये वह अकेला रहा करे, उसका निवास स्थान छावनी के बाहर हो।।
- 47फिर जिस वस्त्रा में कोढ़ की व्याधि हो, चाहे वह वस्त्रा ऊन का हो चाहे सनी का,
- 48वह व्याधि चाहे उस सनी वा ऊन के वस्त्रा के ताने में हो चाहे बाने में, वा वह व्याधि चमड़े में वा चमड़े की किसी वस्तु में हो,
Cross references
- 2 Kings 7:3 2 राजा 7:3और चार कोढ़ी फाटक के बाहर थे; वे आपस में कहने लगे, हम क्यों यहां बैठे बैठे मर जाएं?
- 2 Kings 15:5 2 राजा 15:5और यहोवा ने उस राजा को ऐसा मारा, कि वह मरने के दिन तक कोढ़ी रहा, और अलग एक घर में रहता था। और योताम नाम राजपुत्रा उसके घराने के काम पर अधिकारी होकर देश के लोगों का न्याय करता था।
- 2 Chronicles 26:21 2 इतिहास 26:21और उज्जिरयाह राजा मरने के दिन तक कोढ़ी रहा, और कोढ़ के कारण अलग एक घर में रहता था, वह तो यहोवा के भवन में जाने न पाता था। और उसका पुत्रा योताम राजघराने के काम पर नियुक्त किया गया और वह लोगों का न्याय भी करता था।
- Numbers 12:14–15 गिनती 12:14–15यहोवा ने मूसा से कहा, यदि उसका पिता उसके मुंह पर थूका ही होता, तो क्या सात दिन तक वह लज्जित न रहती? सो वह सात दिन तक छावनी से बाहर बन्द रहे, उसके बाद वह फिर भीतर आने पाए। सो मरियम सात दिन तक छावनी से बाहर बन्द रही, और जब तक मरियम फिर आने न पाई तब तक लोगों ने प्रस्थान न किया।
- Numbers 5:1–4 गिनती 5:1–4फिर यहोवा ने मूसा से कहा, इस्त्राएलियों को आज्ञा दे, कि वे सब कोढ़ियों को, और जितनों के प्रमेह हो, और जितने लोथ के कारण अशुद्ध हों, उन सभों को छावनी से निकाल दें; ऐसों को चाहे पुरूष हों चाहे स्त्री छावनी से निकालकर बाहर कर दें; कहीं ऐसा न हो कि तुम्हारी छावनी, जिसके बीच मैं निवास करता हूं, उनके कारण अशुद्ध हो जाए। और इस्त्राएलियों ने वैसा ही किया, अर्थात् ऐसे लोगों को छावनी से निकालकर बाहर कर दिया; जैसा यहोवा ने मूसा से कहा था इस्त्राएलियों ने वैसा ही किया।।
- 2 Thessalonians 3:14 2 थिस्सलुनीकियों 3:14यदि कोई हमारी इस पत्री की बात को न माने, तो उस पर दृष्टि रखो; और उस की संगति न करो, जिस से वह लज्जित हो;
- Revelation 21:27 प्रकाशितवाक्य 21:27और उस में कोई अपवित्रा वस्तु या घृणित काम करनेवाला, या झूठ का गढ़नेवाला, किसी रीति से प्रवेश न करेगा; पर केवल वे लोग जिन के नाम मेम्ने के जीवन की पुस्तक में लिखे हैं।।
- Revelation 22:15 प्रकाशितवाक्य 22:15पर कुत्तेे, और टोन्हें, और व्यभिचारी, और हत्यारे और मूर्तिपूजक, और हर एक झूठ का चाहनेवाला, और गढ़नेवाला बाहर रहेगा।।
- 1 Timothy 6:5 1 तीमुथियुस 6:5और उन मनुष्यों में व्यर्थ रगड़े झगड़े उत्पन्न होते हैं, जिन की बुद्धि बिगड़ गई है और वे सत्य से विहीन हो गए हैं, जो समझते हैं कि भक्ति कमाई का द्वार है।
- 1 Corinthians 5:5 1 कुरिन्थियों 5:5शरीर के विनाश के लिये शैतान को सौंपा जाए, ताकि उस की आत्मा प्रभु यीशु के दिन में उद्धार पाए।
- 1 Corinthians 5:9–13 1 कुरिन्थियों 5:9–13मैं ने अपनी पत्री में तुम्हें लिखा है, कि व्यभिचारियों की संगति न करना। यह नहीं, कि तुम बिलकुल इस जगत के व्यभिचारियों, या लोभियों, या अन्धेर करनेवालों, या मूत्तिपूजकों की संगति न करो; क्योंकि इस दशा में तो तुम्हें जगत में से निकल जाना ही पड़ता। मेरा कहना यह है; कि यदि कोई भाई कहलाकर, व्यभिचारी, या लोभी, या मूत्तिपूजक, या गाली देनेवाला, या पियक्कड़, या अन्धेर करनेवाला हो, तो उस की संगति मत करना; बरन ऐसे मनुष्य के साथ खाना भी न खाना। क्योंकि मुझे बाहरवालों का न्याय करने से क्या काम? क्या तुम भीतरवालों का न्याय नहीं करते? परन्तु बाहरवालों का न्याय परमेश्वर करता है: इसलिये उस कुकर्मी को अपने बीच में से निकाल दो।।
- Lamentations 1:8 विलापगीत 1:8यरूशलेम ने बड़ा पाप किया, इसलिये वह अशुद्ध स्त्री सी हो गई है; जितने उसका आदर करते थे वे उसका निरादर करते हैं, क्योंकि उन्होंने उसकी नंगाई देखी है; हां, वह कराहती हुई मुंह फेर लेती है।