Leviticus · chapter 23 · verse 32
Leviticus 23:32 in Hindi
वह दिन तुम्हारे लिये परमविश्राम का हो, उस में तुम अपने अपने जीव को दु:ख देना; और उस महीने के नवें दिन की सांझ से ले कर दूसरी सांझ तक अपना विश्रामदिन माना करना॥
Vah din tumhaare liye paramavishraam kaa ho, us mem tum apane apane jeev ko du:kh denaa; aur us maheene ke navem din kee saanjh se le kar doosaree saanjh tak apanaa vishraamadin maanaa karanaa
Leviticus 23:32 in English
- King James Version (KJV)
- It [shall be] unto you a sabbath of rest, and ye shall afflict your souls: in the ninth [day] of the month at even, from even unto even, shall ye celebrate your sabbath.
- World English Bible (WEB)
- It shall be a Sabbath of solemn rest for you, and you shall deny yourselves. In the ninth day of the month at evening, from evening to evening, you shall keep your Sabbath.”
- American Standard Version (ASV)
- It shall be unto you a sabbath of solemn rest, and ye shall afflict your souls: in the ninth day of the month at even, from even unto even, shall ye keep your sabbath.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let this be a Sabbath of special rest to you, and keep yourselves from all pleasure; on the ninth day of the month at nightfall from evening to evening, let this Sabbath be kept.
- Darby Translation (DBY)
- A sabbath of rest shall it be unto you; and ye shall afflict your souls. On the ninth of the month at even, from even unto even, shall ye celebrate your sabbath.
- Webster's Bible (WBS)
- It [shall be] to you a sabbath of rest, and ye shall afflict your souls in the ninth [day] of the month at evening: from evening to evening shall ye celebrate your sabbath.
- Young's Literal Translation (YLT)
- It [is] a sabbath of rest to you, and ye have humbled yourselves in the ninth of the month at even; from evening till evening ye do keep your sabbath.'
Read in context
- 30और जो प्राणी उस दिन किसी प्रकार का कामकाज करे उस प्राणी को मैं उसके लोगों के बीच में से नाश कर डालूंगा।
- 31तुम किसी प्रकार का कामकाज न करना; यह तुम्हारी पीढ़ी पीढ़ी में तुम्हारे घराने में सदा की विधी ठहरे।
- 32वह दिन तुम्हारे लिये परमविश्राम का हो, उस में तुम अपने अपने जीव को दु:ख देना; और उस महीने के नवें दिन की सांझ से ले कर दूसरी सांझ तक अपना विश्रामदिन माना करना॥
- 33फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
- 34इस्त्राएलियों से कह, कि उसी सातवें महीने के पन्द्रहवें दिन से सात दिन तक यहोवा के लिये झोंपडिय़ों का पर्ब्ब रहा करे।
Cross references
- Leviticus 23:27 लैव्यव्यवस्था 23:27उसी सातवें महीने का दसवां दिन प्रायश्चित्त का दिन माना जाए; वह तुम्हारी पवित्र सभा का दिन होगा, और उस में तुम अपने अपने जीव को दु:ख देना और यहोवा का हव्य चढ़ाना।
- Leviticus 16:31 लैव्यव्यवस्था 16:31यह तुम्हारे लिये परमविश्राम का दिन ठहरे, और तुम उस दिन अपने अपने जीव को दु:ख देना; यह सदा की विधि है।
- Psalm 51:17 भजन संहिता 51:17टूटा मन परमेश्वर के योग्य बलिदान है; हे परमेश्वर, तू टूटे और पिसे हुए मन को तुच्छ नहीं जानता।।
- Matthew 11:28–30 मत्ती 11:28–30हे सब परिश्रम करनेवालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दी हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे। क्योंकि मेरा जूआ सहज और मेरा बोझ हल्का है।।
- Psalm 69:10–11 भजन संहिता 69:10–11जब मैं रोकर और उपवास करके दु:ख उठाता था, तब उस से भी मेरी नामधराई ही हुई। और जब मैं टाट का वस्त्रा पहिने था, तब मेरा दृष्टान्त उन में चलता था।
- Psalm 35:13 भजन संहिता 35:13जब वे रोगी थे तब तो मैं टाट पहिने रहा, और उपवास कर करके दु:ख उठाता रहा; और मेरी प्रार्थना का फल मेरी गोद में लौट आया।
- Isaiah 58:3–7 यशायाह 58:3–7वे कहते हैं, क्या कारए है कि हम ने तो उपवास रखा, परन्तु तू ने इसकी सुधि नहीं ली? हम ने दु:ख उठाया, परन्तु तू ने कुछ ध्यान नहीं दिया? सुनो, उपवास के दिन तुम अपनी ही इच्छा पूरी करते हो और अपने सेवकों से कठिन कामों को कराते हो। सुनो, तुम्हारे उपवास का फल यह होता है कि तुम आपस में लड़ते और झगड़ते और दुष्टता से घूंसे मारते हो। जैसा उपवास तुम आजकर रखते हो, उस से तुम्हारी प्रार्थना ऊपर नहीं सुनाई देगी। जिस उपवास से मैं प्रसन्न होता हूं अर्थात् जिस में मनुष्य स्वयं को दीन करे, क्या तुम इस प्रकार करते हो? क्या सिर को झाऊ की नाईं झुकाना, अपने नीचे टाट बिछाना, और राख फैनाने ही को तुम उपवास और यहोवा को प्रसन्न करने का दिन कहते हो? जिस उपवास से मैं प्रसन्न होता हूं, वह क्या यह नहीं, कि, अन्याय से बनाए हुए दासों, और अन्धेर सहनेवालों का जुआ तोड़कर उनको छुड़ा लेना, और, सब जुओं को टूकड़े टूकड़े कर देना? क्या वह यह नहीं है कि अपनी रोटी भूखों को बांट देना, अनाथ और मारे मारे फिरते हुओं को अपने घर ले आना, किसी को नंगा देखकर वस्त्रा पहिनाना, और अपने जातिभाइयों से अपने को न छिपाना?
- 1 Corinthians 11:31 1 कुरिन्थियों 11:31यदि हम अपने आप में जांचते, तो दण्ड न पाते।
- Hebrews 4:11 इब्रानियों 4:11सो हम उस विश्राम में प्रवेश करने का प्रयत्न करें, ऐसा न हो, कि कोई जन उन की नाई आज्ञा न मानकर गिर पड़े।
- Matthew 5:4 मत्ती 5:4धन्य हैं वे, जो शोक करते हैं, क्योंकि वे शांति पाएंगे।
- Hebrews 4:3 इब्रानियों 4:3और हम जिन्हों ने विश्वास किया है, उस विश्राम में प्रवेश करते हैं; जैसा उस ने कहा, कि मैं ने अपने क्रोध में शपथ खाई, कि वे मेरे विश्राम में प्रवेश करने न पाएंगे, यद्यपि जगत की उत्पत्ति के समय से उसे काम हो चुके थे।
- Isaiah 57:15 यशायाह 57:15क्योंकि जो महान और उत्तम और सदैव स्थिर रहता, और जिसका नाम पवित्रा है, वह यों कहता है, मैं ऊंचे पर और पवित्रा स्थान में निवास करता हूं, और उसके संग भी रहता हूं, जो खेदित और नम्र हैं, कि, नम्र लोगों के हृदय और खेदित लोगों के मन को हर्षित करूं।
Original words (Hebrew)
- sabbath · H7676שַׁבָּת shabbâth
- rest · H7677שַׁבָּתוֹן shabbâthôwn
- afflict · H6031עָנָה ʻânâh
- souls · H5315נֶפֶשׁ nephesh
- ninth · H8672תֵּשַׁע têshaʻ
- month · H2320חֹדֶשׁ chôdesh
- even · H6153עֶרֶב ʻereb
- even · H6153עֶרֶב ʻereb
- even · H6153עֶרֶב ʻereb
- celebrate · H7673שָׁבַת shâbath
- sabbath · H7676שַׁבָּת shabbâth