Leviticus · chapter 5 · verse 4
Leviticus 5:4 in Hindi
और यदि कोई बुरा वा भला करने को बिना सोचे समझे शपथ खाए, चाहे किसी प्रकार की बात वह बिना सोचे विचारे शपथ खाकर कहे, तो ऐसी बात में वह दोषी उस समय ठहरेगा जब उसे मालूम हो जाएगा।
Aur yadi koee buraa vaa bhalaa karane ko binaa soche samajhe shapath khaae, chaahe kisee prakaar kee baat vah binaa soche vichaare shapath khaakar kahe, to aisee baat mem vah doshee us samay thaharegaa jab use maaloom ho jaaegaa.
Leviticus 5:4 in English
- King James Version (KJV)
- Or if a soul swear, pronouncing with [his] lips to do evil, or to do good, whatsoever [it be] that a man shall pronounce with an oath, and it be hid from him; when he knoweth [of it], then he shall be guilty in one of these.
- World English Bible (WEB)
- “‘Or if anyone swears rashly with his lips to do evil or to do good—whatever it is that a man might utter rashly with an oath, and it is hidden from him—when he knows of it, then he will be guilty of one of these.
- American Standard Version (ASV)
- Or if any one swear rashly with his lips to do evil, or to do good, whatsoever it be that a man shall utter rashly with an oath, and it be hid from him; when he knoweth of it, then he shall be guilty in one of these [things].
- Bible in Basic English (BBE)
- Or if anyone, without thought, takes an oath to do evil or to do good, whatever he says without thought, with an oath, having no knowledge of what he is doing; when it becomes clear to him, he will be responsible for any of these things.
- Darby Translation (DBY)
- Or if any one swear, talking rashly with the lips, to do evil or to do good, in everything that a man shall say rashly with an oath, and it be hid from him, when he knoweth [it], then is he guilty in one of these.
- Webster's Bible (WBS)
- Or if a soul shall swear, pronouncing with [his] lips to do evil, or to do good, whatever [it may be] , that a man shall pronounce with an oath, and it be hid from him; when he knoweth [of it] , then he shall be guilty in one of these.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Or when a person sweareth, speaking wrongfully with the lips to do evil, or to do good, even anything which man speaketh wrongfully with an oath, and it hath been hid from him; — when he hath known then he hath been guilty of one of these;
Read in context
- 2और यदि कोई किसी अशुद्ध वस्तु को अज्ञानता से छू ले, तो चाहे वह अशुद्ध बनैले पशु की, चाहे अशुद्ध रेंगनेवाले जीव- जन्तु की लोथ हो, तो वह अशुद्ध होकर दोषी ठहरेगा।
- 3और यदि कोई मनुष्य किसी अशुद्ध वस्तु को अज्ञानता से छू ले, चाहे वह अशुद्ध वस्तु किसी भी प्रकार की क्यों न हो जिस से लोग अशुद्ध हो जाते हैं तो जब वह उस बात को जान लेगा तब वह दोषी ठहरेगा।
- 4और यदि कोई बुरा वा भला करने को बिना सोचे समझे शपथ खाए, चाहे किसी प्रकार की बात वह बिना सोचे विचारे शपथ खाकर कहे, तो ऐसी बात में वह दोषी उस समय ठहरेगा जब उसे मालूम हो जाएगा।
- 5और जब वह इन बातों में से किसी भी बात में दोषी हो, तब जिस विषय में उस ने पाप किया हो वह उसको मान ले,
- 6और वह यहोवा के साम्हने अपना दोषबलि ले आए, अर्थात् उस पाप के कारण वह एक भेड़ वा बकरी पापबलि करने के लिये ले आए; तब याजक उस पाप के विषय उसके लिये प्रायश्चित्त करे।
Cross references
- Ecclesiastes 5:2–6 सभोपदेशक 5:2–6बातें करने में उतावली न करना, और न अपने मन से कोई बात उतावली से परमेश्वर के साम्हने निकालना, क्योंकि परमेश्वर स्वर्ग में हैं और तू पृथ्वी पर है; इसलिये तेरे वचन थोड़े ही हों।। क्योंकि जैसे कार्य की अधिकता के कारण स्वप्न देखा जाता है, वेैसे ही बहुत सी बातों का बोलनेवाला मूर्ख ठहरता है। जब तू परमेश्वर के लिये मन्नत माने, तब उसके पूरा करने में विलम्ब न करना; क्यांकि वह मूर्खों से प्रसन्न नहीं होता। जो मन्नत तू ने मानी हो उसे पूरी करना। मन्नत मानकर पूरी न करने से मन्नत का न मानना ही अच्छा है। कोई वचन कहकर अपने को पाप में ने फंसाना, और न ईश्वर के दूत के साम्हने कहना कि यह भूल से हुआ; परमेश्वर क्यों तेरा बोल सुनकर अप्रसन्न हो, और तेरे हाथ के कार्यों को नष्ट करे?
- Judges 11:31 न्यायियों 11:31तो जब मैं कुशल के साथ अम्मोनियों के पास से लौट आऊं तब जो कोई मेरे भेंट के लिये मेरे घर के द्वार से निकले वह यहोवा का ठहरेगा, और मैं उसे होमबलि करके चढ़ाऊंगा।
- Mark 6:23 मरकुस 6:23और उस ने शपथ खाई, कि मैं अपने आधे राज्य तक जो कुछ तू मुझ से मांगेगी मैं तुझे दूंगा।
- Acts 23:12 प्रेरितों के काम 23:12जब दिन हुआ, तो यहूदियों ने एका किया, और शपथ खाई कि जब तक हम पौलुस को मार न डालें, तब तक खांए या पीएं तो हम पर धिक्कार।
- Numbers 30:8 गिनती 30:8परन्तु यदि उसका पति सुनकर उसी दिन उसे मना कर दे, तो जो मन्नत उस ने मानी है, और जो बात बिना सोच विचार किए कहने से उस ने अपने आप को वाचा से बान्धा हो, वह टूट जाएगी; और यहोवा उस स्त्री का पाप क्षमा करेगा।
- 1 Samuel 25:22 1 शमूएल 25:22यदि बिहान को उजियाला होने तक उस जन के समस्त लोगों में से एक लड़के को भी मैं जीवित छोड़ूं, तो परमेश्वर मेरे सब शत्रुओं से ऐसा ही, वरन इस से भी अधिक करे।
- 1 Samuel 1:11 1 शमूएल 1:11और उस ने यह मन्नत मानी, कि हे सेनाओं के यहोवा, यदि तू अपनी दासी के दु:ख पर सचमुच दृष्टि करे, और मेरी सुधि ले, और अपनी दासी को भूल न जाए, और अपनी दासी को पुत्रा दे, तो मैं उसे उसके जीवन भर के लिये यहोवा को अर्पण करूंगी, और उसके सिर पर छुरा फिरने न पाएगा।
- Matthew 14:7 मत्ती 14:7इसलिये उस ने शपथ खाकर वचन दिया, कि जो कुछ तू मांगेगी, मैं तुझे दूंगा।
- Judges 21:18 न्यायियों 21:18परन्तु हम तो अपनी किसी बेटी को उन्हें ब्याह नहीं दे सकते, क्योंकि इस्राएलियों ने यह कहकर शपथ खाई है कि शापित हो वह जो किसी बिन्यामीनी को अपनी लड़की ब्याह दे।
- Leviticus 27:2–34 लैव्यव्यवस्था 27:2–34इस्त्राएलियों से यह कह, कि जब कोई विशेष संकल्प माने, तो संकल्प किए हुए प्राणी तेरे ठहराने के अनुसार यहोवा के होंगे; इसलिये यदि वह बीस वर्ष वा उससे अधिक और साठ वर्ष से कम अवस्था का पुरूष हो, तो उसके लिये पवित्रस्थान के शेकेल के अनुसार पचास शेकेल का रूपया ठहरे। और यदि वह स्त्री हो, तो तीस शेकेल ठहरे। फिर यदि उसकी अवस्था पांच वर्ष वा उससे अधिक और बीस वर्ष से कम की हो, तो लड़के के लिये तो बीस शेकेल, और लड़की के लिये दस शेकेल ठहरे। और यदि उसकी अवस्था एक महीने वा उससे अधिक और पांच वर्ष से कम की हो, तो लड़के के लिये तो पांच, और लड़की के लिये तीन शेकेल ठहरें। फिर यदि उसकी अवस्था साठ वर्ष की वा उससे अधिक हो, और वह पुरूष हो तो उसके लिये पंद्रह शेकेल, और स्त्री हो तो दस शेकेल ठहरे। परन्तु यदि कोई इतना कंगाल हो कि याजक का ठहराया हुआ दाम न दे सके, तो वह याजक के साम्हने खड़ा किया जाए, और याजक उसकी पूंजी ठहराए, अर्थात जितना संकल्प करने वाले से हो सके, याजक उसी के अनुसार ठहराए॥ फिर जिन पशुओं में से लोग यहोवा को चढ़ावा चढ़ाते है, यदि ऐसों में से कोई संकल्प किया जाए, तो जो पशु कोई यहोवा को दे वह पवित्र ठहरेगा। वह उसे किसी प्रकार से न बदले, न तो वह बुरे की सन्ती अच्छा, और न अच्छे की सन्ती बुरा दे; और यदि वह उस पशु की सन्ती दूसरा पशु दे, तो वह और उसका बदला दोनों पवित्र ठहरेंगे। और जिन पशुओं में से लोग यहोवा के लिये चढ़ावा नहीं चढ़ाते ऐसों में से यदि वह हो, तो वह उसको याजक के साम्हने खड़ा कर दे, तब याजक पशु के गुण अवगुण दोनों विचार कर उसका मोल ठहराए; और जितना याजक ठहराए उसका मोल उतना ही ठहरे। और यदि संकल्प करने वाला उसे किसी प्रकार से छुड़ाना चाहे, तो जो मोल याजक ने ठहराया हो उस में उसका पांचवां भाग और बढ़ाकर दे॥ फिर यदि कोई अपना घर यहोवा के लिये पवित्र ठहराकर संकल्प करे, तो याजक उसके गुण-अवगुण दोनों विचार कर उसका मोल ठहराए; और जितना याजक ठहराए उसका मोल उतना ही ठहरे। और यदि घर का पवित्र करनेवाला उसे छुड़ाना चाहे, तो जितना रूपया याजक ने उसका मोल ठहराया हो उस में वह पांचवां भाग और बढ़ाकर दे, तब वह घर उसी का रहेगा॥ फिर यदि कोई अपनी निज भूमि का कोई भाग यहोवा के लिये पवित्र ठहराना चाहे, तो उसका मोल इसके अनुसार ठहरे, कि उस में कितना बीज पड़ेगा; जितना भूमि में होमेर भर जौ पड़े उतनी का मोल पचास शेकेल ठहरे। यदि वह अपना खेत जुबली के वर्ष ही में पवित्र ठहराए, तो उसका दाम तेरे ठहराने के अनुसार ठहरे; और यदि वह अपना खेत जुबली के वर्ष के बाद पवित्र ठहराए, तो जितने वर्ष दूसरे जुबली के वर्ष के बाकी रहें उन्हीं के अनुसार याजक उसके लिये रूपये का हिसाब करे, तब जितना हिसाब में आए उतना याजक के ठहराने से कम हो। और यदि खेत को पवित्र ठहराने वाला उसे छुड़ाना चाहे, तो जो दाम याजक ने ठहराया हो उस में वह पांचवां भाग और बढ़ाकर दे, तब खेत उसी का रहेगा। और यदि वह खेत को छुड़ाना न चाहे, वा उसने उसको दूसरे के हाथ बेचा हो, तो खेत आगे को कभी न छुड़ाया जाए; परन्तु जब वह खेत जुबली के वर्ष में छूटे, तब पूरी रीति से अर्पण किए हुए खेत की नाईं यहोवा के लिये पवित्र ठहरे, अर्थात वह याजक ही की निज भूमि हो जाए। फिर यदि कोई अपना मोल लिया हुआ खेत, जो उसकी निज भूमि के खेतों में का न हो, यहोवा के लिये पवित्र ठहराए, तो याजक जुबली के वर्ष तक का हिसाब करके उस मनुष्य के लिये जितना ठहराए उतना ही वह यहोवा के लिये पवित्र जान कर उसी दिन दे दे। और जुबली के वर्ष में वह खेत उसी के अधिकार में जिस से वह मोल लिया गया हो फिर आ जाए, अर्थात जिसकी वह निज भूमि हो उसी की फिर हो जाए। और जिस जिस वस्तु का मोल याजक ठहराए उसका मोल पवित्रस्थान ही के शेकेल के हिसाब से ठहरे: शेकेल बीस गेरा का ठहरे॥ पर घरेलू पशुओं का पहिलौठा, जो यहोवा का पहिलौठा ठहरा है, उसको तो कोई पवित्र न ठहराए; चाहे वह बछड़ा हो, चाहे भेड़ वा बकरी का बच्चा, वह यहोवा ही का है। परन्तु यदि वह अशुद्ध पशु का हो, तो उसका पवित्र ठहराने वाला उसको याजक के ठहराए हुए मोल के अनुसार उसका पांचवां भाग और बढ़ाकर छुड़ा सकता है; और यदि वह न छुड़ाया जाए, तो याजक के ठहराए हुए मोल पर बेच दिया जाए॥ परन्तु अपनी सारी वस्तुओं में से जो कुछ कोई यहोवा के लिये अर्पण करे, चाहे मनुष्य हो चाहे पशु, चाहे उसकी निज भूमि का खेत हो, ऐसी कोई अर्पण की हुई वस्तु न तो बेची जाए और न छुड़ाई जाए; जो कुछ अर्पण किया जाए वह यहोवा के लिये परमपवित्र ठहरे। मनुष्यों में से जो कोई अर्पण किया जाए, वह छुड़ाया न जाए; निश्चय वह मार डाला जाए॥ फिर भूमि की उपज का सारा दशमांश, चाहे वह भूमि का बीज हो चाहे वृक्ष का फल, वह यहोवा ही का है; वह यहोवा के लिये पवित्र ठहरे। यदि कोई अपने दशमांश में से कुछ छुड़ाना चाहे, तो पांचवां भाग बढ़ाकर उसको छुड़ाए। और गाय-बैल और भेड़-बकरियां, निदान जो जो पशु गिनने के लिये लाठी के तले निकल जाने वाले हैं उनका दशमांश, अर्थात दस दस पीछे एक एक पशु यहोवा के लिये पवित्र ठहरे। कोई उसके गुण अवगुण न विचारे, और न उसको बदले; और यदि कोई उसको बदल भी ले, तो वह और उसका बदला दोनों पवित्र ठहरें; और वह कभी छुड़ाया न जाए॥ जो आज्ञाएं यहोवा ने इस्त्राएलियों के लिये सीनै पर्वत पर मूसा को दी थीं वे ये ही हैं॥
- Numbers 30:6 गिनती 30:6फिर यदि वह पति के अधीन हो और मन्नत माने, वा बिना सोच विचार किए ऐसा कुछ कहे जिस से वह बन्धन में पड़े,
- Psalm 132:2–5 भजन संहिता 132:2–5उस ने यहोवा से शपथ खाई, और याकूब के सर्वशक्तिमान की मन्नत मानी है, कि निश्चय मैं उस समय तक अपने घर में प्रवेश न करूंगा, और ने अपने पलंग पर चढूंगा; न अपनी आंखों में नींद, और न अपनी पलकों में झपकी आने दूंगा, जब तक मैं यहोवा के लिये एक स्थान, अर्थात् याकूब के सर्वशक्तिमान के लिये निवास स्थान न पाऊं।।
Original words (Hebrew)
- soul · H5315נֶפֶשׁ nephesh
- swear · H7650שָׁבַע shâbaʻ
- pronouncing · H981בָּטָא bâṭâʼ
- lips · H8193שָׂפָה sâphâh
- evil · H7489רָעַע râʻaʻ
- good · H3190יָטַב yâṭab
- man · H120אָדָם ʼâdâm
- pronounce · H981בָּטָא bâṭâʼ
- oath · H7621שְׁבוּעָה shᵉbûwʻâh
- hid · H5956עָלַם ʻâlam
- knoweth · H3045יָדַע yâdaʻ
- guilty · H816אָשַׁם ʼâsham
- one · H259אֶחָד ʼechâd