Luke · chapter 11 · verse 17
Luke 11:17 in Hindi
परन्तु उस ने, उन के मन की बातें जानकर, उन से कहा; जिस जिस राज्य में फूट होती है, वह राज्य उजड़ जाता है: और जिस घर में फूट होती है, वह नाश हो जाता है।
Parantu us ne, un ke man kee baatem jaanakar, un se kahaa; jis jis raajy mem phoot hotee hai, vah raajy ujad jaataa hai: aur jis ghar mem phoot hotee hai, vah naash ho jaataa hai.
Luke 11:17 in English
- King James Version (KJV)
- But he, knowing their thoughts, said unto them, Every kingdom divided against itself is brought to desolation; and a house [divided] against a house falleth.
- World English Bible (WEB)
- But he, knowing their thoughts, said to them, “Every kingdom divided against itself is brought to desolation. A house divided against itself falls.
- American Standard Version (ASV)
- But he, knowing their thoughts, said unto them, Every kingdom divided against itself is brought to desolation; and a house [divided] against a house falleth.
- Bible in Basic English (BBE)
- But he, having knowledge of their thoughts, said to them, Every kingdom in which there is division is made waste; and a house in which there is division comes to destruction.
- Darby Translation (DBY)
- But he, knowing their thoughts, said to them, Every kingdom divided against itself is brought to desolation: and a house set against a house falls;
- Webster's Bible (WBS)
- But he, knowing their thoughts, said to them, Every kingdom divided against itself is brought to desolation; and a house [divided] against a house falleth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he, knowing their thoughts, said to them, 'Every kingdom having been divided against itself is desolated; and house against house doth fall;
Read in context
- 15परन्तु उन में से कितनों ने कहा, यह तो शैतान नाम दुष्टात्माओं के प्रधान की सहायता से दुष्टात्माओं को निकालता है।
- 16औरों ने उस की परीक्षा करने के लिये उस से आकाश का एक चिन्ह मांगा।
- 17परन्तु उस ने, उन के मन की बातें जानकर, उन से कहा; जिस जिस राज्य में फूट होती है, वह राज्य उजड़ जाता है: और जिस घर में फूट होती है, वह नाश हो जाता है।
- 18और यदि शैतान अपना ही विरोधी हो जाए, तो उसका राज्य क्योंकर बना रहेगा? क्योंकि तुम मेरे विषय में तो कहते हो, कि यह शैतान की सहायता से दुष्टात्मा निकालता है।
- 19भला यदि मैं शैतान की सहायता से दुष्टात्माओं को निकालता हूं, तो तुम्हारी सन्तान किस की सहायता से निकालते हैं? इसलिये वे ही तुम्हारा न्याय चुकाएंगे।
Cross references
- Mark 3:23–27 मरकुस 3:23–27और वह उन्हें पास बुलाकर, उन से दुष्टान्तों में कहने लगा; शैतान क्योंकर शैतान को निकाल सकता है? और यदि किसी राज्य में फूट पड़े, तो वह राज्य क्योंकर स्थिर रह सकता है? और यदि किसी घर में फूट पड़े, तो वह घर क्योंकर स्थिर रह सकेगा? और यदि शैतान अपना ही विरोधी होकर अपने में फूट डाले, तो वह क्योंकर बना रह सकता है? उसका तो अन्त ही हो जाता है। किन्तु कोई मनुष्य किसी बलवन्त के घर में घुसकर उसका माल लूट नहीं सकता, जब तक कि वह पहिले उस बलवन्त को न बान्ध ले; और तब उसके घर को लूट लेगा।
- Matthew 12:25–29 मत्ती 12:25–29उस ने उन के मन की बात जानकर उन से कहा; जिस किसी राज्य में फूट होती है, वह उजड़ जाता है, और कोई नगर या घराना जिस में फूट होती है, बना न रहेगा। और यदि शैतान ही शैतान को निकाले, तो वह अपना ही विरोधी हो गया है; फिर उसका राज्य क्योंकर बना रहेगा? भला, यदि मैं शैतान की सहायता से दुष्टात्माओं को निकालता हूं, तो तुम्हारे वंश किस की सहायता से निकालते हैं? इसलिये वे ही तुम्हारा न्याय चुकाएंगे। पर यदि मैं परमेश्वर के आत्मा की सहायता से दुष्टात्माओं को निकालता हूं, तो परमेश्वर का राज्य तुम्हारे पास आ पहुंचा है। या क्योंकर कोई मनुष्य किसी बलवन्त के घर में घुसकर उसका माल लूट सकता है जब तक कि पहिले उस बलवन्त को न बान्ध ले? और तब वह उसका घर लूट लेगा।
- Isaiah 19:2–3 यशायाह 19:2–3और मि की मूरतें उसके आने से थरथरा उठेंगी, और मिस्त्रियों का हृदय पानी- पानी हो जाएगा। और मैं मिस्त्रियों को एक दूसरे के विरूद्ध उभारूंगा, और वे आपस में लड़ेंगे, प्रत्येक अपने भाई से और हर एक अपने पड़ोसी से लड़ेगा, नगर नगर में और राज्य राज्य में युद्ध छिड़ेंगा; और मिस्त्रियों की बुद्धि मारी जाएगी और मैं उनकी युक्तियों को व्यर्थ कर दूंगा; और वे अपनी मूरतों के पास और ओझेां और फुसफुसानेवाले टोन्हों के पास जा जाकर उन से पूछेंगे;
- John 2:25 यूहन्ना 2:25और उसे प्रयोजन न था, कि मनुष्य के विषय में कोई गवाही दे, क्योंकि वह आप जानता था, कि मनुष्य के मन में क्या है?
- Isaiah 9:20–21 यशायाह 9:20–21वे दहिनी ओर से भोजनवस्तु छीनकर भी भूखे रहते, और बायें ओर से खाकर भी तृप्त नहीं होते; उन में से प्रत्येक मनुष्य अपनी अपनी बांहों का मांस खाता है, मनश्शे एप्रैम को और एप्रैम मनश्शे को खाता है, और वे दोनों मिलकर यहूदा के विरूद्ध हैं इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ, और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।।
- 2 Chronicles 13:16–17 2 इतिहास 13:16–17और इस्राएली यहूदा के साम्हने से भागे, और परमेश्वर ने उन्हें उनके हाथ में कर दिया। और अबिरयाह और उसकी प्रजा ने उन्हें बड़ी मार से मारा, यहां तक कि इस्राएल में से पांच लाख छंटे हुए पुरूष मारे गए।
- Revelation 2:23 प्रकाशितवाक्य 2:23और मैं उसके बच्चों को मार डालंूगा; और तब सब कलीसियाएं जान लेंगी कि हृदय और मन का परखनेवाला मैं ही हूं: और मैं तुम में से हर एक को उसके कामों के अनुसार बदला दूंगा।
- Matthew 9:4 मत्ती 9:4यीशु ने उन के मन की बातें मालूम करके कहा, कि तुम लोग अपने अपने मन में बुरा विचार क्यों कर रहे हो?
- 2 Chronicles 10:16–19 2 इतिहास 10:16–19जब सब इस्राएलियों ने देखा कि राजा हमारी नहीं सुनता, तब वे बोले कि दाऊद के साथ हमारा क्या अंश? हमारा तो यिशै के पुत्रा में कोई भाग नहीं है। हे इस्राएलियो, अपने अपने डेरे को चले जाओ। अब हे दाऊद, अपने ही घराने की चिन्ता कर। तब सब इस्राएली अपने डेरे को चले गए। केवल जितने इस्राएली यहूदा के नगरों में बसे हुए थे, उन्हीं पर रहूबियाम राज्य करता रहा। तब राजा रहूबियाम ने हदोराम को जो सब बेगारों पर अधिकारी था भेज दिया, और इस्राएलियों ने उसको पत्थ्रवाह किया और वह मर गया। तब रहूबियाम फुत से अपने रथ पर चढ़कर, यरूशलेम को भाग गया। यों इस्राएल दाऊद के घराने से फिर गया और आज तक फिरा हुआ है।