Matthew · chapter 9 · verse 4
Matthew 9:4 in Hindi
यीशु ने उन के मन की बातें मालूम करके कहा, कि तुम लोग अपने अपने मन में बुरा विचार क्यों कर रहे हो?
Yeeshu ne un ke man kee baatem maaloom karake kahaa, ki tum log apane apane man mem buraa vichaar kyom kar rahe ho?
Matthew 9:4 in English
- King James Version (KJV)
- And Jesus knowing their thoughts said, Wherefore think ye evil in your hearts?
- World English Bible (WEB)
- Jesus, knowing their thoughts, said, “Why do you think evil in your hearts?
- American Standard Version (ASV)
- And Jesus knowing their thoughts said, Wherefore think ye evil in your hearts?
- Bible in Basic English (BBE)
- And Jesus, having knowledge of what was in their minds, said, Why are your thoughts evil?
- Darby Translation (DBY)
- And Jesus, seeing their thoughts, said, Why do ye think evil things in your hearts?
- Webster's Bible (WBS)
- And Jesus, knowing their thoughts, said, Why think ye evil in your hearts?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jesus, having known their thoughts, said, 'Why think ye evil in your hearts?
Read in context
- 2और देखो, कई लोग एक झोले के मारे हुए को खाट पर रखकर उसके पास लाए; यीशु ने उन का विश्वास देखकर, उस झोले के मारे हुए से कहा; हे पुत्रा, ढाढ़स बान्ध; तेरे पाप क्षमा हुए।
- 3और देखो, कई शास्त्रियों ने सोचा, कि यह तो परमेश्वर की निन्दा करता है।
- 4यीशु ने उन के मन की बातें मालूम करके कहा, कि तुम लोग अपने अपने मन में बुरा विचार क्यों कर रहे हो?
- 5सहज क्या है, यह कहना, कि तेरे पाप क्षमा हुए; या यह कहना कि उठ और चल फिर।
- 6परन्तु इसलिये कि तुम जान लो कि मनुष्य के पुत्रा को पृथ्वी पर पाप क्षमा करने का अधिकार है (उस ने झोले के मारे हुए से कहा ) उठ: अपनी खाट उठा, और अपने घर चला जा।
Cross references
- Luke 6:8 लूका 6:8परन्तु वह उन के विचार जानता था; इसलिये उसने सूखे हाथवाले मनुष्य से कहा; उठ, बीच में खड़ा हो: वह उठ खड़ा हुआ।
- Matthew 12:25 मत्ती 12:25उस ने उन के मन की बात जानकर उन से कहा; जिस किसी राज्य में फूट होती है, वह उजड़ जाता है, और कोई नगर या घराना जिस में फूट होती है, बना न रहेगा।
- Revelation 2:23 प्रकाशितवाक्य 2:23और मैं उसके बच्चों को मार डालंूगा; और तब सब कलीसियाएं जान लेंगी कि हृदय और मन का परखनेवाला मैं ही हूं: और मैं तुम में से हर एक को उसके कामों के अनुसार बदला दूंगा।
- John 16:30 यूहन्ना 16:30अब हम जान गए, कि तू सब कुछ जानता है, और तुझे प्रयोजन नहीं, कि कोई तुझ से पूछे, इस से हम प्रतीति करते हैं, कि तू परमेश्वर से निकला है।
- Luke 9:46–47 लूका 9:46–47फिर उन में यह विवाद होने लगा, कि हम में से बड़ा कौन है? पर यीशु ने उन के मन का विचार जान लिया: और एक बालक को लेकर अपने पास खड़ा किया।
- Psalm 44:21 भजन संहिता 44:21तो क्या परमेश्वर इसका विचार न करता? क्योंकि वह तो मन की गुप्त बातों को जानता है।
- Luke 11:17 लूका 11:17परन्तु उस ने, उन के मन की बातें जानकर, उन से कहा; जिस जिस राज्य में फूट होती है, वह राज्य उजड़ जाता है: और जिस घर में फूट होती है, वह नाश हो जाता है।
- Psalm 139:2 भजन संहिता 139:2तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है।
- Hebrews 4:12–13 इब्रानियों 4:12–13क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग करके, वार पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है। और सृष्टि की कोई वस्तु उस से छिपी नहीं है बरन जिस से हमें काम है, उस की आंखों के साम्हने सब वस्तुएं खुली और बेपरद हैं।।
- John 2:24–25 यूहन्ना 2:24–25परन्तु यीशु ने अपने आप को उन के भरोसे पर नहीं छोड़ा, क्योंकि वह सब को जानता था। और उसे प्रयोजन न था, कि मनुष्य के विषय में कोई गवाही दे, क्योंकि वह आप जानता था, कि मनुष्य के मन में क्या है?
- John 6:64 यूहन्ना 6:64परन्तु तुम में से कितने ऐसे हैं जो विश्वास नहीं करते: क्योंकि यीशु तो पहिले ही से जानता था कि जो विश्वास नहीं करते, वे कौन हैं? और कौन मुझे पकड़वाएगा।
- Acts 5:9 प्रेरितों के काम 5:9पतरस ने उस से कहा; यह क्या बात है, कि तुम दोनों ने प्रभु की आत्मा की परीक्षा के लिये एका किया है? देख, तेरे पति के गाड़नेवाले द्वार ही पर खड़े हैं, और तुझे भी बाहर ले जाएंगे।