Matthew · chapter 12 · verse 25
Matthew 12:25 in Hindi
उस ने उन के मन की बात जानकर उन से कहा; जिस किसी राज्य में फूट होती है, वह उजड़ जाता है, और कोई नगर या घराना जिस में फूट होती है, बना न रहेगा।
Us ne un ke man kee baat jaanakar un se kahaa; jis kisee raajy mem phoot hotee hai, vah ujad jaataa hai, aur koee nagar yaa gharaanaa jis mem phoot hotee hai, banaa na rahegaa.
Matthew 12:25 in English
- King James Version (KJV)
- And Jesus knew their thoughts, and said unto them, Every kingdom divided against itself is brought to desolation; and every city or house divided against itself shall not stand:
- World English Bible (WEB)
- Knowing their thoughts, Jesus said to them, “Every kingdom divided against itself is brought to desolation, and every city or house divided against itself will not stand.
- American Standard Version (ASV)
- And knowing their thoughts he said unto them, Every kingdom divided against itself is brought to desolation; and every city or house divided against itself shall not stand:
- Bible in Basic English (BBE)
- And having knowledge of their thoughts he said to them, Every kingdom having division in itself is made waste, and every town or house having division in itself will come to destruction.
- Darby Translation (DBY)
- But he, knowing their thoughts, said to them, Every kingdom divided against itself is brought to desolation, and every city or house divided against itself will not subsist.
- Webster's Bible (WBS)
- And Jesus knew their thoughts, and said to them, Every kingdom divided against itself, is brought to desolation; and every city or house divided against itself, shall not stand.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jesus, knowing their thoughts, said to them, 'Every kingdom having been divided against itself is desolated, and no city or house having been divided against itself, doth stand,
Read in context
- 23इस पर सब लोग चकित होकर कहने लगे, यह क्या दाऊद की सन्तान का है?
- 24परन्तु फरीसियों ने यह सुनकर कहा, यह तो दुष्टात्माओं के सरदार शैतान की सहायता के बिना दुष्टात्माओं को नहीं निकालता।
- 25उस ने उन के मन की बात जानकर उन से कहा; जिस किसी राज्य में फूट होती है, वह उजड़ जाता है, और कोई नगर या घराना जिस में फूट होती है, बना न रहेगा।
- 26और यदि शैतान ही शैतान को निकाले, तो वह अपना ही विरोधी हो गया है; फिर उसका राज्य क्योंकर बना रहेगा?
- 27भला, यदि मैं शैतान की सहायता से दुष्टात्माओं को निकालता हूं, तो तुम्हारे वंश किस की सहायता से निकालते हैं? इसलिये वे ही तुम्हारा न्याय चुकाएंगे।
Cross references
- Galatians 5:15 गलातियों 5:15पर यदि तुम एक दूसरे को दांत से काटते और फाड़ खाते हो, तो चौकस रहो, कि एक दूसरे का सत्यानाश न कर दो।।
- Jeremiah 17:10 यिर्मयाह 17:10मैं यहोवा मन की खोजता और हृदय को जांचता हूँ ताकि प्रत्येक जन को उसकी चाल- चलन के अनुसार अर्थात् उसके कामों का फल दूं।
- Matthew 9:4 मत्ती 9:4यीशु ने उन के मन की बातें मालूम करके कहा, कि तुम लोग अपने अपने मन में बुरा विचार क्यों कर रहे हो?
- Isaiah 9:21 यशायाह 9:21मनश्शे एप्रैम को और एप्रैम मनश्शे को खाता है, और वे दोनों मिलकर यहूदा के विरूद्ध हैं इतने पर भी उसका क्रोध शान्त नहीं हुआ, और उसका हाथ अब तक बढ़ा हुआ है।।
- 1 Corinthians 2:11 1 कुरिन्थियों 2:11मनुष्यों में से कौन किसी मनुष्य की बातें जानता, केवल मनुष्य की बातें भी कोई नहीं जानता, केवल परमेवर का आत्मा।
- Luke 11:17–22 लूका 11:17–22परन्तु उस ने, उन के मन की बातें जानकर, उन से कहा; जिस जिस राज्य में फूट होती है, वह राज्य उजड़ जाता है: और जिस घर में फूट होती है, वह नाश हो जाता है। और यदि शैतान अपना ही विरोधी हो जाए, तो उसका राज्य क्योंकर बना रहेगा? क्योंकि तुम मेरे विषय में तो कहते हो, कि यह शैतान की सहायता से दुष्टात्मा निकालता है। भला यदि मैं शैतान की सहायता से दुष्टात्माओं को निकालता हूं, तो तुम्हारी सन्तान किस की सहायता से निकालते हैं? इसलिये वे ही तुम्हारा न्याय चुकाएंगे। परन्तु यदि मैं परमेश्वर की सामर्थ से दुष्टात्माओं को निकालता हूं, तो परमेश्वर का राज्य तुम्हारे पास आ पहुंचा। जब बलवन्त मनुष्य हथियार बान्धे हुए अपने घर की रखवाली करता है, तो उस की संपत्ति बची रहती है। पर जब उस से बढ़कर कोई और बलवन्त चढ़ाई करके उसे जीत लेता है, तो उसके वे हथियार जिन पर उसका भरोसा था, छीन लेता है और उस की संपत्ति लूटकर बांट देता है।
- Mark 3:23–27 मरकुस 3:23–27और वह उन्हें पास बुलाकर, उन से दुष्टान्तों में कहने लगा; शैतान क्योंकर शैतान को निकाल सकता है? और यदि किसी राज्य में फूट पड़े, तो वह राज्य क्योंकर स्थिर रह सकता है? और यदि किसी घर में फूट पड़े, तो वह घर क्योंकर स्थिर रह सकेगा? और यदि शैतान अपना ही विरोधी होकर अपने में फूट डाले, तो वह क्योंकर बना रह सकता है? उसका तो अन्त ही हो जाता है। किन्तु कोई मनुष्य किसी बलवन्त के घर में घुसकर उसका माल लूट नहीं सकता, जब तक कि वह पहिले उस बलवन्त को न बान्ध ले; और तब उसके घर को लूट लेगा।
- Psalm 139:2 भजन संहिता 139:2तू मेरा उठना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है।
- Revelation 16:19 प्रकाशितवाक्य 16:19और उस बड़े नगर के तीन टुकडे हो गए, और जाति जाति के नगर गिर पड़े, और बड़ा बाबुल का स्मरण परमेश्वर के यहां हुआ, कि वह अपने क्रोध की जलजलाहट की मदिरा उसे पिलाए।
- Hebrews 4:13 इब्रानियों 4:13और सृष्टि की कोई वस्तु उस से छिपी नहीं है बरन जिस से हमें काम है, उस की आंखों के साम्हने सब वस्तुएं खुली और बेपरद हैं।।
- Mark 2:8 मरकुस 2:8यीशु ने तुरन्त अपनी आत्मा में जान लिया, कि वे अपने अपने मन में ऐसा विचार कर रहे हैं, और उन से कहा, तुम अपने अपने मन में यह विचार क्यों कर रहे हो?
- Isaiah 19:2–3 यशायाह 19:2–3और मि की मूरतें उसके आने से थरथरा उठेंगी, और मिस्त्रियों का हृदय पानी- पानी हो जाएगा। और मैं मिस्त्रियों को एक दूसरे के विरूद्ध उभारूंगा, और वे आपस में लड़ेंगे, प्रत्येक अपने भाई से और हर एक अपने पड़ोसी से लड़ेगा, नगर नगर में और राज्य राज्य में युद्ध छिड़ेंगा; और मिस्त्रियों की बुद्धि मारी जाएगी और मैं उनकी युक्तियों को व्यर्थ कर दूंगा; और वे अपनी मूरतों के पास और ओझेां और फुसफुसानेवाले टोन्हों के पास जा जाकर उन से पूछेंगे;