Luke · chapter 17 · verse 1
Luke 17:1 in Hindi
फिर उस ने अपने चेलों से कहा; हो नहीं सकता कि ठोकरें न लगें, परन्तु हाय, उस मनुष्य पर जिस के कारण वे आती है!
Phir us ne apane chelom se kahaa; ho naheem sakataa ki thokarem na lagem, parantu haay, us manushy par jis ke kaaran ve aatee hai!
Luke 17:1 in English
- King James Version (KJV)
- Then said he unto the disciples, It is impossible but that offences will come: but woe [unto him], through whom they come!
- World English Bible (WEB)
- He said to the disciples, “It is impossible that no occasions of stumbling should come, but woe to him through whom they come!
- American Standard Version (ASV)
- And he said unto his disciples, It is impossible but that occasions of stumbling should come; but woe unto him, through whom they come!
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said to his disciples, It is necessary for causes of trouble to come about, but unhappy is he by whom they come.
- Darby Translation (DBY)
- And he said to his disciples, It cannot be but that offences come, but woe [to him] by whom they come!
- Webster's Bible (WBS)
- Then he said to the disciples, It is impossible but that causes of sin will come: but woe [to him] by whom they come!
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he said unto the disciples, 'It is impossible for the stumbling blocks not to come, but woe [to him] through whom they come;
Read in context
- 1फिर उस ने अपने चेलों से कहा; हो नहीं सकता कि ठोकरें न लगें, परन्तु हाय, उस मनुष्य पर जिस के कारण वे आती है!
- 2जो इन छोटों में से किसी एक को ठोकर खिलाता है, उसके लिये यह भला होता, कि चक्की का पाट उसके गले में लटकाया जाता, और वह समुद्र में डाल दिया जाता।
- 3सचेत रहो; यदि तेरा भाई अपराध करे तो उसे समझा, और यदि पछताए तो उसे क्षमा कर।
Cross references
- Matthew 18:7 मत्ती 18:7ठोकरों के कारण संसार पर हाय! ठोकरों का लगना अवश्य है; पर हाय उस मनुष्य पर जिस के द्वारा ठोकर लगती है।
- Romans 14:13 रोमियों 14:13सो आगे को हम एक दूसरे पर दोष न लगाएं पर तुम यही ठान लो कि कोई अपने भाई के साम्हने ठेस या ठोकर खाने का कारण न रखे।
- 1 Corinthians 11:19 1 कुरिन्थियों 11:19क्यांकि विधर्म भी तुम में अवश्य होंगे, इसलिये कि जो लागे तुम में खरे निकले हैं, वे प्रगट हो जांए।
- 1 Corinthians 8:13 1 कुरिन्थियों 8:13इस कारण यदि भोजन मेरे भाई को ठोकर खिलाए, तो मैं कभी किसी रीति से मांस न खाऊंगा, न हो कि मैं अपने भाई के ठोकर का कारण बनूं।
- Romans 16:17 रोमियों 16:17अब हे भाइयो, मैं तुम से बिनती करता हूं, कि जो लोग उस शिक्षा के विपरीत जो तुम ने पाई है, फूट पड़ने, और ठोकर खाने के कारण होते हैं, उन्हें ताड़ लिया करो; और उन से दूर रहो।
- Matthew 16:23 मत्ती 16:23उस ने फिरकर पतरस से कहा, हे शैतान, मेरे साम्हने से दूर हो: तू मेरे लिये ठोकर का कारण है; क्योंकि तू परमेश्वर की बातें नहीं, पर मनुष्यों की बातों पर मन लगाता है।
- Romans 14:20–21 रोमियों 14:20–21भोजन के लिये परमेश्वर का काम न बिगाड़: सब कुछ शुद्ध तो है, परन्तु उस मनुष्य के लिये बुरा है, जिस को उसके भोजन करने से ठोकर लगती है। भला तो यह है, कि तू न मांस खाए, और न दाख रस पीए, न और कुछ ऐसा करे, जिस से तेरा भाई ठोकर खाए।
- 1 Corinthians 10:32 1 कुरिन्थियों 10:32तुम न यहूदियों, न यूनानियों, और न परमेश्वर की कलीसिया के लिये ठोकर का कारण बनो।
- Revelation 13:14–18 प्रकाशितवाक्य 13:14–18और उन चिन्हों के कारण जिन्हें उस पशु के साम्हने दिखाने का अधिकार उसे दिया गया था; वह पृथ्वी के रहनेवालों को इस प्रकार भरमाता था, कि पृथ्वी के रहनेवालों से कहता था, कि जिस पशु के तलवार लगी थी, वह जी गया है, उस की मूरत बनाओ। और उसे उस पशु की मूरत में प्राण डालने का अधिकार दिया गया, कि पशु की मूरत बोलने लगे; और जितने लोग उस पशु की मूरत की पूजा न करें, उन्हें मरवा डाले। और उस ने छोटे, बड़े, धनी, कंगाल, स्वत्रांत, दास सब के दहिने हाथ या उन के माथे पर एक एक छाप करा दी। कि उस को छोड़ जिस पर छाप अर्थात् उस पशु का नाम, या उसके नाम का अंक हो, और कोई लेन देन न कर सके। ज्ञान इसी में है, जिसे बुद्धि हो, वह इस पशु का अंक जोड़ ले, क्योंकि मनुष्य का अंक है, और उसका अंक छ: सौ छियासठ है।।
- 2 Thessalonians 2:10–12 2 थिस्सलुनीकियों 2:10–12और नाश होनेवालों के लिये अधर्म के सब प्रकार के धोखे के साथ होगा; क्योंकि उन्होंने सत्य के प्रेम को ग्रहण नहीं किया जिस से उन का उद्धार होता। और इसी कारण परमेश्वर उन में एक भटका देनेवाली सामर्थ को भेजेगा ताकि वे झूठ की प्रतीति करें। और जितने लोग सत्य की प्रतीति नहीं करते, वरन अधर्म से प्रसन्न होते हैं, सब दण्ड पाएं।।
- Revelation 2:20 प्रकाशितवाक्य 2:20पर मुझे तेरे विरूद्ध यह कहना है, कि तू उस स्त्री इजेबेल को रहने देता है जो अपने आप को भविष्यद्वक्तिन कहती है, और मेरे दासों को व्यभिचार करने, और मूरतों के आगे के बलिदान खाने को सिखलाकर भरमाती है।
- Revelation 2:14 प्रकाशितवाक्य 2:14पर मुझे तेरे विरूद्ध कुछ बातें कहनी हैं, क्योंकि तेरे यहां कितने तो ऐसे हैं, जो बिलाम की शिक्षा को मानते हैं, जिस ने बालाक को इस्त्राएलियों के आगे ठोकर का कारण रखना सिखाया, कि वे मूरतों के बलिदान खाएं, और व्यभिचार करें।