Luke · chapter 17 · verse 5
Luke 17:5 in Hindi
तब प्रेरितों ने प्रभु से कहा, हमारा विश्वास बढ़ा।
Tab preritom ne prabhu se kahaa, hamaaraa vishvaas badhaa.
Luke 17:5 in English
- King James Version (KJV)
- And the apostles said unto the Lord, Increase our faith.
- World English Bible (WEB)
- The apostles said to the Lord, “Increase our faith.”
- American Standard Version (ASV)
- And the apostles said unto the Lord, Increase our faith.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the twelve said to the Lord, Make our faith greater.
- Darby Translation (DBY)
- And the apostles said to the Lord, Give more faith to us.
- Webster's Bible (WBS)
- And the apostles said to the Lord, Increase our faith.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the apostles said to the Lord, 'Add to us faith;'
Read in context
- 3सचेत रहो; यदि तेरा भाई अपराध करे तो उसे समझा, और यदि पछताए तो उसे क्षमा कर।
- 4यदि दिन भर में वह सात बार तेरा अपराध करे और सातों बार तेरे पास फिर आकर कहे, कि मैं पछताता हूं, तो उसे क्षमा कर।।
- 5तब प्रेरितों ने प्रभु से कहा, हमारा विश्वास बढ़ा।
- 6प्रभु ने कहा; कि यदि तुम को राई के दाने के बराबर भी विश्वास होता, तो तुम इस तूत के पेड़ से कहते कि जड़ से उखड़कर समुद्र में लग जा, तो वह तुम्हारी मान लेता।
- 7पर तुम में से ऐसा कौन है, जिस का दास हल जोतता, या भेंड़ें चराता हो, और जब वह खेत से आए, तो उस से कहे तुरन्त आकर भोजन करने बैठ?
Cross references
- Mark 9:24 मरकुस 9:24बालक के पिता ने तुरन्त गिड़गिड़ाकर कहा; हे प्रभु, मैं विश्वास करता हूं, मेरे अविश्वास का उपाय कर।
- Hebrews 12:2 इब्रानियों 12:2और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करनेवाले यीशु की ओर से ताकते रहें; जिस ने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्जा की कुछ चिन्ता न करके, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दहिने जा बैठा।
- Philippians 4:13 फिलिप्पियों 4:13जो मुझे सामर्थ देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं।
- 2 Corinthians 12:8–10 2 कुरिन्थियों 12:8–10इस के विषय में मैं ने प्रभु से तीन बार बिनती की, कि मुझ से यह दूर हो जाए। और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है; इसलिये मैं बड़े आनन्द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे। इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्दाओं में, और दरिद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्त होता हूं।।
- 2 Thessalonians 1:3 2 थिस्सलुनीकियों 1:3हे भाइयो, तुम्हारे विषय में हमें हर समय परमेश्वर का धन्यवाद करना चाहिए, और यह उचित भी है इसलिये कि तुम्हारा विश्वास बहुत बढ़ता जाता है, और तुम सब को प्रेम आपस में बहुत ही होता जाता है।
- Mark 6:30 मरकुस 6:30प्रेरितों ने यीशु के पास इकट्ठे होकर, जो कुछ उन्हों ने किया, और सिखाया था, सब उस को बता दिया।
- Luke 7:13 लूका 7:13उसे देख कर प्रभु को तरस आया, और उस ने कहा; मत रो।
- 1 Peter 1:22–23 1 पतरस 1:22–23सो जब कि तुम ने भाईचारे की निष्कपट प्रीति के निमित्त सत्य के मानने से अपने मनों को पवित्र किया है, तो तन मन लगा कर एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो। क्योंकि तुम ने नाशमान नहीं पर अविनाशी बीज से परमेश्वर के जीवते और सदा ठहरने वाले वचन के द्वारा नया जन्म पाया है।