Luke · chapter 17 · verse 4
Luke 17:4 in Hindi
यदि दिन भर में वह सात बार तेरा अपराध करे और सातों बार तेरे पास फिर आकर कहे, कि मैं पछताता हूं, तो उसे क्षमा कर।।
Yadi din bhar mem vah saat baar teraa aparaadh kare aur saatom baar tere paas phir aakar kahe, ki maim pachhataataa hoom, to use kshamaa kar..
Luke 17:4 in English
- King James Version (KJV)
- And if he trespass against thee seven times in a day, and seven times in a day turn again to thee, saying, I repent; thou shalt forgive him.
- World English Bible (WEB)
- If he sins against you seven times in the day, and seven times returns, saying, ‘I repent,’ you shall forgive him.”
- American Standard Version (ASV)
- And if he sin against thee seven times in the day, and seven times turn again to thee, saying, I repent; thou shalt forgive him.
- Bible in Basic English (BBE)
- And if he does you wrong seven times in a day, and seven times comes to you and says, I have regret for what I have done; let him have forgiveness.
- Darby Translation (DBY)
- And if he should sin against thee seven times in the day, and seven times should return to thee, saying, I repent, thou shalt forgive him.
- Webster's Bible (WBS)
- And if he shall trespass against thee seven times in a day, and seven times in a day shall turn again to thee, saying, I repent; thou shalt forgive him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and if seven times in the day he may sin against thee, and seven times in the day may turn back to thee, saying, I reform; thou shalt forgive him.'
Read in context
- 2जो इन छोटों में से किसी एक को ठोकर खिलाता है, उसके लिये यह भला होता, कि चक्की का पाट उसके गले में लटकाया जाता, और वह समुद्र में डाल दिया जाता।
- 3सचेत रहो; यदि तेरा भाई अपराध करे तो उसे समझा, और यदि पछताए तो उसे क्षमा कर।
- 4यदि दिन भर में वह सात बार तेरा अपराध करे और सातों बार तेरे पास फिर आकर कहे, कि मैं पछताता हूं, तो उसे क्षमा कर।।
- 5तब प्रेरितों ने प्रभु से कहा, हमारा विश्वास बढ़ा।
- 6प्रभु ने कहा; कि यदि तुम को राई के दाने के बराबर भी विश्वास होता, तो तुम इस तूत के पेड़ से कहते कि जड़ से उखड़कर समुद्र में लग जा, तो वह तुम्हारी मान लेता।
Cross references
- Colossians 3:12–13 कुलुस्सियों 3:12–13इसलिये परमेश्वर के चुने हुओं की नाईं जो पवित्रा और प्रिय हैं, बड़ी करूणा, और भलाई, और दीनता, और नम्रता, और सहनशीलता धारण करो। और यदि किसी को किसी पर दोष देने को कोई कारण हो, तो एक दूसरे की सह लो, और एक दूसरे के अपराध क्षमा करो: जैसे प्रभु ने तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी करो।
- Matthew 18:21–22 मत्ती 18:21–22तब पतरस ने पास आकर, उस से कहा, हे प्रभु, यदि मेरा भाई अपराध करता रहे, तो मैं कितनी बार उसे क्षमा करूं, क्या सात बार तक? यीशु ने उस से कहा, मैं तुझ से यह नहीं कहता, कि सात बार, बरन सात बार के सत्तर गुने तक।
- Romans 12:20 रोमियों 12:20परन्तु यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला; यदि प्यासा हो, तो उसे पानी पिला; क्योंकि ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा।
- Matthew 6:14–15 मत्ती 6:14–15इसलिये यदि तुम मनुष्य के अपराध क्षमा करोगे, तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता भी तुम्हें क्षमा करेगा। और यदि तुम मनुष्यों के अपराध क्षमा न करोगे, तो तुम्हारा पिता भी तुम्हारे अपराध क्षमा न करेगा।।
- Matthew 6:12 मत्ती 6:12और जिस प्रकार हम ने अपने अपराधियों को क्षमा किया है, वैसे ही तू भी हमारे अपराधों को क्षमा कर।
- Matthew 18:35 मत्ती 18:35इसी प्रकार यदि तुम में से हर एक अपने भाई को मन से क्षमा न करेगा, तो मेरा पिता जो स्वर्ग में है, तुम से भी वैसा ही करेगा।।
- Matthew 18:16 मत्ती 18:16और यदि वह न सुने, तो और एक दो जन को अपने साथ ले जा, कि हर एक बात दो या तीन गवाहों के मुंह से ठहराई जाए।
- 1 Corinthians 13:4–7 1 कुरिन्थियों 13:4–7प्रेम धीरजवन्त है, और कृपाल है; प्रेम डाल नहीं करता; प्रेम अपनी बड़ाई नहीं करता, और फूलता नहीं। वह अनरीति नहीं चलता, वह अपनी भलाई नहीं चाहता, झुंझलाता नहीं, बुरा नहीं मानता। कुकर्म से आनन्दित नहीं होता, परन्तु सन्य से आनन्दित होता है। वह सब बातें सह लेता है, सब बातों की प्रतीति करता है, सब बातों की आशा रखता है, सब बातों में धीरज धरता है।
- Matthew 5:44 मत्ती 5:44परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि अपने बैरियों से प्रेम रखो और अपने सतानेवालों के लिये प्रार्थना करो।
- Ephesians 4:31–32 इफिसियों 4:31–32सब प्रकार की कड़वाहट और प्रकोप और क्रोध, और कलह, और निन्दा सब बैरभाव समेत तुम से दूर की जाए। और एक दूसरे पर कृपाल, और करूणामय हो, और जैसे परमेश्वर ने मसीह में तुम्हारे अपराध क्षमा किए, वैसे ही तुम भी एक दूसरे के अपराध क्षमा करो।।
- 2 Thessalonians 3:13–14 2 थिस्सलुनीकियों 3:13–14और तुम, हे भाइयो, भलाई करने में हियाव न छोड़ो। यदि कोई हमारी इस पत्री की बात को न माने, तो उस पर दृष्टि रखो; और उस की संगति न करो, जिस से वह लज्जित हो;