Luke · chapter 2 · verse 29
Luke 2:29 in Hindi
हे स्वामी, अब तू अपने दास को अपने वचन के अनुसार शान्ति से विदा करता है।
He svaamee, ab too apane daas ko apane vachan ke anusaar shaanti se vidaa karataa hai.
Luke 2:29 in English
- King James Version (KJV)
- Lord, now lettest thou thy servant depart in peace, according to thy word:
- World English Bible (WEB)
- “Now you are releasing your servant, Master, according to your word, in peace;
- American Standard Version (ASV)
- Now lettest thou thy servant depart, Lord, According to thy word, in peace;
- Bible in Basic English (BBE)
- Now you are letting your servant go in peace, O Lord, as you have said;
- Darby Translation (DBY)
- Lord, now thou lettest thy bondman go, according to thy word, in peace;
- Webster's Bible (WBS)
- Lord, now lettest thou thy servant depart in peace, according to thy word:
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Now Thou dost send away Thy servant, Lord, according to Thy word, in peace,
Read in context
- 27और वह आत्मा के सिखाने से मन्दिर में आया; और जब माता- पिता उस बालक यीशु को भीतर लाए, कि उसके लिये व्यवस्था की रीति के अनुसार करें।
- 28तो उस ने उसे अपनी गोद में लिया और परमेश्वर का धन्यवाद करके कहा,
- 29हे स्वामी, अब तू अपने दास को अपने वचन के अनुसार शान्ति से विदा करता है।
- 30क्योंकि मेरी आंखो ने तेरे उद्धार को देख लिया है।
- 31जिसे तू ने सब देशों के लोगों के साम्हने तैयार किया है।
Cross references
- Revelation 14:13 प्रकाशितवाक्य 14:13और मैं ने स्वर्ग से यह शब्द सुना, कि लिख; जो मुरदे प्रभु में मरते हैं, वे अब से धन्य हैं, आत्मा कहता है, हां क्योंकि वे अपने परिश्रमों से विश्राम पाएंगे, और उन के कारर्य उन के साथ हो लेते हैं।।
- Genesis 15:15 उत्पत्ति 15:15तू तो अपने पितरों में कुशल के साथ मिल जाएगा; तुझे पूरे बुढ़ापे में मिट्टी दी जाएगी।
- Genesis 46:30 उत्पत्ति 46:30तब इस्राएल ने यूसुफ से कहा, मै अब मरने से भी प्रसन्न हूं, क्योंकि तुझे जीवित पाया और तेरा मुंह देख लिया।
- Philippians 1:23 फिलिप्पियों 1:23क्योंकि मैं दोनों के बीच अधर में लटका हूं; जी तो चाहता है कि कूच करके मसीह के पास जा रहूं, क्योंकि यह बहुत ही अच्छा है।
- Luke 2:26 लूका 2:26और पवित्रा आत्मा से उस को चितावनी हुई थी, कि जब तक तू प्रभु के मसीह को देख ने लेगा, तक तक मृत्यु को न देखेगा।
- Isaiah 57:1–2 यशायाह 57:1–2धर्मी जन नाश होता है, और कोई इस बात की चिन्ता नहीं करता; भक्त मनुष्य उठा लिए जाते हैं, परन्तु कोई नहीं सोचता। धर्मी जन इसलिये उठा लिया गया कि आनेवाली आपत्ति से बच जाए, वह शान्ति को पहुंचता है; जो सीधी चाल चलता है वह अपनी खाट पर विश्राम करता है।।
- Psalm 37:37 भजन संहिता 37:37खरे मनुष्य पर दृष्टि कर और धर्मी को देख, क्योंकि मेल से रहनेवाले पुरूष का अन्तफल अच्छा है।