Luke · chapter 2 · verse 49
Luke 2:49 in Hindi
उस ने उन से कहा; तुम मुझे क्यों ढूंढ़ते थे? क्या नहीं जानते थे, कि मुझे अपने पिता के भवन में होना अवश्य है?
Us ne un se kahaa; tum mujhe kyom dhoondhate the? Kyaa naheem jaanate the, ki mujhe apane pitaa ke bhavan mem honaa avashy hai?
Luke 2:49 in English
- King James Version (KJV)
- And he said unto them, How is it that ye sought me? wist ye not that I must be about my Father’s business?
- World English Bible (WEB)
- He said to them, “Why were you looking for me? Didn’t you know that I must be in my Father’s house?”
- American Standard Version (ASV)
- And he said unto them, How is it that ye sought me? knew ye not that I must be in my Father’s house?
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said to them, Why were you looking for me? was it not clear to you that my right place was in my Father's house?
- Darby Translation (DBY)
- And he said to them, Why [is it] that ye have sought me? did ye not know that I ought to be [occupied] in my Father's business?
- Webster's Bible (WBS)
- And he said to them, How is it that ye sought me? knew ye not that I must be about my Father's business?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he said unto them, 'Why [is it] that ye were seeking me? did ye not know that in the things of my Father it behoveth me to be?'
Read in context
- 47और जितने उस की सुन रहे थे, वे सब उस की समझ और उसके उत्तरों से चकित थे।
- 48तब वे उसे देखकर चकित हुए और उस की माता ने उस से कहा; हे पुत्रा, तू ने हम से क्यों ऐसा व्यवहार किया? देख, तेरा पिता और मैं कुढ़ते हुए तुझे ढूंढ़ते थे।
- 49उस ने उन से कहा; तुम मुझे क्यों ढूंढ़ते थे? क्या नहीं जानते थे, कि मुझे अपने पिता के भवन में होना अवश्य है?
- 50परन्तु जो बात उस ने उन से कही, उन्हों ने उसे नहीं समझा।
- 51तब वह उन के साथ गया, और नासरत में आया, और उन के वश में रहा; और उस की माता ने ये सब बातें अपने मन में रखीं।।
Cross references
- John 6:38 यूहन्ना 6:38क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, बरन अपने भेजनेवाले की इच्छा पूरी करने के लिये स्वर्ग से उतरा हूं।
- John 8:29 यूहन्ना 8:29और मेरा भेजनेवाला मेरे साथ है; उस ने मुझे अकेला नहीं छोड़ा; क्योंकि मैं सर्वदा वही काम करता हूं, जिस से वह प्रसन्न होता है।
- Psalm 40:8 भजन संहिता 40:8हे मेरे परमेश्वर मैं तेरी इच्छा पूरी करने से प्रसन्न हूं; और तेरी व्यवस्था मेरे अन्त:करण में बनी है।।
- Malachi 3:1 मलाकी 3:1देखो, मैं अपने दूत को भेजता हूं, और वह मार्ग को मेरे आगे सुधारेगा, और प्रभु, जिसे तुम ढूंढ़ते हो, वह अचानक अपने मन्दिर में आ जाएगा; हां वाचा का वह दूत, जिसे तुम चाहते हो, सुनो, वह आता है, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।
- John 4:34 यूहन्ना 4:34यीशु ने उन से कहा, मेरा भोजन यह है, कि अपने भेजनेवाले की इच्छा के अनुसार चलूं और उसका काम पूरा करूं।
- Luke 2:48 लूका 2:48तब वे उसे देखकर चकित हुए और उस की माता ने उस से कहा; हे पुत्रा, तू ने हम से क्यों ऐसा व्यवहार किया? देख, तेरा पिता और मैं कुढ़ते हुए तुझे ढूंढ़ते थे।
- John 5:17 यूहन्ना 5:17इस पर यीशु ने उन से कहा, कि मेरा पिता अब तक काम करता है, और मैं भी काम करता हूं।
- Matthew 21:12 मत्ती 21:12यीशु ने परमेश्वर के मन्दिर में जाकर, उन सब को, जो मन्दिर में लेन देन कर रहे थे, निकाल दिया; और सर्राफों के पीढ़े और कबूतरों के बेचनेवालों की चौकियां उलट दीं।
- John 9:4 यूहन्ना 9:4जिस ने मुझे भेजा है; हमें उसके काम दिन ही दिन में करना अवश्य है: वह रात आनेवाली है जिस में कोई काम नहीं कर सकता।
- John 2:16–17 यूहन्ना 2:16–17और कबूतर बेचनेवालों से कहा; इन्हें यहां से ले जाओ: मेरे पिता के भवन को व्योपार का घर मत बनाओ। तब उसके चेलों को स्मरण आया कि लिखा है, `तेरे घर की धुन मुझे खा जाएगी'।