Luke · chapter 6 · verse 25
Luke 6:25 in Hindi
परन्तु हाय तुम पर; जो अब तृप्त हो, क्योंकि भूखे होगे: हाय, तुम पर; जो अब हंसते हो, क्योंकि शोक करोगे और रोओगे।
Parantu haay tum par; jo ab trupt ho, kyonki bhookhe hoge: haay, tum par; jo ab hansate ho, kyonki shok karoge aur rooge.
Luke 6:25 in English
- King James Version (KJV)
- Woe unto you that are full! for ye shall hunger. Woe unto you that laugh now! for ye shall mourn and weep.
- World English Bible (WEB)
- Woe to you, you who are full now, for you will be hungry. Woe to you who laugh now, for you will mourn and weep.
- American Standard Version (ASV)
- Woe unto you, ye that are full now! for ye shall hunger. Woe [unto you], ye that laugh now! for ye shall mourn and weep.
- Bible in Basic English (BBE)
- Unhappy are you who are full of food now: for you will be in need. Unhappy are you who are laughing now: for you will be crying in sorrow.
- Darby Translation (DBY)
- Woe to you that are filled, for ye shall hunger. Woe to you who laugh now, for ye shall mourn and weep.
- Webster's Bible (WBS)
- Woe to you that are full! for ye shall hunger. Woe to you that laugh now! for ye shall mourn and weep.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Woe to you who have been filled — because ye shall hunger. 'Woe to you who are laughing now — because ye shall mourn and weep.
Read in context
- 23उस दिन आनन्दित होकर उछलना, क्योंकि देखो, तुम्हारे लिये स्वर्ग में बड़ा प्रतिफल है: उन के बाप- दादे भविष्यद्वक्ताओं के साथ भी वैसा ही किया करते थे।
- 24परन्तु हाय तुम पर; जो धनवान हो, क्योंकि तुम अपनी शान्ति पा चुके।
- 25परन्तु हाय तुम पर; जो अब तृप्त हो, क्योंकि भूखे होगे: हाय, तुम पर; जो अब हंसते हो, क्योंकि शोक करोगे और रोओगे।
- 26हाय, तुम पर; जब सब मनुष्य तुम्हें भला कहें, क्योंकि उन के बाप- दादे झूठे भविष्यद्वक्ताओं के साथ भी ऐसा ही किया करते थे।।
- 27परन्तु मैं तुम सुननेवालों से कहता हूं, कि अपने शत्रुओं से प्रेम रखो; जो तुम से बैर करें, उन का भला करो।
Cross references
- Isaiah 65:13 यशायाह 65:13इस कारण प्रभु यहोवा यों कहता है, देखो, मेरे दास तो खाएंगे, पर तुम भूखे रहोगे; मेरे दास पीएंगे, पर तुम प्यासे रहोगे; मेरे दास आनन्द करेंगे, पर तुम लज्जित होगे;
- James 4:9 याकूब 4:9दुखी होओ, और शोक करा, और रोओ: तुम्हारी हंसी शोक से और तुम्हारा आनन्द उदासी से बदल जाए।
- Proverbs 14:13 नीतिवचन 14:13हंसी के समय भी मन उदास होता है, और आनन्द के अन्त में शोक होता है।
- Luke 16:14–15 लूका 16:14–15फरीसी जो लोभी थे, ये सब बातें सुन कर उसे ठट्ठों में उड़ाने लगे। उस ने उन से कहा; तुम तो मनुष्यों के साम्हने अपने आप को धर्मी ठहराते हो: परन्तु परमेश्वर तुम्हारे मन को जानता है, क्योंकि जो वस्तु मनुष्यों की दृष्टि में महान है, वह परमेश्वर के निकट घृणित है।
- Amos 8:10 आमोस 8:10मैं तुम्हारे पर्वों के उत्सव दूर करके विलाप कराऊंगा, और तुम्हारे सब गीतों को दूर करके विलाप के गीत गवाऊंगा; मैं तुम सब की कटि में टाट बंधाऊंगा, और तुम सब के सिरों को मुंड़ाऊंगा; और ऐसा विलाप कराऊंगा जैसा एकलौते के लिये होता है, और उसका अन्त कठिन दु:ख के दिन का सा होगा।।
- Job 20:5–7 अय्यूब 20:5–7कि दुष्टों का ताली बजाना जल्दी बन्द हो जाता और भक्तिहीनों का आनन्द पल भर का होता है? चाहे ऐसे मनुष्य का माहात्म्य आकाश तक पहुंच जाए, और उसका सिर बादलों तक पहुंचे, तौभी वह अपनी विष्ठा की नाई सदा के लिये नाश हो जाएगा; और जो उसको देखते थे वे पूछेंगे कि वह कहां रहा?
- Revelation 3:17 प्रकाशितवाक्य 3:17तू जो कहता है, कि मैं धनी हूं, और धनवान हो गया हूं, और मुझे किसी वस्तु की घटी नहीं, और यह नहीं जानता, कि तू अभागा और तुच्छ और कंगाल और अन्धा, और नंगा है।
- Luke 8:53 लूका 8:53वे यह जानकर, कि मर गई है, उस की हंसी करने लगे।
- 1 Thessalonians 5:3 1 थिस्सलुनीकियों 5:3जब लोग कहते होंगे, कि कुशल हैं, और कुछ भय नहीं, तो उन पर एकाएक विनाश आ पड़ेगा, जिस प्रकार गर्भवती पर पीड़ा; और वे किसी रीति से बचेंगे।
- Revelation 18:7–11 प्रकाशितवाक्य 18:7–11जितनी उस ने अपनी बड़ाई की और सुख- विलास किया; उतनी उस को पीड़ा, और शोक दो; क्योंकि वह अपने मन में कहती है, मैं रानी हो बैठी हूं, विधवा नहीं; और शोक में कभी न पडूंगी। इस कारण एक ही दिन में उस पर विपत्तियां आ पड़ेंगी, अर्थात् मृत्यु, और शोक, और अकाल; और वह आग में भस्म कर दी जाएगी, क्योंकि उसका न्यायी प्रभु परमेश्वर शक्तिमान है। और पृथ्वी के राजा जिन्हों ने उसके साथ व्यभिचार, और सुख- विलास किया, जब उसके जलने का धुआं देखेंगे, तो उसके लिये रोएंगे, और छाती पीटेंगे। और उस की पीड़ा के डर के मारे दूर खड़े होकर कहेंगे, हे बड़े नगर, बाबुल! हे दृढ़ नगर, हाय! हाय! घड़ी ही भर में तुझे दण्ड मिल गया है। और पृथ्वी के व्यापारी उसके लिये रोएंगे और कलपेंगे क्योंकि अब कोई उन का माल मोल न लेगा।
- Philippians 4:12–13 फिलिप्पियों 4:12–13मैं दीन होना भी जानता हूं और बढ़ना भी जानता हूं: हर एक बात और सब दशाओं में तृप्त होना, भूखा रहना, और बढ़ना- घटना सीखा है। जो मुझे सामर्थ देता है उस में मैं सब कुछ कर सकता हूं।
- Luke 12:20 लूका 12:20परन्तु परमेश्वर ने उस से कहा; हे मूर्ख, इसी रात तेरा प्राण तुझ से ले लिया जाएगा: तब जो कुछ तू ने इकट्ठा किया है, वह किस का होगा?